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स्पिन फिर बनेगी कंगारुओं की फांस
नई दिल्ली/खेल डेस्क
Updated Fri, 01 Mar 2013 12:38 AM IST
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली शानदार जीत के बाद मेजबान भारत दूसरे टेस्ट मैच में भी स्पिन की फिरकी में माइकल क्लार्क एंड कंपनी को फांसने की कोशिश करेगा।
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चार टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट दो मार्च से हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस स्टेडियम का रिकॉर्ड और पिच दोनों ही भारत के पक्ष में रहे है। यहां खेले गए दो टेस्ट मैचों में से भारत ने एक जीता है जबकि एक ड्रा रहा है। दोनों ही टेस्ट भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले हैं।
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भारत ने आखिरी बार यहां 23 अगस्त 2012 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट खेला था। उस टेस्ट मैच में भारत ने पारी और 115 रन से विशाल जीत हासिल की थी। उस मैच के हीरो ऑफ स्पिनर आर अश्विन रहे थे जिन्होंने दोनों पारियों में छह-छह विकेट चटकाए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई टेस्ट मैच में भी अश्विन की फिरकी ने खूब कहर बरपाया था और 12 विकेट झटके थे। अश्विन के यह आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई टीम की नींद उड़ाने के लिए काफी है।
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भारतीय टीम इस टेस्ट में हरभजन सिंह के रूप में एक बदलाव जरूर कर सकती है। हरभजन के लिए अपने कैरियर का सौवां टेस्ट काफी अच्छा नहीं रहा और उन्हें सिर्फ तीन ही विकेट मिले थे। हरभजन के स्थान पर लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। 2012 में ओझा ने छह टेस्ट में 25.96 की औसत से 33 विकेट चटकाए थे और अश्विन के साथ उनकी जोड़ी काफी प्रभावी रही है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे बड़ी समस्या है कि उसके पास कोई कद्दावर स्पिनर नहीं है। उनके सर्वश्रेष्ठ स्पिनर नाथन लियोन ने पहले टेस्ट में कुछ विकेट जरूर चटकाए, लेकिन वह बहुत मंहगे साबित हुए। लेकिन लियोन उनके सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है और यह तय है कि दूसरे टेस्ट में उनके साथ जेवियर डोहर्टी को मौका जरूर मिलेगा।
ऐसे में पेसर पीटर सिडल और मिचेल स्टार्क में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को भी भारतीय स्पिनरों का तोड़ निकालना होगा। तीसरे नंबर के बल्लेबाज फिल ह्यूज का खराब फार्म ऑस्ट्रेलिया के लिए चिंता की बात है। अब देखना है कि इस अहम टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज और गेंदबाज किस रणनीति से भारतीयों का मुकाबला करते हैं।
नंबर गेम
:- भारत ने 02 मैच राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जिसमें एक जीता, एक ड्रॉ रहा।
:- आर अश्विन ने यहां सर्वाधिक 12 विकेट एक टेस्ट मैच में लिए हैं।
:- प्रज्ञान ओझा ने 2012 में 33 विकेट छह टेस्ट मैच में चटकाए।