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IND vs SA: डीन एल्गर ने बताया कहां मैच हार गया भारत, डीआर विवाद में भारत से क्या गलती हुई ?
Sat, 15 Jan 2022 04:18 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 15 Jan 2022 04:18 PM IST
सार
एल्गर के अनुसार डीआरएस विवाद के बाद भारतीय टीम का ध्यान मैच से भटक गया और सभी खिलाड़ी छींटाकशी में लग गए। इसके बाद भारतीय टीम एकजुट होकर अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाई और आसानी से रन लुटाए।
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डीन एल्गर
- फोटो : social media
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विस्तार
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 से जीत दर्ज करने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर ने बताया है कि तीसरे मैच में भारतीय टीम से क्या गलती हुई। डीन एल्गर ने कहा है कि डीआरएस विवाद के बाद भारतीय टीम छींटाकशी में उलझ गई और मैच से खिलाड़ियों का ध्यान हट गया। इसका फायदा उठाकर अफ्रीकी टीम ने तेजी से रन बनाए और मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे और निर्णायक मैच में अश्विन की गेंद पर एल्गर एलबीडब्ल्यू आउट हुए थे, लेकिन उन्होंने अंपायर के फैसले को चुनौती दी। इसके बाद हॉक आई तकनीक ने दिखाया कि गेंद स्टंप के ऊपर जाकर लग रही थी, जबकि गेंद एल्गर के घुटने के नीचे लगी थी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर छींटाकशी की और अफ्रीकी टीम को इसका फायदा मिला।
क्या था मामला
दक्षिण अफ्रीका को मैच जीतने के लिए चौथी पारी में 212 रन बनाने थे। इसके जवाब में उसने एक विकेट खोकर 60 रन बना लिए थे, जब अश्विन की गेंद एल्गर के पैर में लगी। अंपायर ने आउट भी दिया, लेकिन एल्गर ने रिव्यू ले लिया। एल्गर स्टंप्स के सामने पाए गए थे और गेंद उनके घुटने से नीचे लगी थी। गेंद भी उनके बैट में नहीं लगी थी, क्योंकि उन्होंने अपने साथी कीगन पीटरसन से पूंछकर रिव्यू लिया था। उनका यह रिव्यू खराब होना तय था, लेकिन हॉक आई ने दिखाया कि गेंद एल्गर के पैर में नहीं लगती तो स्टंप्स के ऊपर से निकल जाती। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ।
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भारतीय टीम का कहना था कि जब गेंद एल्गर के घुटने के नीचे लगी है तो स्टंप्स के ऊपर कैसे जा सकती है। अंपायर ने भी रीप्ले देखकर कहा "यह असंभव है।" इसके बाद भारतीय टीम स्टंप माइक के जरिए अपनी नाराजगी जताने में लग गई। एल्गर और पीटरसन के साथ काफी बातचीत हुई और ये दोनों तेजी से रन बनाते रहे। डीआरएस विवाद के बाद भारत ने अगले आठ ओवरों में 40 रन लुटा दिए थे।
एल्गर ने कहा कि इस पारी में भारत के साथ वैसा नहीं हो रहा था, जिसकी उन्हें आदत थी। इसके बाद डीआरएस का फैसला उनके खिलाफ गया तो वो बौखला गए और भावानात्मक रूप से दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। थोड़ी देर के लिए उनका ध्यान मैच में था ही नहीं। यहीं हमें लक्ष्य के करीब पहुंचने का मौका मिल गया।
113 रन की हार के बाद जागी टीम
एल्गर ने बताया कि सेंचुरियन में 113 रन की हार के बाद उनके खिलाड़ी जगे और बेहतरीन वापसी की। दूसरे मैच में जीत के बाद भी खिलाड़ियों का ध्यान नहीं भटका और तीसरे मैच में भी उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया। एल्गर ने पीटरसन और जैन्सन की जमकर तारीफ की। इस सीरीज में जैन्सन ने शानदार गेंदबाजी की और रबाडा का पूरा साथ निभाया। उन्होंने विराट से लेकर पुजारा और भारत के बाकी दिग्गज बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और उनके विकेट भी झटके। जैन्सन अफ्रीकी टीम के लिए जीत और हार का अंतर बने।
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तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे और निर्णायक मैच में अश्विन की गेंद पर एल्गर एलबीडब्ल्यू आउट हुए थे, लेकिन उन्होंने अंपायर के फैसले को चुनौती दी। इसके बाद हॉक आई तकनीक ने दिखाया कि गेंद स्टंप के ऊपर जाकर लग रही थी, जबकि गेंद एल्गर के घुटने के नीचे लगी थी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर छींटाकशी की और अफ्रीकी टीम को इसका फायदा मिला।
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क्या था मामला
दक्षिण अफ्रीका को मैच जीतने के लिए चौथी पारी में 212 रन बनाने थे। इसके जवाब में उसने एक विकेट खोकर 60 रन बना लिए थे, जब अश्विन की गेंद एल्गर के पैर में लगी। अंपायर ने आउट भी दिया, लेकिन एल्गर ने रिव्यू ले लिया। एल्गर स्टंप्स के सामने पाए गए थे और गेंद उनके घुटने से नीचे लगी थी। गेंद भी उनके बैट में नहीं लगी थी, क्योंकि उन्होंने अपने साथी कीगन पीटरसन से पूंछकर रिव्यू लिया था। उनका यह रिव्यू खराब होना तय था, लेकिन हॉक आई ने दिखाया कि गेंद एल्गर के पैर में नहीं लगती तो स्टंप्स के ऊपर से निकल जाती। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ।
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भारतीय टीम का कहना था कि जब गेंद एल्गर के घुटने के नीचे लगी है तो स्टंप्स के ऊपर कैसे जा सकती है। अंपायर ने भी रीप्ले देखकर कहा "यह असंभव है।" इसके बाद भारतीय टीम स्टंप माइक के जरिए अपनी नाराजगी जताने में लग गई। एल्गर और पीटरसन के साथ काफी बातचीत हुई और ये दोनों तेजी से रन बनाते रहे। डीआरएस विवाद के बाद भारत ने अगले आठ ओवरों में 40 रन लुटा दिए थे।
एल्गर ने कहा कि इस पारी में भारत के साथ वैसा नहीं हो रहा था, जिसकी उन्हें आदत थी। इसके बाद डीआरएस का फैसला उनके खिलाफ गया तो वो बौखला गए और भावानात्मक रूप से दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। थोड़ी देर के लिए उनका ध्यान मैच में था ही नहीं। यहीं हमें लक्ष्य के करीब पहुंचने का मौका मिल गया।
113 रन की हार के बाद जागी टीम
एल्गर ने बताया कि सेंचुरियन में 113 रन की हार के बाद उनके खिलाड़ी जगे और बेहतरीन वापसी की। दूसरे मैच में जीत के बाद भी खिलाड़ियों का ध्यान नहीं भटका और तीसरे मैच में भी उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया। एल्गर ने पीटरसन और जैन्सन की जमकर तारीफ की। इस सीरीज में जैन्सन ने शानदार गेंदबाजी की और रबाडा का पूरा साथ निभाया। उन्होंने विराट से लेकर पुजारा और भारत के बाकी दिग्गज बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और उनके विकेट भी झटके। जैन्सन अफ्रीकी टीम के लिए जीत और हार का अंतर बने।