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चेन्नई सुपरकिंग्स: सर्वाधिक आठ फाइनल खेली, क्या धोनी की अगुवाई में जीत पाएगी चौथा खिताब?
Thu, 01 Apr 2021 06:39 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 01 Apr 2021 06:39 PM IST
सार
नौ अप्रैल से शुरू होने वाले आईपीएल में सीएसके नए सिरे से शुरुआत करने के लिए उतरेगी। उसका पहला मैच 10 अप्रैल को मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स से होगा।
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चेन्नई की ताकत और कमजोरियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
11 सीजन, 10 प्लेऑफ, 8 फाइनल, तीन टाइटल। यह कहानी चेन्नई सुपरकिंग्स की है, जो पिछली बार यूएई में हुए आईपीएल में पहली बार प्लेऑफ तक नहीं पहुंच पाई थी। अब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली यह सीएसके की टीम आईपीएल में पिछले साल के बुरे सपने को भुलाकर दमदार वापसी करने के लिए बेकरार होगी। टीम नौ अप्रैल से शुरू होने वाले आईपीएल में नए सिरे से शुरुआत करने के लिए उतरेगी। उसका पहला मैच 10 अप्रैल को मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स से होगा।
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अनुभवी खिलाड़ी ही मजबूती
सीएसके का मजबूत पक्ष उसके पास अनुभवी खिलाड़ियों का होना है जो मुश्किल परिस्थितियों में टीम की नैया पार लगाते रहे हैं। धोनी का प्रेरणादायी नेतृत्व टीम का एक अन्य सकारात्मक पहलू है। सुरेश रैना की वापसी से उसकी बल्लेबाजी मजबूत हुई है। पिछले साल उसके बल्लेबाज नहीं चल पाये थे। रैना के अलावा फाफ डुप्लेसिस, धोनी, अंबाती रायुडु, रविंद्र जडेजा, सैम करन, मोईन अली और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में सीएसके की बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है। उसका गेंदबाजी आक्रमण भी अच्छा है जिसमें लुंगी एनगिडी, शार्दुल ठाकुर, सैम करन, इमरान ताहिर, जडेजा और दीपक चहर जैसे गेंदबाज हैं।
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ताकत ही कमजोरी
सीएसके टीम में उम्रदराज खिलाड़ी हैं और क्रिकेट के तेजतर्रार प्रारूप टी-20 में यह उसकी कमजोरी साबित हो सकती है। धोनी, रैना, रायुडु और ताहिर जैसे उसके खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और घरेलू क्रिकेट में भी नहीं खेलते। ऐसे में मैच अभ्यास की कमी टीम को भारी पड़ सकती है। इसके अलावा धोनी के फिनिशर के रूप में पहले जैसी भूमिका नहीं निभा पाने से भी टीम को नुकसान हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड का आईपीएल से हटने का निर्णय भी सीएसके के लिए करारा झटका है। इसके अलावा जडेजा भी चोट के कारण लंबे विश्राम के बाद वापसी कर रहे हैं और देखना होगा कि वह कितनी जल्दी लय हासिल करते हैं। वेस्टइंडीज के अनुभवी आलराउंडर ड्वेन ब्रावो का वापसी पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना और उनकी चोट भी सीएसके के लिये चिंता का विषय होगा।
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स्पिनर विभाग पर दारोमदार
इस बार आईपीएल मैच तटस्थ स्थलों पर खेले जाएंगे। सीएसके अपने स्पिन विभाग पर काफी निर्भर रहा है और ऐसे में उसे अपनी रणनीति बदलनी होगी। विशेषकर मुंबई के विकेटों पर जहां तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। सीएसके पिछले सत्र की असफलता से वापसी करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए उसे शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन करना होगा। जल्द से जल्द से अच्छा टीम संयोजन तैयार करना भी उसके लिए महत्वपूर्ण होगा। सीएसके को पिछले साल अपनी कमजोर बल्लेबाजी के कारण नुकसान उठाना पड़ा था। यदि इस विभाग में उसने सुधार नहीं किया तो फिर उसकी वापसी की संभावना कम हो जाएगी। यही नहीं टीम को जीत दिलाने के लिए उसके तेज गेंदबाजों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम इस प्रकार है
- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान)
- सुरेश रैना
- अंबाती रायुडु
- केएम आसिफ
- दीपक चाहर
- ड्वेन ब्रावो
- फाफ डुप्लेसिस
- इमरान ताहिर
- एन जगदीसन
- कर्ण शर्मा
- लुंगी एनगिडी
- मिचेल सेंटनर
- रविंद्र जडेजा
- ऋतुराज गायकवाड़
- शार्दुल ठाकुर
- सैम करन
- आर साई किशोर
- मोईन अली
- के गौतम
- चेतेश्वर पुजारा
- हरिशंकर रेड्डी
- भगत वर्मा
- सी हरि निशांत