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क्या डर था, जिसने टीम इंडिया को दिलाई जीत?
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 26 Jun 2013 12:14 PM IST
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इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया वाकई एक चैंपियन की तरह खेली। नौजवान खिलाड़ियों का प्रदर्शन लाजवाब रहा।
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लेकिन एक डर भी था, जिसने टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका अदा की। यह डर था स्पॉट फिक्सिंग के भूत का।
आईपीएल को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ, वह हर खिलाड़ी को परेशान कर रहा था। टीम इंडिया के इंग्लैंड रवाना होते ही टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों को याद दिलाया कि प्रोफेशनल क्रिकेटर के रूप में उन पर क्या-क्या जिम्मेदारी है।
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टीम को यह डर सता रहा था कि अगर इस टूर्नामेंट में उसने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो आईपीएल को लेकर पहले से नाराज मीडिया और जनता उसे नहीं बख्शेंगे।
फिक्सिंग की समस्या को दूर रखने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई थीं, लेकिन खिलाड़ियों को इन पर कोई एतराज नहीं था। उनके हर कदम पर निगाह रखी जा रही थी। इन पाबंदियों को लेकर वे आपस में जरूर बात कर रहे थे, लेकिन शिकायत जैसी कोई बात नहीं थी।
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इससे पहले 2011 में जब टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरा किया था, तो वह मैच जीतने के लिए तरस गई थीं। चैंपियंस ट्रॉफी में जीत ने पिछला हिसाब भी चुकता कर दिया है।
साथ ही टूर्नामेंट की मियाद काफी कम थी, इसलिए खिलाड़ियों को अपनी पत्नी को साथ न ले जाने की सलाह दी गई थी। केवल उमेश यादव की पत्नी साथ गईं, क्योंकि उनकी शादी हाल में हुई है।
ऐसी खबरें भी मिलीं कि कुछ खिलाड़ियों ने नाइट क्लब में जाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने इसकी मंजूरी नहीं दी।