INDvAUS: टीम इंडिया ने एडिलेड में जीता एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट, चौंका देंगे ये रिकॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में 6 दिसंबर से चार मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया का एडिलेड पर रिकॉर्ड विशेष तो नहीं है, लेकिन उसने यहां एकमात्र ऐतिहासिक जीत जरूर दर्ज की है। आज हम आपको एडिलेड ओवल के मैदान पर भारतीय टीम के पूरे टेस्ट रिकॉर्ड की जानकारी देने जा रहे हैं। चलिए गौर करते हैं:
1947-48: एक पारी और 16 रन की करारी हार
टीम इंडिया ब्रिस्बेन में एक पारी की हार और फिर सिडनी में टेस्ट ड्रॉ कराकर एडिलेड पहुंची। सिडनी में तो डॉन ब्रेडमैन के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल 107 रन पर आउट हो गई थी। टीम इंडिया से उम्मीदें बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी, लेकिन डॉन ब्रेडमैन ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। डॉन ने दोनों पारियों में शतक जमाया और इयान जॉनसन ने आठ विकेट झटके।
1967-68: 146 रन की करारी शिकस्त
इस दौरे पर चयन विवाद हुआ और पहले ही मैच में टीम इंडिया को 146 रन की शिकस्त सहनी पड़ी। सैयद आबीद अली ने टेस्ट डेब्यू में शानदार शुरुआत करते हुए 55 रन देकर 6 विकेट झटके। ऑस्ट्रेलिया की टीम 335 रन पर ढेर हो गई। टीम इंडिया ने जवाब में 307 रन बनाए। मैच में भारत की पकड़ नजर आ रही थी, लेकिन कप्तान बॉब सिम्प्सन और बॉब काउपर के शतकों ने मेहमान टीम को 398 रन की मुश्किल लक्ष्य दिया। जवाब में टीम इंडिया 251 रन पर सिमट गई और मुकाबला गंवा बैठी।
1980-81: ड्रॉ
टीम इंडिया का यह एडिलेड के मैदान पर पहला ड्रॉ मुकाबला रहा। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी की और किम ह्यूज 213 व ग्रीम वुड 125 की दमदार पारी के दम पर 528 रन बनाए। टीम इंडिया ने भी जोरदार पलटवार किया और 419 रन बनाए। संदीप पाटिल ने 174 जबकि चेतन चौहान ने 97 रन की आकर्षक पारी खेली। कंगारू टीम ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 221 रन के स्कोर पर घोषित की और भारत को 331 रन का लक्ष्य दिया। टीम इंडिया ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और एक समय वह हार के नजदीक भी पहुंची, लेकिन कर्सन घावरी और शिवलाल यादव ने मैच ड्रॉ कराया।
1985-86: ड्रॉ
यह सीरीज ड्रॉ के साथ शुरू हुई। डेविड बून और ग्रेग रिट्ची ने शतक जमाकर ऑस्ट्रेलिया को 381 रन के स्कोर पर पहुंचाया। भारत की तरफ से कपिल देव ने 106 रन देकर आठ विकेट झटके। जवाब में सुनील गावस्कर ने नाबाद 166 रन बनाए, जिसकी मदद से टीम इंडिया ने 520 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में बिना विकेट गंवाए 17 रन बनाए।
1991-92: अजहरुद्दीन की टीम ने झेली करारी हार
ब्रिस्बेन और मेलबर्न में टेस्ट गंवाने के बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने सिडनी में किसी तरह मैच ड्रॉ कराया। उसे सीरीज में बराबरी करने के लिए चौथा और पांचवां टेस्ट जीतना जरूरी था। हालांकि, ऐसा संभव नहीं हुआ और भारत को 38 रन की करारी शिकस्त सहनी पड़ी। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 145 रन पर ही सिमट गई थी। फिर दूसरी पारी में 333 रन बनाकर भारत के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा। टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतने में नाकाम रही और कप्तान अजहरुद्दीन की पारी पर पानी फिर गया।
1999-00: 285 रन की करारी शिकस्त
स्टीव वॉ और रिकी पोंटिंग के दमदार शतकों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में पहली पारी में 441 रन बनाए। फिर ग्लेन मैक्ग्रा, डेमियन फ्लेमिंग और शेन वॉर्न ने भारत को दोनों पारियों में जल्दी-जल्दी आउट किया व 285 रन के विशाल अंतर से मुकाबला जीता।
2003-04: भारत की एडिलेड पर ऐतिहासिक जीत, द्रविड़ चमके
राहुल द्रविड़ ने भारत की पहली पारी में 223 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और लक्ष्मण के साथ 303 रन की साझेदारी की। इससे पहले मेजबान टीम ने रिकी पोंटिंग के 242 दोहरे शतक की बदौलत 556 रन बनाए थे। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज अजित अगरकर ने दूसरी पारी में कमाल दिखाया और 6 विकेट झटके। टीम इंडिया को 230 रन का लक्ष्य मिला। भारत ने द्रविड़ के शॉट के दम पर एडिलेड के मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया में भारत ने 22 साल के बाद पहली जीत दर्ज की थी।
2007-08: ड्रॉ
वाका पर शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया का लगातार 17वीं जीत दर्ज करने का ख्वाब अधूरा रह गया। इसके बाद एडिलेड में भी टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन किया। तेंदुलकर ने 39वां टेस्ट शतक जमाया जबकि वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह ने अर्धशतक जमाए। इसकी मदद से भारत ने 526 रन बनाए। जवाब में हेडन, पोंटिंग और माइकल क्लार्क ने भी शतक जमाए और ऑस्ट्रेलिया ने 31 रन की बढ़त हासिल की। सहवाग ने दूसरी पारी में 151 रन की बेहतरीन पारी खेली और यह मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ।
2011-12- 298 रन की हार
टीम इंडिया के लिए यह साल बेहद खराब गुजरा। पहले इंग्लैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के हाथों महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली टीम इंडिया को करारी शिकस्त सहनी पड़ी। माइकल क्लार्क के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी 7 विकेट खोकर 604 रन के स्कोर पर घोषित की। जवाब में टीम इंडिया 272 रन पर ऑलआउट हुई। फिर कंगारू टीम ने दूसरी पारी 5 विकेट पर 167 रन के स्कोर पर घोषित की। भारतीय टीम 201 रन पर ढेर हुई और विशाल अंतर से मुकाबला गंवा बैठी।
2014-15: विराट के शतक नाकाम, टीम इंडिया ने झेली 48 रन की शिकस्त
टीम इंडिया से महेंद्र सिंह धोनी की छुट्टी का यही समय था। अब टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी की और 7 विकेट पर 517 रन के स्कोर पर पहली पारी घोषित की। जवाब में टीम इंडिया ने कप्तान कोहली के शतक की मदद से 444 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 5 विकेट पर 290 रन के स्कोर पर घोषित की। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 315 रन पर ऑलआउट हुई। कोहली बतौर कप्तान डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज बने।