IPL प्रसारण अधिकार पाने की दौड़ में कूदीं 20 से ज्यादा कंपनियां
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आईपीएल ने पिछले सीजने आयोजन के दस साल पूरे किए। ग्यारहवां सीजन कई लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में टीमों, खिलाड़ियों के ट्रांसफर, खिलाड़ियों को रीटेन करने के साथ साथ प्रसारण अधिकार के बारे में निर्णय होना बाकी है। इससे पहले चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो ने प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं। ऐसे में कई प्रसारणकर्ता कंपनियों के बीच प्रसारण अधिकार हासिल करने की होड़ मची हुई है। ये अधिकार 2018 से 2022 तक पांच सीजन के लिए दिए जाने हैं। इसके लिए पूर्व प्रसारक सोनी सहित 20 कंपनियों दौड़ में शामिल हैं।
बीसीसीआई ने इसके लिए आवेदन की तारीख 28 अगस्त रखी थी लेकिन बैंकों की छुट्टियों और टैक्स जैसे अन्य कारकों की वजह से टेंडर भरने की अंतिम तिथि को 4 दिन बढ़ा दिया गया है। जिन कंपनियों ने अब तक प्रसारण अधिकार हासिल करने की इच्छा जताई है उसमें टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड, गल्फ डीटीएच, सुपर स्पोर्ट्स इंटरनेशल, ग्रुप एम मीडिया इंडिया, बीन आईपी, इकोनेट मीडिया ग्रुप, स्काई यूके, ईएसपीएन डिजिटल मीडिया, बीटीजी लीगल सर्विस, बीटी स्पोर्ट, ट्विटर, फेसबुक, डिसकवरी, एयरटेल और डीएजेडएन परफॉर्म ग्रुप शामिल हैं।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट यह निर्णय लेगी कि आईपीएल के मीडिया राइट्स टेंडर प्रॉसेस के जरिए बेचे जाएं या इसके लिए ई नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाए। राज्यसभा सांसद सुब्रमन्यन स्वामी इस बारे में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं उनका मानना है कि बीसीसीआई को ई नीलामी की प्रक्रिया ही अपनानी चाहिए। इससे इस काम में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस मामले की सुनवाई के दौरान उनके कोर्ट में उपस्थित रहने की संभावना है। स्वामी की इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा करेंगे। इस दौरान वह बीसीसीआई की बिहार क्रिकेट संघ के साथ चल रही रस्साकशी के मामले पर भी सुनवाई करेंगे।