{"_id":"61fffb97d9d7677ac10393b7","slug":"lata-mangeshkar-kept-a-waterless-fast-for-victory-against-pakistan-during-world-cup-2011-know-full-story","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत के लिए रखा था निर्जल व्रत, जानिए पूरी कहानी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत के लिए रखा था निर्जल व्रत, जानिए पूरी कहानी
Sun, 06 Feb 2022 10:17 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 06 Feb 2022 10:17 PM IST
सार
सचिन तेंदुलकर को लता जी अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे। यह संयोग की बात है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ।
विज्ञापन
लता मंगेशकर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्रिकेट को लेकर लता मंगेशकर की दीवानगी जगजाहिर है और विश्वकप 2011 में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की जीत के लिए उन्होने निर्जल व्रत रखा था । भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में निधन हो गया। उन्होंने एक समय कहा था,‘मैंने पूरा मैच देखा और मैं काफी तनाव में थीं।’
उन्होंने कहा था, ‘जब भारतीय टीम खेलती है तो मेरे घर में सभी का कुछ न कुछ टोटका होता है। मैंने, मीना और उषा ने सेमीफाइनल के दौरान कुछ खाया-पिया नहीं। मैं लगातार भारत की जीत के लिए प्रार्थना कर रही थी और भारत की जीत के बाद ही हमने अन्न-जल ग्रहण किया।’
विश्व विजेता टीम को दी दावत
विश्व कप 1983 फाइनल को याद करते हुए उन्होंने कहा था, ‘मैं उस समय लंदन में ही थी और मैंने कपिल देव और उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले डिनर के लिए बुलाया था। मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं।’ उन्होंने कहा, ‘खिताब जीतने के बाद कपिल देव ने मुझे डिनर के लिए बुलाया था। मैंने जाकर टीम को बधाई दी।’
विज्ञापन
सचिन को मानती थीं बेटा
सचिन तेंदुलकर को वह अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे। यह संयोग की बात है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ।
मुंबई के कई नामी क्रिकेटर, जैसे कि महान सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर ने भी हमेशा लता जी को बड़ा सम्मान दिया। वह क्रिकेट की अच्छी समझ रखती थीं और क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में राजसिंह डुंगरपुर और उनके भतीजे पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हनुमंत सिंह के साथ क्रिकेट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती थीं।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर सलीम दुर्रानी बताते हैं कि जब वो मैच के अलावा स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेल रहे होते थे तो लता दीदी मैच देखने आ जाती थीं। हमें पता चलता था कि लता दी भी मैच देखने आई थीं, बड़ी खुशी होती थी क्योंकि उनका बड़ा सम्मान था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा था, ‘जब भारतीय टीम खेलती है तो मेरे घर में सभी का कुछ न कुछ टोटका होता है। मैंने, मीना और उषा ने सेमीफाइनल के दौरान कुछ खाया-पिया नहीं। मैं लगातार भारत की जीत के लिए प्रार्थना कर रही थी और भारत की जीत के बाद ही हमने अन्न-जल ग्रहण किया।’
विज्ञापन
विश्व विजेता टीम को दी दावत
विश्व कप 1983 फाइनल को याद करते हुए उन्होंने कहा था, ‘मैं उस समय लंदन में ही थी और मैंने कपिल देव और उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले डिनर के लिए बुलाया था। मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं।’ उन्होंने कहा, ‘खिताब जीतने के बाद कपिल देव ने मुझे डिनर के लिए बुलाया था। मैंने जाकर टीम को बधाई दी।’
विज्ञापन
सचिन को मानती थीं बेटा
सचिन तेंदुलकर को वह अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे। यह संयोग की बात है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ।
मुंबई के कई नामी क्रिकेटर, जैसे कि महान सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर ने भी हमेशा लता जी को बड़ा सम्मान दिया। वह क्रिकेट की अच्छी समझ रखती थीं और क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में राजसिंह डुंगरपुर और उनके भतीजे पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हनुमंत सिंह के साथ क्रिकेट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती थीं।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर सलीम दुर्रानी बताते हैं कि जब वो मैच के अलावा स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेल रहे होते थे तो लता दीदी मैच देखने आ जाती थीं। हमें पता चलता था कि लता दी भी मैच देखने आई थीं, बड़ी खुशी होती थी क्योंकि उनका बड़ा सम्मान था।