कप्तान विराट ने किया युवा खिलाड़ी का बचाव, कहा-बंदे में है दम
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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर युवा खिलाड़ियों को मौका दिए जाने की वकालत की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में खेले जाने वाले पांच मैचों की सीरीज के पहले वनडे से पहले उन्होंने युवा बल्लेबाज के एल राहुल का बचाव किया है। विराट ने श्रीलंका दौरे में कहा था कि हम 2019 विश्वकप के मद्देनजर टीम में बहुत से प्रयोग करेंगे। इसी क्रम में केएल राहुल को वनडे टीम में नंबर चार पर खेलने के लिए जगह दी गई थी। उन्हें वहां चार मैच खेलने का मौका मिला लेकिन वो टेस्ट मैचों का जादू वनडे में नहीं दिखा सके। बावजूद इसके उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे टीम में जगह दी गई।
लेकिन पहले वनडे से पहले जब कप्तान विराट कोहली से केएल राहुल को मध्यक्रम में खिलाए जाने के बारे में पूछा गया तो विराट ने कहा, केएल राहुल प्रतिभा के बेहद धनी हैं। उन्होंने सभी प्रारूपों में खुद को साबित किया है। हमें उनका साथ देने की जरूरत है। क्योंकि हमारा मानना है कि उनमें क्षमता है। एक बार चौथे क्रम पर जम जाने के बाद वह हमारे लिए मैच जरूर जीतेंगे। हमें इसका पूरा यकीन है। राहुल ही नहीं बल्कि टीम के हर खिलाड़ी को लचीला होना होगा। यदि आप ऐसा सोचें कि एक प्रारूप में आप जिस क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं और सभी प्रारूपों में उसी क्रम पर करेंगे तो टीम के लिए सही संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है। खिलाड़ियों को टीम की जरूरतों के मुताबिक खुद को ढालना होगा।
टीम इंडिया के कप्तान ने कहा, एक खिलाड़ी जो मध्यक्रम को मजबूत कर सकता है उसे वनडे क्रिकेट में हर जगह बल्लेबाजी करने में सक्षम होना चाहिए। मैंने नंबर चार पर बल्लेबाजी की है, नंबर पांच पर की है और ओपनिंग भी की है। यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह वर्सेटाइल (बहुमुखी) हो वह अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग कर जैसी और जब टीम को जरूरत हो। इसमें वक्त लगता है ये आसान नहीं है। आप अजिंक्य रहाणे को भी देखें, वो टेस्ट में मध्यक्रम में खेलते हैं। वनडे में लंबे समय तक उन्होंने ओपनिंग की। मध्यक्रम में खेलते हैं ऐेसे में उन्हें भी लगता है कि उन्हें समय लगता है स्विच करने में। तो अब अजिंक्य ऊपर खेलते हैं तो वो जानते हैं कि उन्हें कैसे बल्लेबाजी करनी है क्या प्लान्स हैं। एक बार जब आप पोजीशन से बैलेंस बना लेते हैं और आपको वहां खेलने के ज्यादा मौके मिलते हैं। तब टीम में अपनी भूमिका के बारे में ज्यादा कॉन्फिडेंट होते हैं। ऐसा भी राहुल के साथ हो रहा है।