वनडे सीरीज को बराबरी लाने के लिए कोहली को चलना ही होगा
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बारिश के कारण भारत और बांग्लादेश के बीच एकमात्र टेस्ट मैच पूरा नहीं खेला जा सका था। इसके बाद वनडे सीरीज के पहले मैच में भी बारिश ने कुछ देर के लिए खलल डाली लेकिन प्रशंसकों के लिए राहत की बात रही कि यह मैच पूरा खेला गया जिसमें बांग्लादेश ने टीम इंडिया को हरा ही दिया।
ढाका के मीरपुर का शेरे-बंगाल स्टेडियम बांग्लादेश के लिए हमेशा से लकी रहा है और इसी मैदान पर इस टीम ने भारतीय टीम को दूसरी धुल चटाई है। तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मैच भी इसी मैदान पर रविवार को खेला जाना है।
सीरीज में 0-1 से पिछड़ रही टीम इंडिया इस मैच में जोरदार पलटवार के साथ ही बांग्लादेश के साथ सीरीज को बराबरी पर लाना चाहेगी। टीम इंडिया ने आज तक बांग्लादेश से एक भी सीरीज नहीं गवाई है, ऐसे में धोनी की टीम अपने इस रिकॉर्ड को कायम रखते हुए पूरे दमखम के साथ मैदान पर उतरना चाहेगी।
बांग्लादेश ने अपना पहला वनडे खेल रहे मुस्ताफिजुर रहमान के 5 विकेटों के कमाल के आगे पहले वनडे में धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया को 79 रनों से हराया था जो रनों के लिहाज से इस टीम की दूसरी सबसे बड़ी जीत रही। बांग्लादेश के लिए इस मैच में जहां पहले बल्लेबाजों ने फिर गेंदबाजों ने जोरदार खेल दिखाते हुए भारत को बड़ी हार के लिए मजबूर किया था।
कोहली की नाकामी बन रही टीम इंडिया के लिए मुसीबत
बांग्लादेश के हाथों लगातार दूसरी हार टालने के लिए टीम इंडिया को अपने बल्लेबाजों से काफी आस होगी क्योंकि उसकी मजबूत बल्लेबाजी पिछले मैच में बेदम साबित हो गई थी। टीम के कई बड़े खिलाड़ी सस्ते में पवेलियन लौट गए थे।
टीम की रन मशीन बन चुके विराट कोहली पहले मैच में महज एक रन बनाकर आउट हो गए थे। पिछले साल जनवरी (2014) से 12 बार ऐसे मौके आएं हैं जब कोहली 20 से कम रन बनाकर आउट हो गए और इस दौरान सिर्फ एक मैच में ही जीत मिली। जबकि इस दौरान उन्होंने 10 मैचों में 50 से ज्यादा का स्कोर किया तो उसमें टीम को 7 में जीत मिली। यानी टीम इंडिया को मैच में जीत हासिल करने के लिए उसे कोहली के बल्ले से निकले कीमती रन की दरकार होगी।
कोहली की नाकामी के अलावा अन्य बल्लेबाज भी नाकाम रहे। अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना और कप्तान धोनी को भी बड़ी पारी खेलनी होगी। टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी शिखर धवन और रोहित शर्मा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम को अच्छी शुरुआत भी दिलाते रहे हैं। इस निर्णायक मैच में भी भारत की इस तीसरी सबसे सफल जोड़ी से अच्छी शुरुआत की आस होगी।
साथ में आलराउंडर रवींद्र जडेजा और आर अश्विन को भी नाजुक मोड़ पर बड़ा योगदान देना होगा। भुवनेश्वर कुमार ने अंतिम ओवरों में कुछ देर क्रीज पर रहकर अच्छी बल्लेबाजी की थी जिससे टीम इंडिया 200 का स्कोर पार करने के साथ-साथ 100 रन से ज्यादा के बड़े अंतर से हार टालने में सफल रही।
मुकाबले में गेंदबाजों पर भी होगी अहम जिम्मेदारी
टीम इंडिया की बल्लेबाजों के बाद बारी गेंदबाजों की भी होगी। पिछले मैच में यह विभाग कमजोर रहा था और पहले 15 ओवर में एक भी विकेट नहीं झटक सका था जिसका फायदा उठाते हुए तमीम इकबाल और सौम्य सरकार ने 103 रनों की साझेदारी कर डाली। भारत के खिलाफ बांग्लादेश की यह सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी रही।
इन दोनों के अलावा शाकिब अल हसन ने भी अपनी टीम के लिए उपयोगी पारी खेली थी। भारतीय गेंदबाजों को कोशिश करनी होगी कि वे मेजबान बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलने का मौका न दें। भुवनेश्वर कुमार ने कुछ हद तक कीफायती गेंदबाजी की लेकिन मोहित शर्मा खासे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उमेश यादव के अलावा फिरकी गेंदबाज आर अश्विन और रवींद्र जडेजा को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना होगा।
भारतीय पारी के दौरान धोनी के गेंदबाज रहमान को धकियाने के विवाद के बाद दोनों की मैच फीस काट ली गई। पहले हार फिर धकियाने के बाद 75 फीसदी मैच फीस गंवाने से धोनी खासे आक्रामक हो सकते हैं। इस घटना के बाद दोनों टीमों के तनाव दिख सकता है और दोनों ही टीमें एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करेंगी।
बांग्लादेश इस जीत के साथ ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त लेना चाहेगा जबकि टीम इंडिया की नजर सीरीज को बराबरी पर लाने की होगी।