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IND vs NZ: एजाज पटेल बोले- 10 विकेट लेने से जीवन नहीं बदलेगा लेकिन न्यूजीलैंड के लिए 80-90 टेस्ट खेलना चाहता हूं
Tue, 07 Dec 2021 03:09 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 07 Dec 2021 03:09 PM IST
सार
न्यूजीलैंड के स्पिनर एजाज पटेल का मानना है कि एक पारी में 10 विकेट लेने से उनका जीवन नहीं बदलेगा, लेकिन वो न्यूजीलैंड के लिए 80-90 टेस्ट मैच खेलना चाहते हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा बनना चाहते हैं।
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एजाज पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वानखेडे़ टेस्ट में 10 विकेट लेकर इतिहास रचने वाले कीवी स्पिनर एजाज पटेल ने कहा है कि इस प्रदर्शन की बदौलत उनका जीवन बदलना तय नहीं है, लेकिन वो न्यूजीलैंड के लिए 80-90 टेस्ट खेलना चाहते हैं। मुंबई में जन्मे एजाज टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में तीसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक पारी में सभी 10 विकेट अपने नाम किए हैं। उनसे पहले इंग्लैंड के जिम लेकर और भारत के अनिल कुंबले ने यह कारनामा किया था। हालांकि न्यूजीलैंड यह मैच हार गया था और सीरीज में भी उन्हें 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड वापस लौटने से पहले एजाज ने अपने प्रदर्शन को लेकर बात की।
एजाज का मानना है कि एक पारी में 10 विकेट लेने से उनका जीवन पूरी तरह नहीं बदलने वाला और न ही उनके ऊपर पैसों की बौछार होने वाली है। हालांकि उनका मानना है कि उन्होंने भारतीय मूल के खिलाड़ियों को जरूर प्रेरित किया है। खासकर स्पिन गेंदबाजी को लेकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि न्यूजीलैंड में एशियाई मूल के खिलाड़ी अच्छा कर सकते हैं।
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एजाज का मानना है कि एक पारी में 10 विकेट लेने से उनका जीवन पूरी तरह नहीं बदलने वाला और न ही उनके ऊपर पैसों की बौछार होने वाली है। हालांकि उनका मानना है कि उन्होंने भारतीय मूल के खिलाड़ियों को जरूर प्रेरित किया है। खासकर स्पिन गेंदबाजी को लेकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि न्यूजीलैंड में एशियाई मूल के खिलाड़ी अच्छा कर सकते हैं।
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अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी
एजाज ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया है, लेकिन आने वाले समय में उन्हें काफी मैच खेलने हैं। उन्होंने कहा कि उनके करियर में अभी काफी मैच खेलने हैं। एजाज ने कहा "आप मेरा करियर देखेंगे तो मैंने 11 मैच खेले हैं, लेकिन मैं ऐसा क्रिकेटर बनना चाहता हूं, जिसने न्यूजीलैंड के लिए 80-90 मैच खेले हों।" वहीं किसी दूसरे देश के लिए खेलने के सवाल पर उन्होंने कहा "मैं न्यूजीलैंड में ही पला बढ़ा हूं, यहीं मैंने ऑफ स्पिन गेंदबाजी की कला सीखी। यहीं मुझे एक क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ने के लिए मौके मिले। न्यूजीलैंड क्रिकेट के बिना मेरा यह करियर नहीं होता, जो अभी है। इसलिए मैं दुनिया के लिए इसे नहीं बदलूंगा। हां मेरी विरासत भारतीय है और मुझे इस पर गर्व है।"
न्यूजीलैंड में नहीं होता भेदभाव
