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DC vs RR: अंपायर से भिड़ने पर दिल्ली के खिलाड़ियों पर कार्रवाई, सहायक कोच प्रवीण आमरे पर एक मैच का बैन
Sat, 23 Apr 2022 12:57 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:57 PM IST
सार
राजस्थान के खिलाफ मैच के दौरान अंपायर से भिड़ने वाले दिल्ली के खिलाड़ियों पर कार्रवाई की गई है। सहायक कोच प्रवीण आमरे पर एक मैच का बैन लगाया गया है। वहीं, कप्तान पंत और शार्दुल की मैच फीस काटी गई है।
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ऋषभ पंत (बाएं) और अंपायर से बहस करते कोच आमरे (दाएं)
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
आईपीएल 2022 में दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच प्रवीण आमरे पर एक मैच का बैन लगाया गया है और उनकी पूरी मैच फीस भी काट ली गई है। कोच आमरे राजस्थान के खिलाफ मैच में अंपायर से भिड़ गए थे। आईपीएल आचार सहिंता के तहत इसे दूसरे लेवल का अपराध माना गया है और उन पर कार्रवाई की गई है। पंत पर मैच फीस का 100 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। वहीं, शार्दुल पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। राजस्थान के खिलाफ मैच के दौरान आमरे मैदान में जाकर अंपायर से बहस करने लगे थे, जबकि कप्तान पंत ने अपने बल्लेबाजों को वापस आने के लिए कह दिया था। वहीं शार्दुल ठाकुर भी अंपायर के फैसले से नाराज दिखे थे और कप्तान पंत का समर्थन कर रहे थे।
यह पूरा मामला मैच के आखिरी ओवर में हुआ था, जब मैकॉय की फुल टॉस गेंद बल्लेबाज के कमर से ऊपर थी, लेकिन अंपायर ने उसे नो गेंद नहीं दिया था। इस समय दिल्ली को जीत के लिए तीन गेंदों में 18 रन चाहिए थे, अगर अंपायर इसे नो गेंद करार देते तो दिल्ली के लिए मैच आसान हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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यह पूरा मामला मैच के आखिरी ओवर में हुआ था, जब मैकॉय की फुल टॉस गेंद बल्लेबाज के कमर से ऊपर थी, लेकिन अंपायर ने उसे नो गेंद नहीं दिया था। इस समय दिल्ली को जीत के लिए तीन गेंदों में 18 रन चाहिए थे, अगर अंपायर इसे नो गेंद करार देते तो दिल्ली के लिए मैच आसान हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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#DC #RRvsDC #RishabhPant #NoBall #IPL2022 #ChotiBachiHoKya No ball
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Pant
Gully Cricket 😅😅 #CSKvMI https://t.co/An15GnBaaN pic.twitter.com/Ad3XSgeS2T — Piyush A. Shejul (@piyuSHejul) April 22, 2022
क्या है पूरा मामला
दिल्ली को जीत के लिए आखिरी ओवर में 36 रन बनाने थे। राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने गेंदबाजी के लिए ओबेड मैकॉय को बुलाया। रोवमन पॉवेल ने शुरुआती तीन गेंदों पर छक्के लगा दिए। मैकॉय की तीसरी गेंद को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने फुल टॉस गेंद फेंकी जो देखने में नो-बॉल लग रही थी। अंपायर ने नो-बॉल नहीं दिया और थर्ड अंपायर से सलाह भी नहीं ली। इसे देखकर ऋषभ पंत भड़क गए।
बटलर ने पंत को समझाया
पंत ने अपने दोनों बल्लेबाजों रोवमन पॉवेल और कुलदीप यादव को बाहर आने के लिए कहा। पंत के पीछे से कई खिलाड़ी लगातार नो-बॉल की मांग कर रहे थे। पंत गुस्से में दिखाई दे रहे थे। बाउंड्री पर खड़े विपक्षी टीम के खिलाड़ी जोस बटलर उनके सामने गए और उन्हें समझाया। इसी बीच टीम के सहायक कोच प्रवीण आमरे मैदान में दौड़कर गए और अंपायर्स से बात करने लगे।
