{"_id":"69f430ab7af3f28e7b0b1645","slug":"rithika-sri-became-tamil-nadu-s-first-registerd-transgender-cricket-umpire-set-an-example-know-story-2026-05-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गार्ड ने रोका तो बदल दी व्यवस्था: रितिका श्री तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर क्रिकेट अंपायर बनीं; पेश की मिसाल","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
गार्ड ने रोका तो बदल दी व्यवस्था: रितिका श्री तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर क्रिकेट अंपायर बनीं; पेश की मिसाल
Fri, 01 May 2026 10:19 AM IST
Sovit Chaturvedi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Fri, 01 May 2026 10:19 AM IST
सार
रितिका श्री तमिलनाडु की पहली पंजीकृत ट्रांसजेंडर क्रिकेट अंपायर बन गई हैं। रितिका ने बताया है कि उन्हें इसके लिए कितना संघर्ष करना पड़ा। आइए जानते हैं रितिका श्री के बारे में...
विज्ञापन
रितिका श्री
- फोटो : Amar Ujala Print
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाज में बदलाव की मिसाल पेश करते हुए 31 वर्षीय रितिका श्री तमिलनाडु की पहली पंजीकृत ट्रांसजेंडर क्रिकेट अंपायर बन गई हैं। लेकिन इसके पीछे संघर्ष और साहस की लंबी कहानी छिपी है। पिछले साल सितंबर में, कोयंबटूर के एक शैक्षणिक संस्थान में बतौर अंपायर अपने पहले मैच में पहुंचीं रितिका को सुरक्षाकर्मी ने गेट पर रोक दिया। गार्ड ने उन्हें वहां से भगा दिया। रितिका ने हिम्मत नहीं हारी और डटकर कहा कि वह अंपायरिंग के लिए आई हैं पर कोई नहीं माना। फिर अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर उन्हें मौका दिया। यह उनका पहला मैच था, मौका जो उनके लिए खुशी का होना चाहिए था वो अपमान में बदल गया।
विज्ञापन
रितिका ने कहा कि उस सुबह मैंने सवाल किया, एक ट्रांसजेंडर सामान्य जीवन क्यों नहीं जी सकता। उन्होंने लड़ाई लड़ी जिसमें कोयंबटूर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (सीडीसीए) ने साथ दिया। लैंगिक समानता के प्रति जारूकगता बढ़ाई। अब हर मैच से पहले वेन्यू को मैसेज जाता है कि रितिका श्री अंपायरिंग करेंगी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
'मैदान पर मुझे मैडम कहते हैं'
रितिका कहती हैं, मैदान पर मुझे मैडम कहकर पुकारा जाता है। मैंने एक भी टिप्पणी नहीं सुनी। अगले महीने रितिका तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन की अंपायर परीक्षा देंगी। शुरू में फॉर्म में थर्ड जेंडर का विकल्प नहीं था पर रितिका के प्रयास से इसमें बदलाव हुआ है और तीसरे लिंग का विकल्प जोड़ दिया गया।
रितिका कहती हैं, मैदान पर मुझे मैडम कहकर पुकारा जाता है। मैंने एक भी टिप्पणी नहीं सुनी। अगले महीने रितिका तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन की अंपायर परीक्षा देंगी। शुरू में फॉर्म में थर्ड जेंडर का विकल्प नहीं था पर रितिका के प्रयास से इसमें बदलाव हुआ है और तीसरे लिंग का विकल्प जोड़ दिया गया।
लॉकडाउन में गई जॉब तो चुनी अंपायरिंग
2019 में आईपीएल देखते हुए रितिका ने सोचा वह अंपायर बनेंगी। तब उनका नाम मुथु राज था। 2020 लॉकडाउन में आईटी जॉब चली गई तो उन्होंने सलेम जाकर अंपायरिंग शुरू की। हालांकि, लिंग बदलने के कारण साल भर क्रिकेट से दूर रहीं। वापसी पर अधिकारियों में तीसरे लिंग का विकल्प नहीं था। लेकिन सीडीसीए ने उनका शानदार रिकॉर्ड देखा और उन्हें शामिल कर लिया।
2019 में आईपीएल देखते हुए रितिका ने सोचा वह अंपायर बनेंगी। तब उनका नाम मुथु राज था। 2020 लॉकडाउन में आईटी जॉब चली गई तो उन्होंने सलेम जाकर अंपायरिंग शुरू की। हालांकि, लिंग बदलने के कारण साल भर क्रिकेट से दूर रहीं। वापसी पर अधिकारियों में तीसरे लिंग का विकल्प नहीं था। लेकिन सीडीसीए ने उनका शानदार रिकॉर्ड देखा और उन्हें शामिल कर लिया।