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ICC U-19 World Cup 2022: लक्ष्मण ने पहली बार चखा वर्ल्डकप जीत का स्वाद, द्रविड़ के साथ भी हुआ था ऐसा
Sun, 06 Feb 2022 01:42 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 06 Feb 2022 01:42 AM IST
सार
पांच फरवरी के दिन वीवीएस लक्ष्मण ने पहली बार विश्वकप जीत का स्वाद चखा। बतौर खिलाड़ी लक्ष्मण ने कभी वर्ल्डकप नहीं जीता। जीतना तो दूर उन्हें कभी वर्ल्डकप खेलने का मौका ही नहीं मिला।
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राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम ने पांच फरवरी को इंग्लैंड को फाइनल मुकाबले में चार विकेट से हराया। यह टीम इंडिया आठवां फाइनल था, जिसमें उसने रिकॉर्ड पांचवीं जीत दर्ज की। इससे पहले टीम इंडिया 2000, 2006, 2008, 2012, 2016, 2018 और 2020 में फाइनल मुकाबला खेल चुकी है। भारत की अंडर-19 टीम के कोच वीवीएस लक्ष्मण पहली बार विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा बने। एक खिलाड़ी के रूप में लक्ष्मण ने कोई विश्वकप नहीं खेला है। वहीं नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) का हेड बनने के बाद पहली बार उनकी टीम ने कोई आईसीसी टूर्नामेंट खेला।
2003 में लक्ष्मण के न चुने जाने पर हुआ था बवाल
साल 2003 में भारत की विश्व कप टीम में वीवीएस लक्ष्मण को नहीं चुना गया था। इसको लेकर खासा बवाल हुआ था। इससे पहले और इसके बाद भी लक्ष्मण कभी भी भारत की वर्ल्डकप टीम में जगह नहीं बना पाए। उन्होंने अपने करियर में 86 वनडे मैच खेले और कई यादगार पारियां भी खेलीं, लेकिन कभी भी उन्हें विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली। अब लक्ष्मण के एनसीए का हेड बनने के बाद उनकी टीम पहली बार फाइनल में पहुंची और टूर्नामेंट जीता भी। वह एनसीए के हेड बनकर आए थे, लेकिन एक कोच की तरह टीम का मार्गदर्शन किया। वे पूरे टूर्नामेंट में टीम के साथ रहे। इतना ही नहीं लक्ष्मण ने यश धुल की अगुवाई वाली टीम को फाइनल मैच जिताकर वर्ल्ड कप जीतने का सपना साकार किया।
द्रविड़ के साथ भी ऐसा ही हुआ था
लक्ष्मण की तरह राहुल द्रविड़ भी एक खिलाड़ी के रूप में कभी भी कोई विश्वकप नहीं जीत पाए थे। उन्होंने 2007 विश्वकप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी, लेकिन भारत बांग्लादेश से हारकर इस वर्ल्डकप से बाहर हो गया था। वहीं 2003 में दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम फाइनल में जाकर हारी थी। इस बार द्रविड़ टीम के उपकप्तान थे। द्रविड़ कुल तीन वर्ल्डकप में भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन कभी भी ट्रॉफी नहीं जीत पाए।
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इसके बाद साल 2018 में द्रविड़ की टीम पहली बार कोई विश्वकप जीत पाई थी। 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्वकप जीता था। इस समय द्रविड़ भारतीय टीम के कोच थे। यह पहला मौका था, जब द्रविड़ की टीम ने कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। अब लक्ष्मण भी द्रविड़ की तरह कोच के रूप में ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा करना चाहेंगे।
वनडे में कैसा था लक्ष्मण का प्रदर्शन
भारत के लिए 86 वनडे मैच खेलने वाले लक्ष्मण ने 30.76 के औसत से 2338 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से छह शतक और 10 अर्धशतक भी निकले हैं। लक्ष्मण ने अपना पहला वनडे मैच अप्रैल 1998 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। इस मैच में वो शून्य पर आउट हुए थे। वहीं आठ साल बाद दिसंबर 2006 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इस मैच में भी वो शून्य पर आउट हुए थे।
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2003 में लक्ष्मण के न चुने जाने पर हुआ था बवाल
साल 2003 में भारत की विश्व कप टीम में वीवीएस लक्ष्मण को नहीं चुना गया था। इसको लेकर खासा बवाल हुआ था। इससे पहले और इसके बाद भी लक्ष्मण कभी भी भारत की वर्ल्डकप टीम में जगह नहीं बना पाए। उन्होंने अपने करियर में 86 वनडे मैच खेले और कई यादगार पारियां भी खेलीं, लेकिन कभी भी उन्हें विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली। अब लक्ष्मण के एनसीए का हेड बनने के बाद उनकी टीम पहली बार फाइनल में पहुंची और टूर्नामेंट जीता भी। वह एनसीए के हेड बनकर आए थे, लेकिन एक कोच की तरह टीम का मार्गदर्शन किया। वे पूरे टूर्नामेंट में टीम के साथ रहे। इतना ही नहीं लक्ष्मण ने यश धुल की अगुवाई वाली टीम को फाइनल मैच जिताकर वर्ल्ड कप जीतने का सपना साकार किया।
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द्रविड़ के साथ भी ऐसा ही हुआ था
लक्ष्मण की तरह राहुल द्रविड़ भी एक खिलाड़ी के रूप में कभी भी कोई विश्वकप नहीं जीत पाए थे। उन्होंने 2007 विश्वकप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी, लेकिन भारत बांग्लादेश से हारकर इस वर्ल्डकप से बाहर हो गया था। वहीं 2003 में दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम फाइनल में जाकर हारी थी। इस बार द्रविड़ टीम के उपकप्तान थे। द्रविड़ कुल तीन वर्ल्डकप में भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन कभी भी ट्रॉफी नहीं जीत पाए।
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इसके बाद साल 2018 में द्रविड़ की टीम पहली बार कोई विश्वकप जीत पाई थी। 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्वकप जीता था। इस समय द्रविड़ भारतीय टीम के कोच थे। यह पहला मौका था, जब द्रविड़ की टीम ने कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। अब लक्ष्मण भी द्रविड़ की तरह कोच के रूप में ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा करना चाहेंगे।
वनडे में कैसा था लक्ष्मण का प्रदर्शन
भारत के लिए 86 वनडे मैच खेलने वाले लक्ष्मण ने 30.76 के औसत से 2338 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से छह शतक और 10 अर्धशतक भी निकले हैं। लक्ष्मण ने अपना पहला वनडे मैच अप्रैल 1998 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। इस मैच में वो शून्य पर आउट हुए थे। वहीं आठ साल बाद दिसंबर 2006 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इस मैच में भी वो शून्य पर आउट हुए थे।