आईपीएल सीजन 2018 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी खत्म हो चुकी है। कई युवा खिलाड़ी मालामाल हो गए तो कई अनुभवी और दिग्गजों को मायूसी हाथ लगी। इसमें एक खिलाड़ी ऐसा भी था, जिसने भारतीय टीम के लिए 12 वनडे तीन टी20 खेले, लेकिन फिर भी इस बार उनपर किसी भी टीम ने दांव नहीं लगाया।
जी हां, हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के मध्यक्रम बल्लेबाज रहे मनोज तिवारी की। जिन्हें इस बार किसी भी टीम ने खरीदने में रूचि नहीं दिखाई। इस सीजन की बोली मनोज तिवारी के नाम से ही शुरू हुई। पहले राउंड में अनसोल्ड रहने के बाद दूसरे राउंड में भी उन्हें किसी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा।
इसके बाद देर रात मनोज तिवारी ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे समझ नहीं आता मैंने क्या गलत किया। जब मुझे देश की वनडे टीम से 14 मैचों के लिए निकाला गया तो मैंने उससे पहले मैच में शतक बनाया और मैन ऑफ द मैच भी जीता था। अब जब मैं 2017 आईपीएल के दौरान मिले अपने अवार्ड्स को देखता हूं तो सोचता हूं कि मैंने क्या गलत किया?'
मनोज तिवारी 2008 से शुरु हुए आईपीएल में पूरे 11 सीजन तक खेले हैं, लेकिन इस बार उन पर किसी ने भी दांव नहीं लगाया। आईपीएल सीजन 2017 में धोनी की कप्तानी वाले राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स के लिए उन्होंने 15 मैच में 324 रन बनाए जिनमें 2 अर्धशतक भी शामिल था।
पिछले सीजन में एक करोड़ की कीमत में मनोज तिवारी को किंग्स इलेवन पंजाब ने अपने साथ किया था। जहां उन्होंने 5 मैच में सिर्फ 47 रन ही बनाए। अपने आईपीएल करियर में इस खिलाड़ी ने कुल 98 मैच खेले। जहां उन्होंने 1695 रन बनाए।