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गुरु बनें द्रोणाचार्य, आगे आए गौतम गंभीर और विराट कोहली के कोच
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 May 2018 04:05 AM IST
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द्रोणाचार्य अवॉर्ड
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क्रिकेट की दुनिया के दो ऐसे कोच जिन्होंने शिखर धवन, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, ऋषभ पंत, अमित मिश्रा, मनोज प्रभाकर, सुरिंदर खन्ना, रमन लांबा जैसे क्रिकेटर देश को दिए। दोनों कोच तारक सिन्हा और संजय भारद्वाज को देखा भी सम्मान की दृष्टि से जाता है, लेकिन गुरु को मिलने वाला द्रोणाचार्य अवॉर्ड उनसे दूर ही बना हुआ है।
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इस बार अपने गुरुओं को यह अवॉर्ड दिलाने का बीड़ा उनके नामी शिष्यों ने उठाया है। भारद्वाज के लिए खेल मंत्रालय को उनका नाम जहां गौतम गंभीर ने भेजा है, वहीं सिन्हा के नाम की सिफारिश विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा ने की है।
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सिन्हा को क्रिकेट कोचिंग से जुड़े 40 साल से ऊपर हो गए हैं, लेकिन वह आज भी सोनेट क्लब में क्रिकेट प्रतिभाओं को तराशने में लगे हैं। सिन्हा 2001-02 में उस भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रह चुके हैं, जिसमें मिथाली राज और झूलन गोस्वामी ने अपने कैरियर की शुरूआत की। उनकी कोचिंग में दिल्ली 1985-86 में रणजी चैंपियन बनीं।
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अब खन्ना, धवन, पंत, प्रभाकर, नेहरा, लांबा के अलावा अतुल वासन, अजय शर्मा, संजीव शर्मा, रंधीर सिंह, आकाश चोपड़ा, अंजुम चोपड़ा उनके अन्य ऐसे शिष्य हैं, जिन्होंने टीम इंडिया में दस्तक दी। राजकुमार खुद उनके शिष्य रह चुके हैं और द्रोणाचार्य अवॉर्डी भी हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपने गुरु को यह अवॉर्ड दिलाने के लिए खुद उनका नाम आगे बढ़ाया।
गंभीर के कोच संजय भारद्वाज दिल्ली के लिए रणजी खेल चुके हैं और लंबे समय से भारतनगर क्रिकेट अकादमी में कोचिंग दे रहे हैं। गंभीर ने अर्जुन अवॉर्डी की हैसियत से अपने गुरु को द्रोणाचार्य बनाने की वकालत की है। लेग स्पिनर अमित मिश्रा, जोगिंदर शर्मा, उन्मुक्त चंद और इस बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के उद्घाटक बल्लेबाज मंजोत कालरा भारद्वाज के शिष्य हैं।
सिर्फ पांच क्रिकेट कोच बने हैं द्रोणाचार्य
बीसीसीआई राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड के लिए तो खेल मंत्रालय को क्रिकेटरों के नाम भेजती है, लेकिन द्रोणाचार्य के लिए नाम आगे नहीं बढ़ाती। इस बार द्रविड का नाम भेजने की चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बोर्ड ने सिन्हा, भारद्वाज का नाम आज तक आगे नहीं बढ़ाया।
अंतिम बार उसने अंशुमन गायकवाड़ का नाम भेजा था। अब तक मनिंदर सिंह, अजय जडेजा के कोच गुरचरण सिंह, कपिल देव, चेतन शर्मा के कोच देशप्रेम आजाद, सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत अचरेकर, कई महिला क्रिकेटर देने वाली सुनीता शर्मा, विराट के कोच राजकुमार को ही यह अवार्ड मिला है।