दक्षिण अफ्रीका को लग सकता है तगड़ा झटका, अमला कॉलपेक करार करने को तैयार!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के लिए अभी कुछ भी सही नहीं चल रहा है। हाल ही में उसे इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शिकस्त झेलना पड़ी और फिर खबर आई कि प्रमुख तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्केल कॉलपेक करार करने के लिए राजी हो गए हैं। अब टीम के लिए जोरदार झटके वाली एक और खबर सामने आई है। दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला के भी कॉलपेक करार करने की बातचीत चल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स पर विश्वास करें तो अमला को इंग्लैंड की कई काउंटी टीमें अपने साथ जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई हैं। अगर ऐसा रहा तो फिर अमला दक्षिण अफ्रीका का साथ छोड़कर काउंटी क्रिकेट खेलना शुरू करेंगे। दक्षिण अफ्रीका के कुछ खिलाड़ी पहले ही कॉलपेक करार करके टीम को झटका दे चुके हैं।
दाएं हाथ के बल्लेबाज टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं और अगर उन्होंने कॉलपेक करार किया तो दक्षिण अफ्रीका के लिए ये बहुत तगड़ा झटका साबित होगा। ये भी कहा जा रहा है कि इंग्लैंड में अमला का बल्ला खामोश रहा और इसके बाद से वो कॉलपेक डील को लेकर काफी गंभीर दिख रहे हैं।
क्या है कॉलपेक करार
प्रोटियाज टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और माना जा रहा है कि इंग्लैंड के ऑटिस गिब्सन दक्षिण अफ्रीका के हेड कोच बन सकते हैं। अमला को गिब्सन पसंद नहीं हैं और अगर मौजूदा हेड कोच डोमिंगो जाते हैं तो आमला भी नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि 34 वर्षीय अमला को काउंटी में खेलना रास आ सकता है, क्योंकि काउंटी क्रिकेट में खिलाड़ियों पर ज्यादा दबाव नहीं होता। अमला का प्रदर्शन भी इंग्लैंड में उच्चस्तर का नहीं रहा, जिससे वो खुद भी बेहद निराश हैं। अमला काउंटी में पहले भी अच्छा खेल दिखा चुके हैं और उन्होंने एसेक्स की तरफ से शानदार खेल दिखाया है। अब ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या आमला कॉलपेक करार करते हैं, अगर वो ऐसा करते हैं तो दक्षिण अफ्रीका की टीम को उनका विकल्प खोजना मुश्किल होगा और वो नई मुसीबत में पड़ सकती है।
कॉलपेक करार के तहत ईयू देश के नागरिक को दूसरे ईयू देश में खेलने की इजाजत होती है। 2009 में ब्रिटिश होम ऑफिस ने नियम निकाला कि जो भी कॉलपेक डील साइन करेगा, उस खिलाड़ी के पास यूके का चार वर्ष का वर्क परमिट होना अनिवार्य है और साथ ही इंटरनेशनल मैच में कुछ मैच खेलना जरुरी है। एक खिलाड़ी चार वर्ष के बाद अपनी राष्ट्रीय टीम में वापसी कर सकता है।