टॉस नहीं, मैच का नतीजा भी निकला सिक्का उछालकर
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कभी आपने सुना है कि मैच का परिणाम सिक्का उछाल कर किया गया हो पर ऐसा हुआ है कि सिक्का उछाला और टीम को विजेता घोषित कर दिया।
उत्तर क्षेत्र और पूर्व क्षेत्र के बीच दिलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहली पारी पूरी न होने के कारण सिक्का उछालकर मैच का परिणाम निकाला गया।
उत्तर क्षेत्र के कप्तान हरभजन सिंह ने सिक्के की उछाल जीतकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। अब उत्तर क्षेत्र का 17 अक्टूबर को फाइनल में कोच्चि में ही दक्षिण क्षेत्र के साथ मुकाबला होगा। उत्तर और पूर्व क्षेत्र के बीच सेमीफाइनल में बारिश के कारण पहली पारी पूरी नहीं हो सकी।
कोच्चि में हुए मुकाबले में उत्तर क्षेत्र ने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 591 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में पूर्व क्षेत्र ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट खोकर 32 रन बनाए थे।
चार दिवसीय इस मैच में वर्षा के कारण पहले ही एक अतिरिक्त दिन जोड़ दिया गया था। लेकिन रविवार को पूरे दिन का खेल बारिश के कारण धुल गया जबकि सोमवार को मैच के अंतिम दिन मैदान गीला होने के कारण खेल की कोई संभावना नहीं रही।
आखिरकार अंपायरों ने मैच रद्द करने का फैसला किया। परिणाम के लिए सिक्के के उछाल का सहारा लिया गया और हरभजन सिंह पूर्व क्षेत्र के कप्तान नदीम शाहबाज को सिक्के के उछाल पर मात देने में कामयाब रहे।
पहले भी टॉस से हुए फैसले
ऐसा नहीं है सिक्का उछाल कर मैच का परिणाम निकाला गया है। इससे पहले रणजी ट्रॉफी में भी यह प्रयोग किया जा चुका है।
2004-2005 में रणजी क्रिकेट के प्लेट ग्रुप के सेमीफाइनल मुकाबले में सेना को हिमाचल प्रदेश पर टॉस से जीत दिलाई थी। इस मैच में महज 27 ओवर का ही खेल हो पाया था और इसके बाद लगातार बारिश के कारण आगे का मैच नहीं हो सका और सिक्का उछालकर परिणाम निकाल गया।