हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए नई गाइड लाइन जारी की थी। चेतावनी दी गई थी कि टीम प्रबंधन द्वारा निर्धारित फिटनेस मानकों पर खरा उतरना होगा और ऐसा नहीं करने की स्थिति में उनके मासिक वेतन से 15 प्रतिशत राशि काट ली जाएगी। अब इस फरमान का असर पाकिस्तानी क्रिकेटर्स पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
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फिटनेस टेस्ट देने पहुंचे पाकिस्तानी क्रिकेटर्स
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दरअसल, पीसीबी ने फिटनेस टेस्ट के लिए 6 और 7 जनवरी को 19 खिलाड़ियों को बुलाया था, लेकिन सिर्फ नौ खिलाड़ी ही फिटनेस टेस्ट में शामिल हुए। इनकी रिपोर्ट भी बोर्ड ने अभी जारी नहीं की। फिटनेस टेस्ट शामिल न होने वाले खिलाड़ियों ने अलग-अलग बहाने बनाए हैं। माना जा रहा है कि सैलरी कटने के डर से ही कई खिलाड़ी टेस्ट देने कराची नहीं आए।
विश्व कप में खराब प्रदर्शन और फिर घरेलू सीरीज में श्रीलंका से मिली मात के बाद नए कोच मिसबाह-उल-हक ने कई नए नियम टीम पर लागू किए थे। खिलाड़ियों की फिटनेस सुधारने के लिए ही उन्होंने बिरयानी और मिठाई खाने पर रोक लगा दी थी।
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड
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नए फिटनेस कार्यक्रम के तहत जरूरी न्यूनतम फिटनेस हासिल करने में असफल रहने पर खिलाड़ियों के मासिक वेतन से 15 प्रतिशत राशि काट लेने का प्रावधान है, जबकि बार-बार ऐसा करने की स्थिति में उस खिलाड़ी का ग्रेड घटा देने का भी फैसला लिया गया था।
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सरफराज अहमद
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कराची में दो दिन चले फिटनेस टेस्ट में खुद टेस्ट कप्तान अजहर अली ही मौजूद नहीं थे। बांग्लादेश प्रीमियर लीग खेल रहे मोहम्मद आमिर, वहाब रियाज और शादाब खान भी कराची नहीं पहुंचे। बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, इमाम उल हक, आबिद अली, असद शफीक, शान मसूद, मोहम्मद अब्बास, इमाद वसीम और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ही इसमें शामिल हुए थे।