2007 विश्वकप के बाद संन्यास लेना चाहते थे सचिन, इस दिग्गज ने रोका
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भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपनी रिटायरमेंट को लेकर एक नया खुलासा किया है। सचिन ने बताया कि वह वेस्ट इंडीज में खेले गए 2007 आईसीसी वर्ल्ड कप की हार के बाद क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने का पूरा मन बना चुके थे, लेकिन वेस्ट इंडीज के दिग्गज बल्लेबाज सर विव रिचर्ड्स और उनके भाई अजित तेंदुलकर ने उन्हें रिटायरमेंट न लेने से रोक दिया था।
सचिन ने मिड डे को दिए इंटरव्यू में कहा कि ' वर्ल्ड कप 2007 में मिली हार के हबाद मैं दो दिन तक अपने होटल रूम से बाहर भी नहीं निकला था, मेरे लिए इस हार के बाद अगली सीरीज के लिए तैयारी करना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था।
रिटायर का फैसला जल्दबाजी में नहीं ले सकते
उन्होंने कहा कि 'मैं 23 मार्च का अपनी क्रिकेट करियर का सबसे बुरा दिन मानता हूं। पहले ही राउंड में बाहर होने के बाद मैं बहुत दुखी था। उस दौरान मैंने पूरा मन बना लिया था कि मैं अब आगे नहीं खेलूंगा। 23 मार्च को लेकर एक और बुरी याद जुड़ी है जिसमें 2003 का वर्ल्ड कप भी इस दिन खेला गया था जिसमें भारत 125 रनों से हार गया था।'
सचिन ने आगे कहा कि 'सर विव रिचर्ड्स ने मुझसे फोन कर 45 मिनट तक बात की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में हमेशा ही उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहता है। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है। इसलिए तुम अभी रिटायर का फैसला जल्दबाजी में नहीं ले सकते।'