IND vs PAK: निर्णायक मैच में फिरकी गेंदबाजी में उलझ कर रह गए थे बल्लेबाज
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आज से ठीक 20 साल पहले भारत और पाकिस्तान के बीच अपने तरह की अनोखी वनडे सीरीज खेली गई थी कनाडा में। उतार-चढ़ाव वाले इस सीरीज का फैसला अंतिम मैच से हुआ था। बारिश के कारण सीरीज 2 दिन की देरी से शुरू हुआ। पहले यह सीरीज 14 सितंबर 1996 से शुरू होनी थी, लेकिन बारिश के कारण 2 दिन (16 सितंबर) की देरी से इस हाई-वोल्टेज सीरीज की शुरुआत हुई।
कनाडा के टोरंटो में खेली जा रही सीरीज की शुरुआत में सचिन तेंदुलकर की टीम इंडिया ने जीत के साथ शुरुआत की थी। 5 मैचों की सीरीज के 4 मैच के बाद मुकाबला 2-2 से बराबरी पर चल रहा था और अपनी तरह की इस अनोखी सीरीज का फैसला अब अंतिम मैच से होना था। दोनों टीमों पर निर्णायक जीत हासिल करने के लिए खासा दबाव था, उस समय किसी भी टीम को इस कट्टर प्रतिद्वंद्वी से हार बर्दाश्त नहीं थी।
सीरीज का पांचवां मैच 23 सितंबर, 1996 को खेला गया। इस मैच में भी फिरकी गेंदबाजों का जलवा दिखा। भारत की ओर से अनिल कुंबले ने तो पाक की ओर से मुश्ताक अहमद ने बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। पाकिस्तान के कप्तान वसीम अकरम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। आमिर सुहैल और सईद अनवर ने पाक पारी की शुरुआत की और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई।
कुंबले के तिहरे झटके से पाक की पारी लड़खड़ाई
पाक अभी संभलने की कोशिश कर रहा था कि कपूर ने इंजमाम-उल-हक (9) को भी कैच आउट करा दिया। भारतीय गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट झटकते रहे जिस कारण पाक टीम 50 ओवर में 9 विकेट पर 213 रन ही बना पाई। उसकी ओर से आमिर सुहैल (44) के बाद सबसे ज्यादा रन सलीम मलिक (43) ने बनाए। पाक के 2 बल्लेबाज शून्य पर भी आउट हुए।
भारत के लिए कुंबले ने 47 रन देकर 3 विकेट झटके जबकि एक बल्लेबाज को रन आउट किया। विकेटकीपर नयन मोंगिया ने 2 बल्लेबाजों को रन आउट कर वापस भेजा। भारत को मैच और सीरीज जीतने के लिए 214 रनों का अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य मिला।
मुश्ताक के 'पंजे' ने कर दी थी टीम इंडिया की हालत खराब
पाकिस्तान ने टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 214 रनों का लक्ष्य दिया था। पिछले मैचों में खराब शुरुआत के बाद ओपनिंग जोड़ी में बदलाव करते हुए सचिन तेंदुलकर के साथ अजय जडेजा को भेजा गया। इस नई जोड़ी के जरिए भारत की शुरुआत पाक की तुलना में शानदार रही।
भारत का पहला विकेट 46 रन के स्कोर पर गिरा जब तेंदुलकर 23 रन के निजी स्कोर पर रनआउट हो गए। इसके बाद जडेजा भी 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। तीसरे नंबर पर आए राहुल द्रविड़ 20 रन बनाकर चलते बने। फिरकी गेंदबाज मुश्ताक अहमद ने अपनी फिरकी में भारतीय बल्लेबाजों को इस कदर उलझाया कि 99 रन तक टीम के 7 विकेट गिर चुके थे। मध्य क्रम बुरी तरह से नाकाम रहा और सुनील जोशी (2), मोहम्मद अजहरुद्दीन (2), सौरव गांगुली (12), जवागल श्रीनाथ (2), नयन मोंगिया (10) और आशीष कपूर (18) सस्ते में पवेलियन लौटते चले गए।
पाक की ओर से 3 तो टीम इंडिया की ओर से 2 बल्लेबाज रन आउट हुए। पाक के फिरकी गेंदबाजों ने इस कदर गेंदबाजी की कि भारतीय पारी 45.5 ओवर में 161 रन पर ही आउट हो गई। मुश्ताक के 5 विकेट के अलावा सकलैन मुश्ताक को 2 और आमिर सुहैल को एक विकेट हासिल हुआ। भारतीय पारी के 161 रन पर सिमटने से पाक ने यह मैच 52 रनों के बड़े अंतर से जीतने के साथ ही पहले सहारा कप पर कब्जा जमा लिया।
मुश्ताक अहमद को मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला तो शानदार गेंदबाजी के लिए अनिल कुंबले को मैन ऑफ द सीरीज के पुरस्कार से नवाजा गया। इस तरह से रोमांचक सीरीज के पहले संस्करण पर पाक की टीम ने कब्जा जमा लिया। सीरीज 3-2 के साथ खत्म हुई।