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IND vs SA Test Playing 11: द. अफ्रीका से सीरीज ड्रॉ कराने उतरेगा भारत, मुकेश या आवेश खान को मिल सकता है मौका
Wed, 03 Jan 2024 09:14 AM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
Published by: रोहित राज
Updated Wed, 03 Jan 2024 09:14 AM IST
सार
IND vs SA Playing 11 Today Match : भारत कभी भी दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज नहीं जीता है, लेकिन उसके पास इस देश में दूसरी बार टेस्ट सीरीज बराबर करने का मौका है। महेंद्र सिंह धोनी एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने 2011 में दक्षिण अफ्रीका से 1-1 से टेस्ट सीरीज ड्रॉ की है। रोहित ने यह किया तो धोनी के बाद ऐसा करने वाले दूसरे कप्तान होंगे।
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रोहित शर्मा
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बीते छह सप्ताह रोहित शर्मा के लिए किसी बुरे सपने के समान रहे हैं। पहले विश्व कप के फाइनल में दिल तोडऩे वाली हार और अब सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के हाथों पारी और 32 रन से करारी पराजय ने कप्तान रोहित के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। 2023 पीछे छूट चुका है और टीम इंडिया के पास नए वर्ष में नई शुरुआत का मौका है। केपटाउन के न्यूलैंड्स में बुधवार से दूसरा टेस्ट मैच शुरू होने जा रहा है। रोहित शर्मा की टीम के पास पलटवार का मौका है, लेकिन यह आसान नहीं होगा।
भारत कभी भी दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज नहीं जीता है, लेकिन उसके पास इस देश में दूसरी बार टेस्ट सीरीज बराबर करने का मौका है। महेंद्र सिंह धोनी एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने 2011 में दक्षिण अफ्रीका से 1-1 से टेस्ट सीरीज ड्रॉ की है। रोहित ने यह किया तो धोनी के बाद ऐसा करने वाले दूसरे कप्तान होंगे।
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भारत कभी भी दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज नहीं जीता है, लेकिन उसके पास इस देश में दूसरी बार टेस्ट सीरीज बराबर करने का मौका है। महेंद्र सिंह धोनी एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने 2011 में दक्षिण अफ्रीका से 1-1 से टेस्ट सीरीज ड्रॉ की है। रोहित ने यह किया तो धोनी के बाद ऐसा करने वाले दूसरे कप्तान होंगे।
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डीन एल्गर और रोहित शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
कप्तान को ढूंढनी होगी रबाडा की काट
रोहित के लिए बतौर कप्तान ही नहीं बल्कि बल्लेबाज के तौर पर भी इस टेस्ट में अपने को साबित करने की चुनौती होगी। रोहित पहले टेस्ट में रबादा का आसान शिकार बने। वह सेंचुरियन में पांच और शून्य पर आउट हुए। रोहित का दक्षिण अफ्रीका में इस देश के खिलाफ रिकॉर्ड काफी खराब है। वह अब तक एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। रोहित सेना (द. अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में अब तक सिर्फ एक ही शतक लगा पाए हैं। भारत की जीत के लिए रोहित का केपटाउन में चलना जरूरी है। इसके लिए उन्हें रबाडा की काट ढूंढने के साथ अपने को दबावमुक्त भी रखना होगा।
टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए जीतना जरूरी
यह टेस्ट मैच भारत के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिहाज से भी अहम है। भारत इस वक्त टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में छठे स्थान पर चल रहा है। उसने तीन टेस्ट में एक जीता है, एक में हार मिली है और एक ड्रॉ रहा है। अगर यहां भारत को हार मिलती है तो उसकी स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। ऊपर से केपटाउन में भारत का रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। छह मैचों में उसे चार में हार मिली है और दो ड्रॉ रहे हैं।
रोहित के लिए बतौर कप्तान ही नहीं बल्कि बल्लेबाज के तौर पर भी इस टेस्ट में अपने को साबित करने की चुनौती होगी। रोहित पहले टेस्ट में रबादा का आसान शिकार बने। वह सेंचुरियन में पांच और शून्य पर आउट हुए। रोहित का दक्षिण अफ्रीका में इस देश के खिलाफ रिकॉर्ड काफी खराब है। वह अब तक एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। रोहित सेना (द. अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में अब तक सिर्फ एक ही शतक लगा पाए हैं। भारत की जीत के लिए रोहित का केपटाउन में चलना जरूरी है। इसके लिए उन्हें रबाडा की काट ढूंढने के साथ अपने को दबावमुक्त भी रखना होगा।
टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए जीतना जरूरी
यह टेस्ट मैच भारत के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिहाज से भी अहम है। भारत इस वक्त टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में छठे स्थान पर चल रहा है। उसने तीन टेस्ट में एक जीता है, एक में हार मिली है और एक ड्रॉ रहा है। अगर यहां भारत को हार मिलती है तो उसकी स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। ऊपर से केपटाउन में भारत का रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। छह मैचों में उसे चार में हार मिली है और दो ड्रॉ रहे हैं।
