मैच के बाद शंकर ने कर लिया था खुद को कमरे में बंद, इस खिलाड़ी के कहने पर खोला दरवाजा
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श्रीलंका में खत्म हुए निदाहास ट्रॉफी में टीम इंडिया को आखिरी गेंद पर छक्का मारकर चैंपियन बनाने वाले दिनेश कार्तिक को लेकर इस वक्त हर ओर चर्चा हो रही है। लेकिन ऑलराउंडर विजय शंकर के बारे में भी सुर्खियों का बाजार उतना ही गर्म है। दरअसल फाइनल मुकाबले में मुस्ताफिजुर रहमान 18वां ओवर में करने आते हैं। इस ओवर में शंकर पहली चार बॉल पर अपना बल्ला तक नहीं लगा पाते हैं और पांचवीं बॉल पर किसी तरह एक रन लेने में कामयाब रहते हैं।
इसके बाद आखिरी गेंद पर मनीष पांडे मिडऑन पर कैच आउट हो जाते हैं। आखिरी दो ओवर में टीम इंडिया को जीतने के लिए 34 रन की दरकार रहती है और कार्तिक 8 बॉल पर 29 रन की पारी खेलकर खिताब पर भारत का कब्जा करवाने में कामयाब रहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर शंकर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि अगर कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का मारकर मैच न जिताया होता तो मेरा करियर खत्म होने के कगार पर पहुंच जाता।
शंकर ने किया बहुत ही चौंकाने वाला खुलासा
शंकर ने कहा, ''मैच के बाद मैंने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। मैं बहुत मायूस था, लेकिन जब बाद में कार्तिक मेरे पास आए और मेरे हौंसला बढ़ाया तो कुछ अच्छा लगा। कार्तिक के आने के ही वजह से मैं उस रात सो पाया। अगर यह मैच हम हार जाते तो इसका जिम्मेदार मैं ही होता। मैं शॉट नहीं मार पा रहा था और डॉट बॉल किए जा रहा था, जिसकी वजह से हमारे लिए मैच जीतना मुश्किल होता चला गया।
शंकर के समर्थन में उतरे कार्तिक
एक ओर जहां शंकर की आलोचना हो रही थी वहीं, कार्तिक ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उनके पास टेलेंट हैं। उन्होंने गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया। उनका भविष्य शानदार है, उनका एटिट्यूट अच्छा है साथ ही वह लंबे समय तक खेल सकता है।