भारत के सबसे सफल क्रिकेटर्स में से एक युवराज सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि युवराज ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी भारत की ओर से खेलने की संभावना नहीं है। ऐसे में पंजाब का यह खब्बू बल्लेबाज बीसीसीआई से स्वीकृति मिलने के बाद कभी भी इस खेल को अलविदा कह सकता है।
युवराज इस साल IPL में मुंबई इंडियन्स की ओर से खेले, लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले। शायद यही कारण है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। संन्यास के बाद युवी आईसीसी से स्वीकृत विदेशी टी-20 लीग में फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर खेल सकते हैं।
इसके लिए युवराज सिंह को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहना होगा। इसके बाद ही बीसीसीआई इन टी-20 लीग में खेलने की इजाजत देगी। 37 वर्षीय इस खिलाड़ी ने इसके लिए बीसीसीआई से अनुमति मांगी है। इस बीच कुछ लोगों का मानना है कि अगर जहीर खान और वीरेंद्र सहवाग दुबई में टी-10 लीग में खेल सकते हैं तो फिर युवी को अनुमति क्यों नहीं मिल सकती।
इस मामले की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने रविवार को पीटीआई को बताया, ‘युवराज सिंह अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास के बारे में सोच रहा है। उसके बीसीसीआई से बात करने और जीटी-20 (कनाडा), आयरलैंड में यूरो टी-20 स्लैम और हॉलैंड में खेलने पर अधिक स्पष्टता मांगने की उम्मीद है क्योंकि उसके पास पेशकश हैं।’
इरफान पठान ने हाल में कैरेबियाई प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में अपना नाम दिया था, लेकिन वह अब भी सक्रिय प्रथम श्रेणी खिलाड़ी हैं और उन्होंने बीसीसीआई से स्वीकृति नहीं ली। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, ‘इरफान को ड्राफ्ट से नाम वापस लेने को कहा गया। जहां तक युवराज का सवाल है तो हमें नियम देखने होंगे। अगर वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले भी लेता है तो भी बीसीसीआई के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय टी20 खिलाड़ी हो सकता है।’