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कैसे भज्जी क्रिकेटर से बने गायक, खुद ही खोला राज
चंडीगढ़/ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2013 01:32 AM IST
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एक दूनी दो, दो दूनी चार, चार दूनी आठ...। बचपन में दूसरे बच्चों के मुंह से ऐसे ही पहाड़े सुना करता था और उन्हीं की तरह सुर में गाया करता था।
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ऐसे ही मैंने अब गीत गाना सीखा और निकाल दिया अपना सोलो ट्रैक। यह मेरे लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। यह कहना है इंडियन टीम के क्रिकेटर हरभजन सिंह उर्फ भज्जी का।
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वह वीरवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में अपना पंजाबी गीत मेरी मां... रिलीज करने पहुंचे थे। इस मौके मुख्य मेहमान मशहूर पंजाबी सूफी गायक सतिंदर सरताज के साथ वीनस एंटरटेनमेंट ग्रुप के चेयरमैन चंपक जैन और अन्य मौजूद थे।
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अपने ट्रैक के बारे में भज्जी ने बताया कि उन्होंने पहली बार शौकिया तौर पर यह ट्रैक निकाला है। गीतकार संजय ग्लोरी द्वारा लिखे इस गीत को जब मैंने पढ़ा, तो एक बार के लिए मेरी आंखें भर आईं।
इसके बाद मैने ठान लिया कि इस गीत को गाने के साथ ही इसका वीडियो भी शूट करना है। मेरी मां.. गीत की कहानी बहुत कुछ मेरी असल जिंदगी से भी मिलती है। यह सिर्फ मेरी ही मां को नहीं, बल्कि पंजाब के पुत्रों की सभी माताओं को समर्पित है।
उन्होंने बताया कि यह गीत मैंने शौकिया तौर पर ही गाया है। मेरा असल पेशा तो क्रिकेट ही है। मैं भविष्य में भी ऐसे ही नए-नए प्रोजेक्ट्स करता रहूंगा। भज्जी ने बताया कि उन्होंने इस गीत को गाने के लिए चार-पांच दिनों तक कई-कई घंटे तक रियाज किया। वह जल्द ही दो पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय करते दिखेंगे।
यूएस भी जाएंगे लाइव शो करने
भज्जी ने बताया कि वह 27 जुलाई को गायक सतिंदर सरताज के साथ यूएस में आयोजित एक नाइट में लाइव प्रस्तुति देने भी जाएंगे। वहां वह मेरी मां... गीत के साथ ही अन्य गीतों की भी लाइव प्रस्तुति देंगे।