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जगमोहन डालमिया 10 साल बाद फिर बने BCCI के BOSS
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 03 Mar 2015 10:37 AM IST
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बीसीसीआई अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए खेले गए शतरंजी मोहरों की चाल ने देश को चलाने वाले सत्ता के राजनीतिक दिग्गजों को भी पछाड़ दिया है। पर्दे के पीछे खेले गए जोड़ तोड़ के खेल में अध्यक्ष पद पर जगमोहन डालमिया निर्विरोध काबिज होने में सफल रहे।
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शरद पवार ने जब देखा कि उनके नाम पर बात नहीं बन पा रही है तो उन्होंने चुनाव में उतरने का मन त्याग दिया। श्रीनिवासन ने देखा कि उनके गुट के नाम पर भी बात नहीं बन रही है तो दोनों ने डालमिया के नाम पर सहमति बना डाली, लेकिन श्रीनिवासन को बीसीसीआई के चुनाव में झटका जरूर लगा है।
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भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर सचिव पद की लड़ाई में श्रीनिवासन के खास संजय पटेल को एक वोट से हराने में सफल रहे। हालांकि श्रीनिवासन गुट के अनिरुद्ध चौधरी ने ट्रेजरॉर (कोषाध्यक्ष) पद के लिए दिग्गज राजीव शुक्ला को तीन वोटों से हराया, जबकि संयुक्त सचिव पद पर अमिताभ चौधरी अंतरिम अध्यक्ष शिवलाल यादव के वोट से चेतन देसाई को हराने में सफल रहे।
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यही नहीं श्रीनिवासन फिल्हाल आईसीसीसी चेयरमैन की कुर्सी भी बचाने में सफल रहे हैं। चेन्नई में सोमवार को हुई बोर्ड की एजीएम में आइटम नंबर 12 यानि इस पद के लिए नाम को मंजूरी देने का मामला भी पास कर दिया गया। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा का कहना है कि यह अदालत की अवमानना का मामला बनता है। वह इसके लिए अदालत में शरण लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक शरद पवार अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोकने को तैयार थे, लेकिन पूर्व क्षेत्र से उनके नाम को प्रस्तावित करने वाला उसका अनुमोदन करने वाले उन्हें कोई नहीं मिला। इसके बाद ही उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला करते हुए डालमिया को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
सचिव पद के लिए जबरदस्त उठापटक हुई। श्रीनिवासन किसी भी कीमत पर संजय पटेल को जीतते हुए देखना चाहते थे। यहां ठाकुर के खास वित्त मंत्री अरुण जेटली और शरद पवार गुट ने उनके पक्ष में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्हें 29 में से 15 वोट मिले।
उपाध्यक्ष के लिए डीडीसीए के सीके खन्ना राजीव शुक्ला के गण सेंट्रल जोन से जीतकर आए। जबकि दक्षिण क्षेत्र के टीसी मैथ्यु शरद पवार के गण वेस्ट जोन से उपाध्यक्ष पर जीत कर आए।
उत्तर क्षेत्र से जम्मू कश्मीर के एमएल नेहरू, दक्षिण से जी गंगा राजू, जबकि पूर्व से गौतम रॉय उपाध्यक्ष बने। इस चुनाव के बाद तीन लोग अदालत की शरण लेंगे। आदित्य वर्मा के अलावा महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के रवि सावंत बड़ौदा से अंशुमन गायकवाड़ को वोटिंग अधिकार देने और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन उन्हें वोट का अधिकार नहीं देने के लिए अदालत जाएंगे।
पवार गुट के करीबी माने जाते हैं अनुराग
बीसीसीआई के नवनिर्वाचित सचिव अनुराग ठाकुर का कहना है कि क्रिकेट में लोगों का भरोसा फिर से कायम करना और देश में खेल की छवि सुधारना बोर्ड की प्राथमिकता होगी। अनुभवी प्रशासक जगमोहन डालमिया सोमवार को निर्विरोध बोर्ड के अध्यक्ष निर्वाचित हो गए लेकिन एन श्रीनिवासन खेमे को उस समय झटका लगा जब अनुराग ठाकुर सचिव पद पर संजय पटेल को हराने में सफल रहे। ठाकुर को शरद पवार गुट का करीबी माना जाता है।
जब ठाकुर से यह पूछा गया कि यह श्रीनिवासन की जीत है या डालमिया की तो उन्होंने कहा, "मैं सोचता हूं कि यह क्रिकेट की जीत है। मैं यह सबको सुनिश्चित करना चाहूंगा कि हर सदस्य बोर्ड और क्रिकेट को मजबूती प्रदान करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम करेगा।"
क्या उन्होंने बोर्ड की छवि सुधारने के मकसद से चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इस सवाल पर अनुराग बोले, "यह साफ संदेश है कि बोर्ड के सदस्य एकजुट होकर क्रिकेट में लोगों का फिर से भरोसा कायम करने के लिए काम करेंगे।"