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ऑस्ट्रेलिया की सफलता का राज: तीन साल से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को प्रैक्टिस करा रहे हैं हरियाणा के प्रदीप, राशिद और चहल की तरह करते हैं गेंद
Mon, 15 Nov 2021 07:01 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 15 Nov 2021 07:01 PM IST
सार
ऑस्ट्रेलिया की सफलता में हरियाणवी प्रदीप का अहम योगदान है। वो तीन साल से बतौर नेट गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को लेग स्पिन, गुगली गेंदों की प्रैक्टिस करा रहे हैं। प्रदीप राशिद खान और युजवेन्द्र चहल की तरह गेंदबाजी करके ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को अभ्यास कराते हैं।
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प्रदीप साहू
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस वर्ल्डकप में स्पिन गेंदबाजों को काफी बेहतर तरीके से खेला है। खासकर फाइनल मैच में उन्होंने ईश सोढ़ी की जमकर पिटाई की और उनके तीन ओवरों में 40 रन बटोरे। कंगारुओं की सफलता में उनके स्पिन गेंदबाजी कोच पूर्व भारतीय खब्बू स्पिनर श्रीधरन श्रीराम के रोल के बारे में दुनिया जानती है, लेकिन यूएई की धीमी पिचों पर कंगारुओं के सफल होने में एक और भारतीय का हाथ है। यह हरियाणा के प्रदीप साहू हैं जो पिछले तीन सालों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को बतौर नेट गेंदबाज लेग स्पिन, गुगली, टॉप स्पिन, स्लाइडर जैसी गेंदों की प्रैक्टिस करा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम साहू से इतना प्रभावित है कि वे जिस दौरे पर भी जाते हैं उन्हें साथ ले जाना नहीं भूलते हैं।
श्रीराम ने फोन कर बुलाया था दुबई
हरियाणा के लिए रणजी ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी खेलने वाले भिवानी के प्रदीप साहू को याद है कि 2018 में उनके पास श्रीराम का फोन आया। उन्होंने उनसे कहा कि क्या वह ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रैक्टिस कराने दुबई आ सकते हैं। उन्होंने तुरंत हामी भर दी। कंगारुओं को पाकिस्तान के यासिर शाह के खिलाफ प्रैक्टिस करनी थी। यहां उनके प्रैक्टिस कराने के तरीके से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेहद प्रभावित हुए। उसके बाद से वह लगातार टीम के साथ हैं। दरअसल श्रीराम ने दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच होने के दौरान उन्हें आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते देखा था। यहीं से वह उनकी गेंदबाजी से प्रभावित हुए।
राशिद, चहल की सबसे ज्यादा होती है डिमांड
साहू के मुताबिक वह 16 अक्तूबर तक केकेआर के साथ आईपीएल में बतौर नेट गेंदबाज जुड़े हुए थे। उससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें दुबई में अपने साथ टी-20 विश्व कप के लिए जुड़ने को कहा, लेकिन वह फाइनल में होने के कारण केकेआर को नहीं छोड़ सकते थे। जिसके चलते वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ टी-20 विश्व कप में नहीं जुड़ पाए। लेकिन साहू कहते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया इस विश्व कप में अच्छा करेगी। मैक्सवेल हों, वार्नर, फिंच, मार्श या स्टोइनिस हर कोई स्पिन गेंदबाजी को गंभीरता से खेलता है। राशिद, चहल, यासिर की गेंदों की डिमांड नेट पर ज्यादा होती है। यही कारण है कि उन्होंने राशिद की बैकहैंड से तेज गुगली, चहल की फ्रंट हैंड से धीमी गेंद और स्लाइडर के अलावा यासिर की तरह गेंदें उन्हें नेट पर खिलाई हैं।
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आईपीएल में खेलने की फिर उम्मीद
प्रदीप कहते हैं कि वह भले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रैक्टिस करा रहे हैं, लेकिन अगले वर्ष होने वाले आईपीएल में उन्हें उम्मीद है कि कोई न कोई टीम जरूर खरीदेगी।
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श्रीराम ने फोन कर बुलाया था दुबई
हरियाणा के लिए रणजी ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी खेलने वाले भिवानी के प्रदीप साहू को याद है कि 2018 में उनके पास श्रीराम का फोन आया। उन्होंने उनसे कहा कि क्या वह ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रैक्टिस कराने दुबई आ सकते हैं। उन्होंने तुरंत हामी भर दी। कंगारुओं को पाकिस्तान के यासिर शाह के खिलाफ प्रैक्टिस करनी थी। यहां उनके प्रैक्टिस कराने के तरीके से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेहद प्रभावित हुए। उसके बाद से वह लगातार टीम के साथ हैं। दरअसल श्रीराम ने दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच होने के दौरान उन्हें आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते देखा था। यहीं से वह उनकी गेंदबाजी से प्रभावित हुए।
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राशिद, चहल की सबसे ज्यादा होती है डिमांड
साहू के मुताबिक वह 16 अक्तूबर तक केकेआर के साथ आईपीएल में बतौर नेट गेंदबाज जुड़े हुए थे। उससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें दुबई में अपने साथ टी-20 विश्व कप के लिए जुड़ने को कहा, लेकिन वह फाइनल में होने के कारण केकेआर को नहीं छोड़ सकते थे। जिसके चलते वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ टी-20 विश्व कप में नहीं जुड़ पाए। लेकिन साहू कहते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया इस विश्व कप में अच्छा करेगी। मैक्सवेल हों, वार्नर, फिंच, मार्श या स्टोइनिस हर कोई स्पिन गेंदबाजी को गंभीरता से खेलता है। राशिद, चहल, यासिर की गेंदों की डिमांड नेट पर ज्यादा होती है। यही कारण है कि उन्होंने राशिद की बैकहैंड से तेज गुगली, चहल की फ्रंट हैंड से धीमी गेंद और स्लाइडर के अलावा यासिर की तरह गेंदें उन्हें नेट पर खिलाई हैं।
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आईपीएल में खेलने की फिर उम्मीद
प्रदीप कहते हैं कि वह भले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रैक्टिस करा रहे हैं, लेकिन अगले वर्ष होने वाले आईपीएल में उन्हें उम्मीद है कि कोई न कोई टीम जरूर खरीदेगी।