फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   tendulkar played with a rib Injury

पसली में चोट के बावजूद तीन माह खेलते रहे सचिन तेंदुलकर, सांस लेने में होती थी परेशानी

Sat, 08 Oct 2016 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 08 Oct 2016 02:15 AM IST
विज्ञापन
 tendulkar played with a rib Injury
सचिन तेंदुलकर - फोटो : ..

क्रिकेट की दुनिया में दो दशक से ज्यादा समय तक राज करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का कहना है कि आपको अपनी कमजोरियों को विपक्षी टीम पर जाहिर नहीं करना चाहिए। उन्होंने यहां मैराथन के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आप अपनी कमजोरियों को उजागर नहीं कर सकते। 

विज्ञापन


एक बार मुझे पसली में तेज गेंद लगी। गेंदबाज मुझे घूर रहा था और मैं गेंदबाज को घूर रहा था। दर्द इतना था कि मैं सांस भी नहीं ले पा रहा था लेकिन मैंने इसकी भनक तक विपक्षी गेंदबाज को नहीं लगने दी। तीन माह बाद मुझे स्कैन से पता लगा कि मेरी पसली में चोट लगी थी। 
विज्ञापन


सचिन ने कहा कि मैंने कभी विरोधी को यह अहसास नहीं होने दिया कि मैं थका हुआ हूं। कभी हार नहीं माननी चाहिए। अगर आपने अपने प्रतिद्वंद्वी को अपनी कमजोरी का अहसास करा दिया तो वह उसको भुनाने की कोशिश करेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रनिंग का फिटनेस पर बड़ा सकारात्मक असर रहा

 tendulkar played with a rib Injury
सचिन तेंदुलकर - फोटो : getty
सचिन ने कहा कि रनिंग का मेरी फिटनेस पर बड़ा सकारात्मक असर रहा। मैदान पर क्षेत्ररक्षण करते समय भी मैं चहल-कदमी करता रहता था। विकेटों के बीच की दौड़ के बारे में कहा कि सिर्फ गति की बात नहीं इसमें दौड़ना और वापस मुड़ना भी महत्वपूर्ण होता है।

सचिन ने कहा कि आजकल फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आज ट्रेनिंग के विभिन्न तरीके आ गए हैं। यह समय की जरूरत है। भारतीय टीम दुनिया की श्रेष्ठ टीमों में से है। ऐसा नब्बे के दशक में नहीं था। ढांचागत सुविधाएं बढ़ी हैं। आज खिलाड़ी फील्डिंग के समय डाइव लगाना सीख गए हैं। खिलाड़ियों को यह भी पता कि क्या खाना चाहिए और कब खाना चाहिए। 

मास्टर ब्लास्टर ने यह भी सलाह दी कि चुनौतियों और मुश्किलों से कभी घबराना नहीं चाहिए। मैं मैदान पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहता था। मैं मैदान पर बारह घंटे तक ट्रेनिंग और खेल में समय बिताता था। यह रूटीन बन गया था।   
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed