IND vs ENG: चौथे टेस्ट में पंत कैसे कर सकते हैं पलटवार, दीप दासगुप्ता ने दी सलाह
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत मौजूदा समय में अपने खराब दौर से गुजर रहे हैं। उनकी खराब फॉर्म को देखते हुए पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता ने उन्हें सलाह दी है। दासगुप्ता के मुताबिक, पंत को अपने शॉट्स चयन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कुछ खास करिश्मा नहीं कर पाए हैं। उनकी खराब फॉर्म चिंता का विषय बनी हुर्ई है। हालांकि भारत के पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का मानना है कि पंत एक शानदार खिलाड़ी हैं जो अकेले मैच जिता सकते हैं, लेकिन खेल के दौरान उन्हें अपने शॉट्स चयन को लेकर चौकन्ना रहना होगा।
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत क्रिकेट सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड टूर पर रवाना हुए। लेकिन वह अभी तक इंग्लैंड की धरती पर कुछ खास नहीं कर पाए हैं। अब तक खेले गए चार टेस्ट मैचों की पांच पारियों में पंत के बल्ले से महज 87 रन निकले हैं। इस दौरान उनका रन बनाने का औसत 17.40 रहा। साल 2018 इंग्लैंड दौरे धमाल मचाने वाले पंत इस टूर पर खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए दीप दासगुप्ता ने पंत की खराब फॉर्म को लेकर कुछ सुझाव दिए। पूर्व क्रिकेट ने कहा, पंत को सेट हो जाने के बाद अपना नैसर्गिक खेल खेलना चाहिए। दासगुप्ता के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण है कि पंत की विचार प्रक्रिया गड़बड़ा न जाए, अगर पंत एक पारी में चल जाते हैं तो वह आपको मैच जिता सकते हैं, इसलिए आप उनके साथ मौका ले सकते हैं, लेकिन पंत को अभी अपने शॉट्स चयन को लेकर थोड़ा सावधानी बरतने की जरुरत है।
जेम्स एंडरसन और ओली रॉबिंसन इन परिस्थितियों का शानदार ढंग से उपयोग करते हुए पंत को कैसे आउट करना है जानते हैं, यदि ऋषभ ऐसे में शुरुआत में उनसे निपटते हैं तो वह हमेशा अपना नैसर्गिक खेल जारी रख सकते हैं फिर गेंद कैसी भी हो।
इंग्लैंड ने लीड्स टेस्ट जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी की थी। इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट में भारत ने इंग्लिश टीम को 151 रनों से हराया था। जबकि लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया को एक पारी और 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। वहीं नॉटिंघम में दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था।