IND vs SA: पुजारा बोले- भारतीय बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीकी पेस बैटरी से निपटने में सक्षम, विदेशों में मिली सफलताओं से टीम का मनोबल ऊंचा
- 411 : रन बनाए हैं दक्षिण अफ्रीकी धरती पर सात टेस्ट मैचों में पुजारा ने जिसमें 153 रन की शतकीय पारी भी शामिल।
- 31.61 : का औसत है दक्षिण अफ्रीका में खेली 13 पारियों में चेतेश्वर पुजारा का।
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बीसीसीआई ने शेयर किया वीडियो
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें पुजारा ने कहा- जब आप विदेशी दौरे पर जाते हो तो आप जानते हो कि वहां तेजी और उछाल होगी और गेंद आखिरी क्षणों में मूव करेगी। भारत से बाहर तेज गेंदबाजों का सामना करना हमेशा बड़ी चुनौती होती है। इस टीम ने यह सीखा है और हमारे पास अधिक संतुलित बल्लेबाजी क्रम है। मुझे लगता है कि हम इससे निबटने में सक्षम होंगे। जिस तरह से हमारी गेंदबाजी और बल्लेबाजी है उसे देखते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि हम दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने में सक्षम हैं।
Team confidence ✅
Personal preparation ✅
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Full interview 🎥 🔽 #TeamIndia #SAvIND https://t.co/7ML9NJkYRu pic.twitter.com/7xhLiyJJcA— BCCI (@BCCI) December 23, 2021
पिछले अनुभव को मिलेगा लाभ
पुजारा को लगता है कि दक्षिण अफ्रीका में खेलने के अनुभव का भी टीम को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा- अधिकतर (भारतीय) खिलाड़ी पूर्व में दक्षिण अफ्रीकामें खेल चुके हैं। यह एक अनुभवी टीम है और तैयारी की दृष्टि से हम जानते हैं कि हमसे क्या उम्मीद की जाती है। अधिकतर टीमें अपनी घरेलू परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करती हैं और दक्षिण अफ्रीकी टीम भी अपवाद नहीं है। उनके पास सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण है और सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक का सामना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।
पहले भी जीते हैं विदेश में
भारत ने साल की शुरुआत में चार मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखी थी। इसके बाद उसने इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर चार मैचों में 2-1 से बढ़त बना रखी थी। कोविड-19 संक्रमण के कारण इस सीरीज का पांचवां टेस्ट नहीं हो पाया था।
तीन साल से शतक का सूखा
पुजारा 2020 से निरंतर एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अपना आखिरी शतक जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया में लगाया था। पिछली 10 पारियों में उन्होंने दो अर्द्धशतक लगाए लेकिन वह जानते हैं कि दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में कैसे बल्लेबाजी करनी होगी। उन्होंने कहा- जब मैं 2011 में यहां आया था तो डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल अपने चरम पर थे। मैं 2013 और 2017-18 में भी यहां के दौरे पर आया और इसलिए जानता हूं कि यहां कैसे बल्लेबाजी करनी है।