पूरे 17 मिनट क्रीज पर रहे, 12 रन भी बनाए अब ऋषभ पंत से और क्या चाहिए?
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इस सवाल का जवाब बतौर कोच रवि शास्त्री और बतौर कप्तान विराट कोहली को खोजना है। दरअसल, क्राइस्टचर्च टेस्ट में भारतीय टीम की जो हालत है उसके पीछे बल्लेबाजों की असफलता पहली बड़ी वजह है। इसमें विराट कोहली का न चलना सबसे पहले आता है। टेस्ट सीरीज की तीसरी पारी में विराट कोहली तीन रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन बल्लेबाजों की नाकामी के बाद टीम के फ्लॉप शो का विराट कोहली की पसंद-नापसंद से भी रिश्ता है।
क्राइस्टचर्च टेस्ट में विराट कोहली ने एक बार फिर प्लेइंग 11 में ऋषभ पंत को मौका दिया। ऐसा लगता है कि प्लेइंग 11 का फैसला करते वक्त विराट कोहली अपने नाम के बाद सबसे पहले ऋषभ पंत का ही नाम लिखते हैं। ऋषभ पंत को लेकर उनकी पसंद की वजह पता ही नहीं चलती। वो ऋषभ पंत को कितने मौके देना चाहते हैं इसका कोई हिसाब ही नहीं है।
खैर, शनिवार को उन्होंने प्लेइंग 11 में ऋषभ पंत पर एक बार फिर भरोसा जताया। इस भरोसे के बदले में उन्हें 12 रन। जो 12 रन बनाने के लिए वो पूरे 17 मिनट क्रीज पर रहे। उन्होंने 14 गेंदों का सामना किया। 2 चौके लगाए। तब कहीं जाकर उन्होंने भारतीय टीम के स्कोर में पूरे 12 रनों का योगदान दिया। इस योगदान के लिए भारतीय क्रिकेट फैंस को ऋषभ पंत का शुक्रगुजार होना चाहिए। क्योंकि अब हार-जीत के अंतर में 12 रन ऋषभ पंत के भी होंगे।
क्यों नहीं सुधरते ऋषभ पंत?
इस सवाल का जवाब और किसी के पास तो शायद मिल भी जाए ऋषभ पंत के पास तो बिलकुल नहीं है। क्राइस्टचर्च टेस्ट मैच के पहले दिन वो जिस तरह से आउट हुए वो तरीका निराला था। आउट होने से पहले उन्हें दो जीवनदान मिले। ट्रेंट बोल्ट के ओवर में उनका कैच छूटा। इसके बाद आखिरकार जेमींसन की गेंद पर वो अपना विकेट देकर गए।
ऑफ स्टंप से अच्छी खासी बाहर जा रही गेंद को खेलने की कोशिश में बल्ले से ‘इनसाइड एज’ लगा और गेंद स्टंप्स में चली गई। बल्ले और पैर के बीच अच्छा खासा गैप दिख रहा था। ऋषभ पंत जब आउट हुए तो कॉमेटेटर ने भी कहा कि आखिरकार उन्होंने खुद को आउट करने का तरीका खोज ही लिया।
दरअसल सच भी यही है। ऋषभ पंत की बल्लेबाजी को देखकर कई बार ऐसा लगता है कि जैसे वो आउट होने के नए नए तरीकों पर कोई रीसर्च कर रहे हैं। इससे पहले वेलिंग्टन टेस्ट में भी ऋषभ पंत ने निराश किया था। पहली पारी में वो 19 रन बनाकर आउट हुए थे। दूसरी पारी में उन्होंने 25 रन बनाए थे।
ऋद्धिमान साहा के साथ अन्याय क्यों?
ऋषभ पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर किया गया था। इसके बाद टीम में ऋद्धिमान साहा की वापसी हुई थी। उन्हें दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में मौका मिला। इन मैचों में ऋद्धिमान साहा को बहुत ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।
ये भी सच है कि जब उन्हें मौका मिला तो वो बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन इस बात को भूलना नहीं चाहिए कि हर किसी ने विकेट के पीछे उनके रोल की जमकर तारीफ की। उनकी कीपिंग ‘स्किल्स’ पंत के मुकाबले कहीं बेहतर हैं जो उन्होंने पिछली दो सीरीज में फिर साबित किया।
बावजूद इसके न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज में विराट कोहली ने उन पर भरोसा नहीं किया। इसे ऋद्धिमान साहा के साथ अन्याय ना माना जाए तो क्या माना जाए? ऋषभ पंत पहले ही वन-डे और टी-20 टीम से बाहर हो चुके हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में विराट कोहली ने केएल राहुल से ही कीपिंग कराने का फैसला किया था। जो फैसला बिलकुल सही साबित हुआ था, लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में विराट कोहली ने एक बार फिर पंत को मैदान में उतारकर ‘एक्सपोज’ और ‘एक्सपोजर’ शब्द के संबंध को सामने रखा है।
‘एक्सपोज’ करने पर ही ‘एक्सपोजर’ मिलता है और ‘एक्सपोजर’ से ही खिलाड़ी ‘एक्सपोज’ होता है। ऋषभ पंत बुरी तरह एक्सपोज हो रहे हैं। देर-सबेर जब भी विराट कोहली का उनसे मोह भंग होगा वो लंबे समय के लिए टीम से बाहर होंगे और फिर वापसी आसान नहीं होगी।