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महेंद्र 'बाहुबली' धोनी: क्या ऐसी विदाई के हकदार हैं...

Sat, 27 Oct 2018 06:58 PM IST
अभिषेक निगम, अमर उजाला
अभिषेक निगम, अमर उजाला Updated Sat, 27 Oct 2018 06:58 PM IST
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ms dhoni really deserve this kind of farewell from bcci
एमएस धोनी

पवेलियन से नीचे उतरते हुए बाउंड्री लाइन पर पहुंचकर आसमान को देखना और फिर ग्लव्स से अपनी आंख और नाक पर हाथ लगाकर मैदान के अंदर आना। सिर हिलाना और फिर बल्ले से करीब तीन-चार बार स्ट्रेट ड्राइव की ड्रिल करके हाथ खोलना, विश्वास और अनोखी चाल के साथ क्रीज पर आना। फिर रूकना और बल्ले को गार्ड पर अड़ाकर फील्डिंग देखना व अपने ग्लव्स टाइट कर स्टांस लेना। धोनी के इस बेमिसाल अंदाज को देखने की आदत हो चुकी है। जो भी उनके अंदाज का कायल है, उसे बहुत जल्द इससे निजात पाना होगा। 

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भारतीय क्रिकेट को सफलता की बुलंदियों पर पहुंचाने वाले धोनी को टी20 टीम से ड्रॉप जो कर दिया गया है। 37 वर्षीय धोनी पहली बार टीम से बाहर हुए हैं। 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके धोनी को क्यों बाहर किया गया, इसके पीछे कई अनसुलझे सवाल हैं। क्या उनका खराब फॉर्म चिंता का विषय है? या फिर उम्र का बोझ खेल पर दिखने लगा? धोनी में अब मैच जिताने की कुव्वत नहीं बची? कहीं विराट-शास्त्री तो नहीं मान बैठे कि धोनी में अब दमखम नहीं? या फिर धोनी को आराम दिया गया है? युवा ऋषभ पंत के रूप में देश का भविष्य मिला, तो धोनी का ग्लव्स टांगने का समय तो नहीं आ गया?
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धोनी की उपलब्धियों से इस फैसले को आंका जाएं तो क्रिकेट प्रेमियों की निराशा जायज है। उपलब्धियां ऐसी, जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों का अधूरा सपना बनकर ही रह गया। कैप्टन कूल के खाते में आईसीसी की तीनों ट्रॉफियां (वर्ल्ड टी20, विश्वकप और चैंपियंस ट्रॉफी) दर्ज है। उन्होंने अपने नेतृत्व में भारतीय टीम को टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 पर भी पहुंचाया। व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स ने उनके करियर में चार चांद लगाए। धोनी में क्रिकेट का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। ये इस बात से साबित हो जाता है जब उनकी बेटी का जन्म हुआ तो धोनी अपनी पत्नी के साथ होने के बजाय टीम इंडिया को जीत दिलाने की योजनाओं में व्यस्त थे।
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अपार उपलब्धियों और खेल कौशल के धनी धोनी को टीम से बाहर करके यह संकेत दे दिए गए हैं कि 2019 विश्वकप उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम टूर्नामेंट होगा। 2020 वर्ल्ड टी20 में टीम इंडिया नए विकेटकीपर बल्लेबाज के साथ नजर आएगी! भारतीय क्रिकेट ने अच्छे संकेत दिए हैं कि वह भविष्य की चिंता में जुट चुका है और विकेट के पीछे एकछत्र राज करने वाले धोनी के विकल्प उनकी नजर में है। मगर सवाल यही है कि क्या धोनी इस तरह की विदाई के हकदार हैं?

धोनी की फिटनेस तो अव्वल दर्जे की है। पिछले कुछ समय से भले ही वो बल्ले से कमाल नहीं कर पा रहे हों, मगर विकेट के पीछे चलने वाला दिमाग कहीं न कहीं कप्तान विराट कोहली को फायदा ही पहुंचाता है। टी20 क्रिकेट में माही का प्रदर्शन भी अच्छा है। टीम इंडिया के 104 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 93 मुकाबले धोनी खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 127 के स्ट्राइक रेट से 1487 रन बनाए। वहीं विकेटकीपिंग में धोनी के नाम 54 कैच और 33 स्टंपिंग हैं। आईपीएल में भी धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा। इन आंकड़ों को देखकर धोनी को टीम से बाहर करना कहां तक जायज है!


भारतीय क्रिकेट में आमतौर पर महान खिलाड़ियों की इस तरह की विदाई देखी नहीं गई। चयन समिति ऐसी स्थिति में क्रिकेटर के संन्यास की घोषणा का इंतजार करती है। धोनी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। ऐसे में उन्हें टीम में नहीं चुना जाना उनके संन्यास की अटकलों को बल देता है। चयन समिति का यह बोलना कि धोनी टी20 नीति का हिस्सा हैं, क्या वाकई यह बयान हजम होने वाला लगता है? अब इंतजार उस सच्चाई का है, जो सामने आए कि किस आधार पर धोनी को बाहर किया गया और क्या वाकई वह इस तरह की विदाई के हकदार हैं...

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