{"_id":"6995c83b90222acac008e9a3","slug":"supreme-court-seeks-cricketer-mohammad-shamis-reply-on-transfer-pleas-filed-by-his-estranged-wife-know-detail-2026-02-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shami-Hasin Jahan: हसीन जहां ने मामला दिल्ली ट्रांसफर कराने की याचिका दाखिल की, सुप्रीम कोर्ट का शमी को नोटिस","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Shami-Hasin Jahan: हसीन जहां ने मामला दिल्ली ट्रांसफर कराने की याचिका दाखिल की, सुप्रीम कोर्ट का शमी को नोटिस
Wed, 18 Feb 2026 07:40 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 18 Feb 2026 07:40 PM IST
सार
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है। हसीन जहां ने घरेलू हिंसा और गुजाराभत्ता से जुड़े मामले को कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर किए जाने की अपील की है।
विज्ञापन
मोहम्मद शमी-हसीन जहां
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद से जवाब तलब किया है। यह नोटिस उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर उन याचिकाओं पर जारी किया गया है, जिनमें घरेलू हिंसा सहित अन्य मामलों को पश्चिम बंगाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की अपील की गई है।
मामला कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने हसीन जहां की ओर से दाखिल दो अलग-अलग ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। शीर्ष अदालत ने शमी सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। ये याचिकाएं अधिवक्ता दीपक प्रकाश के माध्यम से दायर की गई हैं।
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 7 नवंबर को भी शमी को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस हसीन जहां द्वारा दायर उस याचिका पर था, जिसमें उन्होंने अपने और नाबालिग बेटी के लिए अंतरिम भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग की है। इस याचिका में उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट के 1 जुलाई और 25 अगस्त के आदेशों को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने शमी द्वारा पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी को 2.5 लाख रुपये अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। साथ ही बकाया राशि को आठ मासिक किस्तों में चुकाने की अनुमति भी दी थी।
विज्ञापन
साल 2018 में हसीन जहां ने कोलकाता के जादवपुर थाने में शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद क्रिकेटर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अदालत का रुख करते हुए अंतरिम भरण-पोषण की मांग की थी।
विज्ञापन
मामला कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने हसीन जहां की ओर से दाखिल दो अलग-अलग ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। शीर्ष अदालत ने शमी सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। ये याचिकाएं अधिवक्ता दीपक प्रकाश के माध्यम से दायर की गई हैं।
विज्ञापन
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 7 नवंबर को भी शमी को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस हसीन जहां द्वारा दायर उस याचिका पर था, जिसमें उन्होंने अपने और नाबालिग बेटी के लिए अंतरिम भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग की है। इस याचिका में उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट के 1 जुलाई और 25 अगस्त के आदेशों को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने शमी द्वारा पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी को 2.5 लाख रुपये अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। साथ ही बकाया राशि को आठ मासिक किस्तों में चुकाने की अनुमति भी दी थी।
विज्ञापन
साल 2018 में हसीन जहां ने कोलकाता के जादवपुर थाने में शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद क्रिकेटर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अदालत का रुख करते हुए अंतरिम भरण-पोषण की मांग की थी।