{"_id":"5c4af4fabdec2259c0069282","slug":"vinod-rai-says-bcci-ceo-rahul-johri-gender-counselling-matter-will-be-dealt-within-10-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीईओ राहुल जौहरी की काउंसलिंग मामले में 10 दिन में फैसलाः विनोद राय","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
सीईओ राहुल जौहरी की काउंसलिंग मामले में 10 दिन में फैसलाः विनोद राय
Fri, 25 Jan 2019 05:07 PM IST
Mukesh Jha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mukesh Jha
Updated Fri, 25 Jan 2019 05:07 PM IST
विज्ञापन
राहुल जौहरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने शुक्रवार को कहा कि बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी की लैंगिक जागरुकता कक्षाओं के लिए 10 दिनों में एजेंसी की नियुक्ति कर दी जाएगी। जौहरी पर कथित रूप से यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था जिसके बाद जांच समिति ने उनके लिए लैंगिक जागरुकता कक्षाओं के आयोजन का सुझाव दिया था।
विज्ञापन
जौहरी को नवंबर में इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया गया लेकिन तीन सदस्यीय जांच समिति की सदस्य वीणा गौड़ा ने उनके आचरण को 'गैरपेशेवर और अनुचित' मानते हुए उनके लिए लैंगिक जागरुकता कक्षाओं को जरूरी बताया था। राय ने कहा, 'जांच समिति की सिफारिश के मुताबिक बीसीसीआई की यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति (पीओएसएच) की देखरेख में लैंगिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन होगा और यह काम बिना किसी देरी के होगा। मैं उम्मीद कर रहा हूं की यह अगले 10 दिनों में शुरू हो जाएगा।'
विज्ञापन
राय ने यह साफ किया कि जौहरी को ऐसी कक्षाओं में भाग लेने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा, 'सीईओ लैंगिक जागरुकता कार्यक्रम में भाग लेना चाहते है। इसमें कोई परेशानी नहीं है।' सीओए हार्दिक पांड्या और केएल राहुल द्वारा एक टीवी शो पर की गई महिला विरोधी बयानबाजी के मद्देनजर भारतीय टीम के लिए भी ऐसी कक्षाओं का आयोजन करना चाहते थे लेकिन जोहरी के मामले में अभी तक यह कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
सीईओ की एक अन्य सदस्य डायना एडुल्जी ने भी राय के कदम का स्वागत किया है। इस मामले में देरी की एक वजह लैंगिक जागरुकता कार्यक्रम के तहत कक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के चयन पर राय और एडुल्जी में सहमति नहीं होना भी है। एडुल्जी यह नहीं चाहती थी कि जिस कंपनी (कैपग्रो) ने बीसीसीआई कर्मचारियों के पीओएसएच को प्रशिक्षण दिया था वह सीईओ की कक्षाएं लें। इसके बाद गौड़ा को ऐसी दो एजेंसियों के नाम का सुझाव देने के लिए कहा गया था। इनपुट-भाषा