इशांत के पापा को भी रास नहीं आया उनका यह आक्रामक तेवर
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अपने 27वें जन्मदिन से एक दिन पहले तक इशांत शर्मा श्रीलंका के खिलाफ तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे थे लेकिन वह इस मैच के दौरान मेजबान खिलाड़ियों से कई बार बुरी तरह से उलझे। उलझने के कारण आईसीसी ने उन पर एक मैच का प्रतिबंध भी लगा दिया।
मैदान के अंदर इस अनुभवी तेज गेंदबाज का यह उग्र व्यवहार कई लोगों को अच्छा नहीं लगा। पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर और बिशन सिंह बेदी ने भी उनके इस आक्रामक व्यवहार पर नाराजगी जताई।
बिशन सिंह बेदी ने इशांत शर्मा का श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ झड़प को ‘आक्रामकता का दयनीय प्रदर्शन’ करार देते हुए कहा कि टेस्ट कप्तान विराट कोहली को अपनी खुद की भावनाओं पर नियंत्रण रखकर अपने खिलाड़ियों के लिए आदर्श बनना चाहिए। बेदी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। बकौल बेदी, ‘वे आक्रामकता की बात करते हैं और इशांत पर एक मैच का प्रतिबंध लग गया। क्या क्रिकेट मैदान पर आप यही चाहते हो?
वहीं गावस्कर ने इशांत की जोरदार गेंदबाजी की जमकर तारीफ की लेकिन उनके व्यवहार पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि इशांत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा लेकिन उन्हें अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए।
अब इस फेहरिस्त में इशांत के पिता और निजी कोच भी शामिल हो गए हैं जो अपने लाडले के व्यवहार से बेहद खफा हैं और उनकी इस हरकत की आलोचना की है।
पिता और कोच इशांत के व्यवहार के हैं खफा
तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के लाइव मैच के दौरान अपना आपा खोने से पिता विजय कुमार और कोज श्रवण कुमार नाराज दिखे।
डक्कन क्रॉनिकल पर छपी खबर के अनुसार, इशांत के पिता ने कहा, "हां, इशांत ने मैदान पर जो कुछ किया वो अच्छा नहीं था। आईसीसी ने उस पर जुर्माना लगाकर सही काम किया है। उन्हें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "वह अपने बचपन पर इतना आक्रामक नहीं था। शायद वह खेल के रोमांच के दौरान अपनी सीमा पार कर गया। इस घटना के बाद मेरी उससे बात नहीं हुई है। घर आने पर मैं निशि्चत तौर पर इस मामले पर बात करूंगा।"
कोच श्रवण ने कप्तान विराट कोहली की आलोचना करते हुए कहा कि इशांत के इस व्यवहार के लिए कोहली जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "मैंने इशांत को इससे पहले इतना आक्रामक नहीं देखा। हाल के दिनों में पहली बार इतना आक्रामक दिखा।" उन्होंने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्लेजिंग के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की तुलना में अपना नियंत्रण नहीं खोते हैं।