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Sachin-Ganguly Friendship: सचिन ने गांगुली के पूरे कमरे में भर दिया था पानी, तैरता शूटकेस देख हैरान रह गए थे दादा
Thu, 07 Jul 2022 02:43 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 07 Jul 2022 02:43 PM IST
सार
सचिन ने बताया कि उन्होंने ही कप्तानी के लिए सौरव गांगुली का नाम आगे बढ़ाया था। इसके साथ ही उन्होंने वह घटना भी बताई जब उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के साथ मिलकर गांगुली के कमरे में पानी भर दिया था।
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सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की दोस्ती कई पड़ावों से गुजर चुकी है। बचपन में एक साथ क्रिकेट खेलने से लेकर भारतीय टीम में दावेदारी करने और जगह बनाने तक। इसके बाद साथ में कई बार शतकीय साझेदारियां करना और अब बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में गांगुली को देखना सचिन के लिए सुखद है। दोनों कई साल पहले क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी दोस्ती अभी भी बनी हुई है। गांगुली शुक्रवार के दिन 50 साल के हो रहे हैं। उनके जन्मदिन से पहले सचिन तेंदुलकर ने कई यादें साझा की हैं। सचिन ने बताया कि जब वो भारत के कप्तान थे, तब उन्होंने देखा था कि गांगुली के अंदर कप्तान बनने की बेहतर क्षमता है। इसी वजह से उन्होंने उपकप्तान के पद के लिए गांगुली का आगे बढ़ाया था और बाद में कप्तानी छोड़ी तो गांगुली को भारत की कमान मिली थी।
सौरव को चीजें संभालनी आती थीं
सचिन से जब पूछा गया कि गांगुली पांच साल तक भारत के कप्तान रहते हुए अपने खिलाड़ियों को कितनी छूट देते थे। तो इसके जवाब में सचिन ने कहा "सौरव एक महान कप्तान थे। उन्हें पता था कि संतुलन कैसे बनाए रखना है। खिलाड़ियों को कितनी छूट देनी है और उनके ऊपर कितनी जिम्मेदारियां डालनी हैं। जब वो कप्तान बने थे तो भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत थी, जो आगे चलकर भारत को मैच जिता सकें और भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएं।"
सचिन के अनुसार गांगुली ने कई विश्व स्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने कहा "उस समय हमें कई बेहतरीन खिलाड़ी मिले। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान, हरभजन सिंह और आशीष नेहरा इनमें से एक हैं। ये सब प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे, लेकिन इन खिलाड़ियों को भी अपना करियर बनाने के लिए समर्थन की जरूरत होती है, जो सौरव गांगुली ने उन्हें दी।"
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सौरव को चीजें संभालनी आती थीं
सचिन से जब पूछा गया कि गांगुली पांच साल तक भारत के कप्तान रहते हुए अपने खिलाड़ियों को कितनी छूट देते थे। तो इसके जवाब में सचिन ने कहा "सौरव एक महान कप्तान थे। उन्हें पता था कि संतुलन कैसे बनाए रखना है। खिलाड़ियों को कितनी छूट देनी है और उनके ऊपर कितनी जिम्मेदारियां डालनी हैं। जब वो कप्तान बने थे तो भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत थी, जो आगे चलकर भारत को मैच जिता सकें और भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएं।"
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सचिन के अनुसार गांगुली ने कई विश्व स्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने कहा "उस समय हमें कई बेहतरीन खिलाड़ी मिले। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान, हरभजन सिंह और आशीष नेहरा इनमें से एक हैं। ये सब प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे, लेकिन इन खिलाड़ियों को भी अपना करियर बनाने के लिए समर्थन की जरूरत होती है, जो सौरव गांगुली ने उन्हें दी।"
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सचिन ने आगे बढ़ाया था गांगुली का नाम
सचिन ने बताया "भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे में मैं कप्तान था और मैंने उपकप्तान के लिए सौरव गांगुली का नाम आगे बढ़ाया था। मैंने पहले उन्हें करीब से देखा था, उनके साथ क्रिकेट खेला था और मुझे पता था कि उनके अंदर भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने की क्षमता है। वो अच्छे कप्तान थे, इसी वजह से मैंने उनका नाम आगे बढ़ाया था। इसके बाद सौरव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कप्तान के रूप में उन्होंने जो हासिल किया, हम सब देख सकते हैं। उन्होंने ही भविष्य के कप्तान के लिए धोनी का नाम आगे बढ़ाया था।"