रोवमन पॉवेल जिस अंदाज में खेल रहे थे उसे देखकर लग रहा था कि वे छह गेंदों पर छह छक्के लगा सकते हैं। हालांकि, ऐसा करना काफी कठिन था और उसमें उन्हें सफलता भी नहीं मिली। अगली तीन गेंदों पर पॉवेल सिर्फ दो रन बना सके और आउट भी हो गए।
बहस से दिल्ली को नुकसान
रोवमन पॉवेल इस मैच में शानदार लय में थे और आखिरी ओवर की तीन गेंदों पर तीन छक्के लगा चुके थे। गेंदबाज दबाव में थे। इसी वजह से तीसरी गेंद नो बॉल होते-होते रह गई। ऐसे में पंत और दिल्ली के बाकी खिलाड़ियों के ड्रामे की वजह से मैच रुका और पॉवेल की लय टूट गई। वहीं गेंदबाज को आराम करने का मौका मिला और उनके ऊपर से दबाव कम हो गया। इसी वजह से अगली तीन गेंदों में सिर्फ दो रन बने और एक विकेट भी गिर गया।
बटलर ने पंत को समझाया
पंत ने अपने दोनों बल्लेबाजों रोवमन पॉवेल और कुलदीप यादव को बाहर आने के लिए कहा। पंत के पीछे से कई खिलाड़ी लगातार नो-बॉल की मांग कर रहे थे। पंत गुस्से में दिखाई दे रहे थे। बाउंड्री पर खड़े विपक्षी टीम के खिलाड़ी जोस बटलर उनके सामने गए और उन्हें समझाया। इसी बीच टीम के सहायक कोच प्रवीण आमरे मैदान में दौड़कर गए और अंपायर्स से बात करने लगे।
रोवमन पॉवेल जिस अंदाज में खेल रहे थे उसे देखकर लग रहा था कि वे छह गेंदों पर छह छक्के लगा सकते हैं। हालांकि, ऐसा करना काफी कठिन था और उसमें उन्हें सफलता भी नहीं मिली। अगली तीन गेंदों पर पॉवेल सिर्फ दो रन बना सके और आउट भी हो गए।
बहस से दिल्ली को नुकसान
रोवमन पॉवेल इस मैच में शानदार लय में थे और आखिरी ओवर की तीन गेंदों पर तीन छक्के लगा चुके थे। गेंदबाज दबाव में थे। इसी वजह से तीसरी गेंद नो बॉल होते-होते रह गई। ऐसे में पंत और दिल्ली के बाकी खिलाड़ियों के ड्रामे की वजह से मैच रुका और पॉवेल की लय टूट गई। वहीं गेंदबाज को आराम करने का मौका मिला और उनके ऊपर से दबाव कम हो गया। इसी वजह से अगली तीन गेंदों में सिर्फ दो रन बने और एक विकेट भी गिर गया।
ऋषभ पंत ने क्या कहा?
मैच समाप्त होने के बाद पंत ने कहा, "मुझे लगता है कि राजस्थान के गेंदबाज पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अंत में पॉवेल ने हमें मौका दिया। नो-बॉल हमारे लिए कीमती था, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। निराश हूं, लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। डगआउट में हर कोई निराश था। सबने देखा कि यह एक नो-बॉल था। मुझे लगता है कि तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था और उन्हें कहना चाहिए था कि यह नो-बॉल है। आमरे को मैदान पर भेजना जाहिर तौर पर सही नहीं था, लेकिन हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है।"
मैच समाप्त होने के बाद पंत ने कहा, "मुझे लगता है कि राजस्थान के गेंदबाज पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अंत में पॉवेल ने हमें मौका दिया। नो-बॉल हमारे लिए कीमती था, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। निराश हूं, लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। डगआउट में हर कोई निराश था। सबने देखा कि यह एक नो-बॉल था। मुझे लगता है कि तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था और उन्हें कहना चाहिए था कि यह नो-बॉल है। आमरे को मैदान पर भेजना जाहिर तौर पर सही नहीं था, लेकिन हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है।"