चोट नहीं दोस्त को मुक्का मारने की वजह से वापस भेजे गए थे शॉन मार्श!
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आईपीएल में एक बार फिर से सबसे फिसड्डी टीम साबित हो रही किंग्स इलेवन पंजाब टीम में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
किंग्ल इलेवन पंजाब की टीम के लिए आईपीएल का यह सत्र भी बहुत खराब रहा है जिसका असर खिलाड़ी और टीम प्रबंधन पर भी पड़ता दिख रहा है।
पिछले दिनों खबर आई थी कि विस्फोटक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज शॉन मार्श पीठ में चोट के कारण स्वदेश ऑस्ट्रेलिया लौट गए, लेकिन अब खबर है कि टीम के एक साथी के साथ ड्रेसिंग रूम में हुए जबर्दस्त झगड़े के बाद उन्हें टीम से बाहर करते हुए वापस भेज दिया गया। अंग्रेजी अखबार डक्कन क्रॉनिकल ने इसका खुलासा किया, लेकिन उस खिलाड़ी के नाम नहीं बताया जिसके साथ मार्श का झगड़ा हुआ था।
आईपीएल-9 में मार्श को इस बार बल्लेबाजी में संघर्ष करना पड़ रहा था। उनके बल्ले से 6 मैचों में 159 रन बने थे और उनके खराब फॉर्म का खामियाजा टीम को भी भुगतना पड़ा। उनके वापस जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज हाशिम अमला को टीम में शामिल किया गया। लेकिन टीम की किस्मत यहां भी नहीं बदली क्योंकि अमला का भी बल्ला नहीं चल रहा और वह संघर्ष करते दिख रहे।
खबरों के अनुसार, टीम नए कप्तान मुरली विजय के साथ एकजुट है। मुरली को लीग के बीच में ही यानी 6 मैच के बाद डेविड मिलर की जगह टीम का नया कप्तान बना दिया गया।
डेविड मिलर को कप्तानी पद से हटाए जाने से पहले टीम के ड्रेसिंग रूम में एक बड़ा झगड़ा हो गया। मार्श ने अपनी टीम के एक खिलाड़ी के साथ हुए झगड़े के बाद मुक्के से प्रहार किया था। सूत्रों के अनुसार हो सकता है कि यह झगड़ा कप्तानी में बदलाव को लेकर नहीं हुआ हो। हालांकि इस पूरे प्रकरण के बाद शॉन मार्श वापस लौट गए।
प्रीति जिंटा और कोच संजय के बीच भी झगड़े की आई थी खबर
आईपीएल में विवादों का नाता नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार टीम के अंदर झगड़े हुए हैं जिसमें कई झगड़े तो आम लोगों के बीच पहुंच ही नहीं सके। दिलचस्प यह है कि इसी टीम की मालकिन प्रीति जिंटा और कोच संजय बांगड़ के बीच खिलाड़ियों और स्टॉफ के सामने तीखी नोंक-झोंक की खबरें सामने आई थी। लेकिन दोनों ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है।
मार्श के लौटने के बाद पंजाब की टीम ने अपने अगले मैच में सिर्फ 3 विदेशी खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में जगह दिया था। मार्श की जगह मनन वोहरा को टीम में शामिल किया गया। नियम के अनुसार टीम किसी मैच में 4 विदेशी खिलाड़ी को अंतिम एकादश में रख सकता है जिसके लिए बाद में टीम को सफाई भी देनी पड़ी थी।
प्रीति जिंटा की टीम का प्रदर्शन इस बार भी बुरा दिख रहा है और 10 मैचों से 3 जीत के साथ उसके 6 अंक हैं। उम्मीद है कि टीम झगड़ों को भुलाकर अपने शेष मैचों में शानदार खेल दिखाकर अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश करेगी।