सचिन-गांगुली ने 26 शतकीय साझेदारियां की
सचिन और गांगुली की जोड़ी मैदान के बाहर भी एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझती थी। इसी वजह से भारत को इनसे बेहतर जोड़ी कभी नहीं मिली। दोनों ने साथ में 26 बार शतकीय साझेदारी की है और इनमें से 21 साझेदारियां सलामी बल्लेबाज के रूप में की हैं। इस पर सचिन ने कहा "मैंने और सौरव ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम की जरूरत के अनुसार हम अपना योगदान देना चाहते थे और भारत के लिए मैच जीतना चाहते थे। इसके अलावा हमनें कुछ और नहीं सोचा। हम लोगों के आभारी हैं कि उन्होंने हमें भारत की सबसे बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी माना।"
1991 में एक ही कमरे में रहे थे सचिन और गांगुली
सचिन ने बताया "1991 के दौरे में सौरव और मैं एक ही कमरे में रहे थे। हमने एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया। हम एक दूसरे को अंडर-15 के दिनों से जानते थे। इस वजह से हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी।" सचिन ने बताया कि घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार गांगुली के साथ समय बिताया था, लेकिन जब इंदौर में वो अंडर-15 कैम्प में साथ थे वो समय सबसे बेहतरीन था।
सचिन ने गांगुली के कमरे में भर दिया था पानी
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि उन्होंने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर गांगुली के कमरे में पानी भर दिया था। सचिन के साथ जतिन प्रंजपे और केदार गोडबोले भी थे। जब दोपहर के समय गांगुली सो रहे थे थो इन तीनों ने मिलकर गांगुली के कमरे में पानी भर दिया था। उनकी नींद खुली तो उन्हें कुछ समय नहीं आया कि क्या हो रहा है। शूटकेस को पानी में तैरता देख वो हैरान रह गए थे, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि इसमें सचिन, जतिन और केदार का हाथ था।
सचिन ने बताया "भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे में मैं कप्तान था और मैंने उपकप्तान के लिए सौरव गांगुली का नाम आगे बढ़ाया था। मैंने पहले उन्हें करीब से देखा था, उनके साथ क्रिकेट खेला था और मुझे पता था कि उनके अंदर भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने की क्षमता है। वो अच्छे कप्तान थे, इसी वजह से मैंने उनका नाम आगे बढ़ाया था। इसके बाद सौरव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कप्तान के रूप में उन्होंने जो हासिल किया, हम सब देख सकते हैं। उन्होंने ही भविष्य के कप्तान के लिए धोनी का नाम आगे बढ़ाया था।"
सचिन-गांगुली ने 26 शतकीय साझेदारियां की
सचिन और गांगुली की जोड़ी मैदान के बाहर भी एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझती थी। इसी वजह से भारत को इनसे बेहतर जोड़ी कभी नहीं मिली। दोनों ने साथ में 26 बार शतकीय साझेदारी की है और इनमें से 21 साझेदारियां सलामी बल्लेबाज के रूप में की हैं। इस पर सचिन ने कहा "मैंने और सौरव ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम की जरूरत के अनुसार हम अपना योगदान देना चाहते थे और भारत के लिए मैच जीतना चाहते थे। इसके अलावा हमनें कुछ और नहीं सोचा। हम लोगों के आभारी हैं कि उन्होंने हमें भारत की सबसे बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी माना।"
1991 में एक ही कमरे में रहे थे सचिन और गांगुली
सचिन ने बताया "1991 के दौरे में सौरव और मैं एक ही कमरे में रहे थे। हमने एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया। हम एक दूसरे को अंडर-15 के दिनों से जानते थे। इस वजह से हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी।" सचिन ने बताया कि घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार गांगुली के साथ समय बिताया था, लेकिन जब इंदौर में वो अंडर-15 कैम्प में साथ थे वो समय सबसे बेहतरीन था।
सचिन ने गांगुली के कमरे में भर दिया था पानी
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि उन्होंने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर गांगुली के कमरे में पानी भर दिया था। सचिन के साथ जतिन प्रंजपे और केदार गोडबोले भी थे। जब दोपहर के समय गांगुली सो रहे थे थो इन तीनों ने मिलकर गांगुली के कमरे में पानी भर दिया था। उनकी नींद खुली तो उन्हें कुछ समय नहीं आया कि क्या हो रहा है। शूटकेस को पानी में तैरता देख वो हैरान रह गए थे, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि इसमें सचिन, जतिन और केदार का हाथ था।