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क्या वो वक्त आ गया है जब विराट कोहली चेतेश्वर पुजारा को दोबारा देंगे चेतावनी?

Shivendra Kumar Singh शिवेंद्र कुमार सिंह
Updated Thu, 27 Feb 2020 02:04 PM IST
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Is that the time when Virat Kohli will warn again Cheteshwar Pujara for his slow Batting
विराट कोहली-पुजारा - फोटो : सोशल मीडिया

शनिवार को भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के लिए मैदान में उतरेगी। वन-डे सीरीज के बाद से लगातार चले आ रहे हार के सिलसिले से टीम इंडिया दबाव में है। विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम और वेलिंग्टन से पहले टेस्ट चैंपियनशिप की अपराजेय टीम को दस विकेट से बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। ये हार कई मायनों में झकझोरने वाली है। 

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दूसरे टेस्ट मैच से पहले विराट कोहली को अपने साथ-साथ कुछ और खिलाड़ियों की फॉर्म की फिक्र होगी। उन्हें सबसे ज्यादा फिक्र टॉप-3 बल्लेबाजों यानी पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल और चेतेश्वर पुजारा की करनी होगी। इनमें से एक खिलाड़ी ऐसा है जिसकी फॉर्म नहीं बल्कि ‘टेंपरामेंट’ को लेकर विराट परेशान होंगे। वो खिलाड़ी हैं टेस्ट टीम में सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा।
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पुजारा सिर्फ अनुभवी बल्लेबाज नहीं हैं बल्कि वो विश्व क्रिकेट के सबसे ‘टेक्नीकली साउंड’ बल्लेबाजों में से एक हैं। लेकिन इन खूबियों का फायदा अगर टीम को ना मिले तो काबिलियत पर प्रश्न तुरंत खड़े होते हैं। विराट पहले भी पुजारा से इस विषय पर चर्चा कर चुके हैं।
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लेकिन अब एक बार फिर वो वक्त आ गया है जब पुजारा को समझाया जाए कि तेजी से बदलते टेस्ट क्रिकेट में विकेट पर खड़े रहकर नहीं बल्कि रन बनाकर जीत हासिल की जाती है। अब वो जमाना लद गया जब टेस्ट क्रिकेट के बड़े और पक्के बल्लेबाज क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े हो जाते थे और अपनी टीम के लिए मैच ड्रॉ कराते थे। अब बल्लेबाज़ रन बनाते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं। 

दूसरी पारी में पुजारा और सुस्ती से खेले

Is that the time when Virat Kohli will warn again Cheteshwar Pujara for his slow Batting
चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली

पुजारा इस बदलती परिभाषा पर कई बार खरे नहीं उतरते हैं। उनके करियर में पहले भी ऐसा हो चुका है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में खेली सुस्त पारी हार का पोस्टमार्टम हमेशा होता है। सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं बल्कि क्रिकेट खेलने वाले हर देश में। ऊपर से अगर हारने वाली टीम दुनिया की नंबर एक टीम हो तो उसके लिए फिक्र का बढ़ना स्वाभाविक है।

पुजारा ने वेलिंग्टन टेस्ट की पहली पारी में 42 गेंद पर 11 रन बनाए। दूसरी पारी में तो पुजारा और सुस्ती से खेले। उन्होंने 81 गेंद पर सिर्फ 11 रन बनाए। फर्ज कीजिए दुनिया का बड़े से बड़ा बल्लेबाज पुजारा के सामने क्रीज के दूसरे छोर पर हो। वो जब बल्लेबाजी करने आएगा तो उसके दिमाग में यही बात होगी कि विरोधी टीम के गेंदबाज इतने घातक हैं कि उनके सामने रन बनते ही नहीं हैं।

अगर टेस्ट मैच में तीन- साढ़े तीन सेशन का खेल बाकी हो और क्रीज पर समय बिताना हो तो भी बल्लेबाजी का ये अंदाज और रणनीति समझ आती है, लेकिन अगर टेस्ट मैच में दो दिन से ज्यादा का समय बचा हो तो फिर हर बॉल वेल लेफ्ट और वेल प्लेयड नहीं हो सकती है। रन बनाने होंगे वरना बल्लेबाज कोई भी हो उस पर सवाल उठेंगे। जो फिलहाल चेतेश्वर पुजारा के साथ हो रहा है।

विराट इस मुद्दे पर पुजारा को चेतावनी दे चुके हैं

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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : सोशल मीडिया

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब पुजारा ने जरूरत से ज्यादा सुस्त बल्लेबाजी की हो। साल 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी पुजारा ने कुछ ऐसा ही किया था। उन्होंने पहले टेस्ट मैच में 67 गेंद पर 16 रन बनाए थे।

वो टेस्ट टीम इंडिया जीत गई थी इसलिए ज्यादा हो हल्ला नहीं हुआ। अगले मैच में पुजारा ने 159 गेंद खेलकर सिर्फ 46 रन बनाए। वेस्टइंडीज ने वो टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया। भारत के पास उस मैच को जीतने का शानदार मौका था। जो मौका हाथ से निकल गया। विराट ने पुजारा को ना सिर्फ चेतावनी दी बल्कि टेस्ट मैच से ड्रॉप भी कर दिया।

इसके बाद पुजारा ने अगली कई पारियों में बेहतर स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। लेकिन एक बार फिर उनकी सुई अटक गई है। टेस्ट फॉर्मेट में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज होने के बाद भी वो टीम के काम नहीं आ रहे हैं।

दूसरे टेस्ट मैच में उन्हें इस पहलू पर ना सिर्फ ध्यान देना होगा बल्कि इसका समाधान करना होगा वरना ये नई टीम इंडिया सिर्फ कद पर नहीं जाती बल्कि टीम के लिए कुछ बड़ा करने वाले खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स पर जाती है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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