सौरव गांगुली, वह नाम जिसने भारतीय क्रिकेट को लड़ना सिखाया, टीम जब मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोपों से घिरी हुई थी तब कप्तानी संभाली और खिलाड़ियों में नया जोश भरा। 'दादा' के नाम से मशहूर टीम इंडिया के इस पूर्व कप्तान ने मैदान के भीतर भी जमकर 'दादागिरी' दिखाई। उनका आक्रामक अंदाज, दूरदृष्टिता और टीममेट्स पर विश्वास जताने जैसी खासियतों ने भारतीय क्रिकेट इतिहास को कई बड़े खिलाड़ी दिए।
बताने में गर्व होता है कि वीरेंद्र सहवाग, एमएस धोनी जैसे क्रिकेटर्स सौरव गांगुली की ही देन है। 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' ने न सिर्फ दोनों पर भरोसा जताया बल्कि नया आत्मविश्वास भी भरा। बाद बाकि जो हुआ वह भारतीय क्रिकेट का सुनहरा इतिहास कहलाता है। वीरेंद्र सहवाग टेस्ट तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। बाद में एक और तिहरा शतक भी लगाया तो आगे चल कर कैसे झारखंड के माही ने भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभाली।
युवाओं को आगे बढ़ाने और मौका देने वाले सौरव गांगुली ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कई खुलासे किए। दादा ने बताया कि कैसे उन्होंने नजफगढ़ से आने वाले, लोअर ऑर्डर बल्लेबाज सहवाग को पहचाना और ओपनिंग के लिए तैयार किया। 'ब्रेकफास्ट विथ चैंपियंस' में इसका भी जिक्र मिलता है कि मुंबई-दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई जैसे बड़े शहरों से इतर झारखंड जैसे राज्य से धोनी के रूप में कैसे एक कोहिनूर टीम को मिला।
विदेशी दौरे पर सहवाग के चयन को लेकर गांगुली एक बार अड़ गए। लोगों ने उनसे कहा कि आप इसे क्यों अपने साथ ले जाना चाहते हैं? वह बाउंसर्स नहीं झेल पाएगा। वह इसके सिर गेंद मारेंगे और मैंने कहा कि आप बिना मौका दिए किसी को जज नहीं कर सकते मैं अपनी बात पर टिका रहा। फिर अपनी पहली ही विदेशी सीरीज में सहवाग ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाकर मेरा भरोसा बनाए रखा।
इसके बाद एक बार टीम में कुछ ऐसे हालात पैदा हुए कि मध्यक्रम में सहवाग के लिए कोई जगह नहीं थी। मैंने एक दिन उससे कहा, 'वीरू तुम ओपन क्यों नहीं करते। बेंच पर बैठकर टीम में जगह नहीं बनाई जा सकती। सलामी बल्लेबाजी कोई ऐसी कला नहीं जो खिलाड़ी सीखकर पैदा होता है। उसने हिचकिचाते हुए मुझे जवाब दिया मैंने जिंदगी में कभी ओपन नहीं किया। दिल्ली के लिए रणजी में 5-6 क्रम पर ही बल्लेबाजी की है। अगर मैं आउट हो गया फिर क्या होगा? मैंने न सिर्फ वीरू के अंदर विश्वास जगाया बल्कि टीम में उसकी जगह बनाने के लिए बल्लेबाजी क्रम में खुद नीचे आया। सहवाग ने न सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ पारी की शुरुआत की बल्कि सैकड़ा भी जड़ा।