2019 में क्राइस्टचर्च में हुए हमले के बारे में बात करते हुए एजाज ने कहा कि उन्हें न्यूजीलैंड में किसी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोग उनके धर्म और रीति रिवाजों का काफी सम्मान करते हैं। उन्हें जब भी हलाल मीट की जरूरत होती है, तब उसका भी प्रबंध किया जाता है। उन्हें जब भी नमाज पढ़ने की जरूरत होती है, तब उन्हें समय दिया जाता है और 2018 में उनके साथ एक आदमी को मस्जिद भी भेजा गया था। उन्होंने कहा कि 2019 में मस्जिद पर हमला होने के बाद न्यूजीलैंड के मुस्लिम काफी ज्यादा डर गए थे। हालांकि सरकार ने पूरे मामले को जिस तरह से संभाला, उन्हें और उनके परिवार को काफी प्यार मिला।
आखिरी ओवर में दबाव ज्यादा था
एजाज ने अपनी सफलता का श्रेय कोच रॉलैंड बैरिंगटन को दिया। बैरिंगटन कर्नाटक के रहने वाले थे और बाद में न्यूजीलैंड चले गए थे। वहीं अपने 10 विकेट पर उन्होंने कहा कि एक स्पिनर एक समय में एक ही गेंद पर ध्यान लगाता है। वो भी वही कर रहे थे, लेकिन नौवां विकेट मिलने के बाद उन्होंने इस बारे में सोचना शुरू किया। इस वजह से आखिरी ओवर में उनके ऊपर ज्यादा दबाव था, जब सिराज स्ट्राइक पर थे और एजाज के ओवर की चार गेंदें बची हुई थी।
एजाज ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया है, लेकिन आने वाले समय में उन्हें काफी मैच खेलने हैं। उन्होंने कहा कि उनके करियर में अभी काफी मैच खेलने हैं। एजाज ने कहा "आप मेरा करियर देखेंगे तो मैंने 11 मैच खेले हैं, लेकिन मैं ऐसा क्रिकेटर बनना चाहता हूं, जिसने न्यूजीलैंड के लिए 80-90 मैच खेले हों।" वहीं किसी दूसरे देश के लिए खेलने के सवाल पर उन्होंने कहा "मैं न्यूजीलैंड में ही पला बढ़ा हूं, यहीं मैंने ऑफ स्पिन गेंदबाजी की कला सीखी। यहीं मुझे एक क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ने के लिए मौके मिले। न्यूजीलैंड क्रिकेट के बिना मेरा यह करियर नहीं होता, जो अभी है। इसलिए मैं दुनिया के लिए इसे नहीं बदलूंगा। हां मेरी विरासत भारतीय है और मुझे इस पर गर्व है।"
न्यूजीलैंड में नहीं होता भेदभाव
2019 में क्राइस्टचर्च में हुए हमले के बारे में बात करते हुए एजाज ने कहा कि उन्हें न्यूजीलैंड में किसी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोग उनके धर्म और रीति रिवाजों का काफी सम्मान करते हैं। उन्हें जब भी हलाल मीट की जरूरत होती है, तब उसका भी प्रबंध किया जाता है। उन्हें जब भी नमाज पढ़ने की जरूरत होती है, तब उन्हें समय दिया जाता है और 2018 में उनके साथ एक आदमी को मस्जिद भी भेजा गया था। उन्होंने कहा कि 2019 में मस्जिद पर हमला होने के बाद न्यूजीलैंड के मुस्लिम काफी ज्यादा डर गए थे। हालांकि सरकार ने पूरे मामले को जिस तरह से संभाला, उन्हें और उनके परिवार को काफी प्यार मिला।
आखिरी ओवर में दबाव ज्यादा था
एजाज ने अपनी सफलता का श्रेय कोच रॉलैंड बैरिंगटन को दिया। बैरिंगटन कर्नाटक के रहने वाले थे और बाद में न्यूजीलैंड चले गए थे। वहीं अपने 10 विकेट पर उन्होंने कहा कि एक स्पिनर एक समय में एक ही गेंद पर ध्यान लगाता है। वो भी वही कर रहे थे, लेकिन नौवां विकेट मिलने के बाद उन्होंने इस बारे में सोचना शुरू किया। इस वजह से आखिरी ओवर में उनके ऊपर ज्यादा दबाव था, जब सिराज स्ट्राइक पर थे और एजाज के ओवर की चार गेंदें बची हुई थी।