टूटा श्रीसंत के सब्र का बांध, करेंगे BCCI के खिलाफ बगावत
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स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में आजीवन बैन झेल रहे टीम इंडिया के गेंदबाज एस. श्रीसंत का बीसीसीआई से विवाद बढ़ता ही जा रहा है। वह क्रिकेट में फिर से सक्रिय होने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
श्रीसंत के सहयोगी एडी गिब्स ने बताया कि वह प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स के समक्ष अपनी बात रखेंगे। मीडिया को दिए एक बयान में गिब्स ने कहा कि 'श्रीसंत बीसीसीआई और आईसीसी के खिलाफ कोर्ट में जा सकते हैं। साथ ही हमारी खेल विशेषज्ञों से भी बातचीत चल रही है।'
आईपीएल के दौरान स्पॉटफिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया था
बता दें कि साल 2013 में आईपीएल के दौरान राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और उनके दो अन्य साथियों, अजीत चंदीला तथा अंकित चवाण, को हिरासत में लिया गया। इन सभी को आईपीएल के दौरान स्पॉटफिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया था।
बोर्ड की जांच में सभी आरोप सही पाए गए और श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, 2015 में दिल्ली की अदालत ने श्रीसंत को सबूत को अभाव में ‘मकोका’ एक्ट के तहत स्पॉटफिक्सिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया।
श्रीसंत ने अपना आखिरी वनडे मैच 2011 वर्ल्ड कप में खेला था, जिसमें भारतीय टीम को 28 साल जीत मिली थी। श्रीसंत को हाल ही में बीसीसीआई ने स्कॉटलैंड की टी-20 लीग में खेलने से भी रोक दिया गया था।