रोहित शर्मा और मुकेश कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
मुकेश या आवेश के खेलने की उम्मीद
सेंचुरियन टेस्ट के बाद भारत के सामने कई समस्याएं एक साथ खड़ी हो गई हैं। केएल राहुल और विराट कोहली को छोड़ दें तो कोई भी बल्लेबाज द. अफ्रीकी की तेज गेंदबाजी का सामना नहीं कर पाया। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर अपनी काबलियत से कोसों पीछे दूर दिखे। तेज और उछाल भरी पिच पर वह पहले टेस्ट में पास नहीं हुए। ऊपर से प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने गेंदबाजी में मुश्किलों को बढ़ाया। दूसरे टेस्ट में दोनों को बाहर बिठाया जा सकता है। उनके स्थान मुकेश कुमार और आवेश खान को खिलाए जाने की संभावना है। हालांकि, इन दोनों में से मुकेश ने ही सिर्फ एक टेस्ट खेला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दोनों को लाल गेंद से खेलने का अनुभव है। यह भी हो सकता है टीम प्रबंधन मुकेश और आवेश में से किसी एक को ही मौका दे।
जडेजा को मिल सकता है मौका
एलन डोनाल्ड पहले ही कह चुके हैं कि न्यूलैंड्स की पिच बल्लेबाजी के अनुरूप रहेगी, लेकिन यहां स्पिनरों को मदद नहीं मिलेगी, इस लिए नई गेंद से यहां गेंदबाजी फायदेमंद रहेगी। ऐसे में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा दोनों का इस टेस्ट में एक साथ खेलना मुश्किल है। अश्विन की जगह फिट हो चुके जडेजा जरूर ले सकते हैं। जडेजा के आने से टीम प्रबंधन पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का जोखिम ले सकता है।
सेंचुरियन टेस्ट के बाद भारत के सामने कई समस्याएं एक साथ खड़ी हो गई हैं। केएल राहुल और विराट कोहली को छोड़ दें तो कोई भी बल्लेबाज द. अफ्रीकी की तेज गेंदबाजी का सामना नहीं कर पाया। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर अपनी काबलियत से कोसों पीछे दूर दिखे। तेज और उछाल भरी पिच पर वह पहले टेस्ट में पास नहीं हुए। ऊपर से प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने गेंदबाजी में मुश्किलों को बढ़ाया। दूसरे टेस्ट में दोनों को बाहर बिठाया जा सकता है। उनके स्थान मुकेश कुमार और आवेश खान को खिलाए जाने की संभावना है। हालांकि, इन दोनों में से मुकेश ने ही सिर्फ एक टेस्ट खेला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दोनों को लाल गेंद से खेलने का अनुभव है। यह भी हो सकता है टीम प्रबंधन मुकेश और आवेश में से किसी एक को ही मौका दे।
जडेजा को मिल सकता है मौका
एलन डोनाल्ड पहले ही कह चुके हैं कि न्यूलैंड्स की पिच बल्लेबाजी के अनुरूप रहेगी, लेकिन यहां स्पिनरों को मदद नहीं मिलेगी, इस लिए नई गेंद से यहां गेंदबाजी फायदेमंद रहेगी। ऐसे में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा दोनों का इस टेस्ट में एक साथ खेलना मुश्किल है। अश्विन की जगह फिट हो चुके जडेजा जरूर ले सकते हैं। जडेजा के आने से टीम प्रबंधन पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का जोखिम ले सकता है।
डीन एल्गर
- फोटो : सोशल मीडिया
एल्गर के अंतिम टेस्ट में बर्गर लेंगे परीक्षा
वहीं, द. अफ्रीका की कमान इस टेस्ट में अपना अंतिम टेस्ट खेलने जा रहे डीन एल्गर संभालेंगे। गेराल्ड कोएट्जी की जगह लुंगी एंगिडी ले सकते हैं। नांद्रे बर्गर केरूप में द. अफ्रीका को जबरदस्त बाएं हाथ का तेज गेंदबाज मिला है। वह 90 के दशक में एकदम से उभरे द. अफ्रीकी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ब्रेट शुल्ट्ज की याद दिलाते हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों की शुरू से कमजोरी रहे हैं। यही कारण है कि नेट पर विराट ने बर्गर को ध्यान में रखकर लंबा अभ्यास किया।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
दक्षिण अफ्रीका: डीन एल्गर (कप्तान), एडेन मार्करम, टोनी डि जोर्जी, कीगन पीटरसन, डेविड बेडिंघम, कायेल वेरेयेन, मार्को यानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, नंद्रे बर्गर, लुंगी एंगिडी।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार/आवेश खान।
वहीं, द. अफ्रीका की कमान इस टेस्ट में अपना अंतिम टेस्ट खेलने जा रहे डीन एल्गर संभालेंगे। गेराल्ड कोएट्जी की जगह लुंगी एंगिडी ले सकते हैं। नांद्रे बर्गर केरूप में द. अफ्रीका को जबरदस्त बाएं हाथ का तेज गेंदबाज मिला है। वह 90 के दशक में एकदम से उभरे द. अफ्रीकी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ब्रेट शुल्ट्ज की याद दिलाते हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों की शुरू से कमजोरी रहे हैं। यही कारण है कि नेट पर विराट ने बर्गर को ध्यान में रखकर लंबा अभ्यास किया।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
दक्षिण अफ्रीका: डीन एल्गर (कप्तान), एडेन मार्करम, टोनी डि जोर्जी, कीगन पीटरसन, डेविड बेडिंघम, कायेल वेरेयेन, मार्को यानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, नंद्रे बर्गर, लुंगी एंगिडी।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार/आवेश खान।