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Milind Rege Died: मुंबई के पूर्व कप्तान और चयनकर्ता मिलिंद रेगे का निधन, सचिन तेंदुलकर ने पोस्ट कर जताया दुख
Wed, 19 Feb 2025 12:27 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:27 PM IST
सार
ऑलराउंडर के रूप में खेलने वाले रेगे को 26 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ा था, लेकिन वह क्रिकेट के मैदान पर वापस लौटे और रणजी ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी भी की।
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मिलिंद रेगे
- फोटो : Twitter
विस्तार
मुंबई के पूर्व कप्तान और चयनकर्ता मिलिंद रेगे का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 76 साल के थे। पिछले रविवार को 76 साल के हुए रेगे को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था और बुधवार सुबह करीब छह बजे उनका निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मिलिंद रेगे के निधन पर दुख जताया है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'मिलिंद रेगे सर के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह मुंबई के एक सच्चे क्रिकेटर थे। उनका शहर के क्रिकेट के उत्थान में बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने और सीसीआई के अन्य सदस्यों ने मुझमें क्षमता देखी और मुझे सीसीआई के लिए खेलने के लिए कहा। अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि वह मेरे करियर में एक ऐतिहासिक क्षण था। वह कड़ी मेहनत करने वाले, आशावान लोगों में से एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को चुनने की अद्भुत क्षमता रखते थे। सभी स्तरों पर, विशेषकर जूनियर स्तर पर प्रतिभा को चुनने के लिए उनके पास विशेष छठी इंद्रिय थी। वह अपने पीछे एक शून्य छोड़ गए हैं, जिसे भरना कठिन है। वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लोगों के जीवन पर उनकी छाप हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कई लोगों के जीवन में बदलाव लाया और निश्चित रूप से मेरे जीवन में सबसे बड़ा बदलाव लाया। सर, हर चीज के लिए धन्यवाद। उनके दोस्तों और परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना।
ऑलराउंडर के रूप में खेलने वाले रेगे को 26 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ा था, लेकिन वह क्रिकेट के मैदान पर वापस लौटे और रणजी ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी भी की। उन्होंने 1966-67 और 1977-78 के बीच 52 प्रथम श्रेणी मैच खेले और अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी गेंदबाजी से 126 विकेट लिए। उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 23.56 के औसत से 1,532 रन बनाए।
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के बचपन के दोस्त रेगे ने गावस्कर के साथ ही स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई की और दादर यूनियन स्पोर्टिंग क्लब में उनके साथ खेला। मुंबई और घरेलू क्रिकेट में सबसे सम्मानित व्यक्तियों में से एक के रूप में रेगे ने अपने करियर के दौरान कई भूमिकाएं निभाईं और क्रिकेट सलाहकार के रूप में मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) से भी जुड़े रहे।
नागपुर में विदर्भ के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल खेल रही मुंबई की क्रिकेट टीम रेगे के सम्मान में तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरी। एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने एक बयान में कहा, 'मिलिंद रेगे सर के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। मुंबई क्रिकेट के दिग्गज। एक खिलाड़ी, चयनकर्ता और मार्गदर्शक (मेंटर) के रूप में उनका योगदान अमूल्य था।'
उन्होंने कहा, 'उनके मार्गदर्शन ने क्रिकेटरों की पीढ़ियों को आकार दिया और उनकी विरासत को हमेशा संजोया जाएगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना।'
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उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'मिलिंद रेगे सर के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह मुंबई के एक सच्चे क्रिकेटर थे। उनका शहर के क्रिकेट के उत्थान में बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने और सीसीआई के अन्य सदस्यों ने मुझमें क्षमता देखी और मुझे सीसीआई के लिए खेलने के लिए कहा। अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि वह मेरे करियर में एक ऐतिहासिक क्षण था। वह कड़ी मेहनत करने वाले, आशावान लोगों में से एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को चुनने की अद्भुत क्षमता रखते थे। सभी स्तरों पर, विशेषकर जूनियर स्तर पर प्रतिभा को चुनने के लिए उनके पास विशेष छठी इंद्रिय थी। वह अपने पीछे एक शून्य छोड़ गए हैं, जिसे भरना कठिन है। वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लोगों के जीवन पर उनकी छाप हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कई लोगों के जीवन में बदलाव लाया और निश्चित रूप से मेरे जीवन में सबसे बड़ा बदलाव लाया। सर, हर चीज के लिए धन्यवाद। उनके दोस्तों और परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना।
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Sad to hear about Milind Rege Sir's passing. He was a true Mumbai cricketer with immense contributions to the city's cricket. He and other CCI members saw potential in me and asked me to play for CCI, which, as I look back now, was a landmark moment in my career.
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He could pick… pic.twitter.com/MD00ghszkW— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 19, 2025
ऑलराउंडर के रूप में खेलने वाले रेगे को 26 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ा था, लेकिन वह क्रिकेट के मैदान पर वापस लौटे और रणजी ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी भी की। उन्होंने 1966-67 और 1977-78 के बीच 52 प्रथम श्रेणी मैच खेले और अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी गेंदबाजी से 126 विकेट लिए। उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 23.56 के औसत से 1,532 रन बनाए।
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के बचपन के दोस्त रेगे ने गावस्कर के साथ ही स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई की और दादर यूनियन स्पोर्टिंग क्लब में उनके साथ खेला। मुंबई और घरेलू क्रिकेट में सबसे सम्मानित व्यक्तियों में से एक के रूप में रेगे ने अपने करियर के दौरान कई भूमिकाएं निभाईं और क्रिकेट सलाहकार के रूप में मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) से भी जुड़े रहे।
नागपुर में विदर्भ के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल खेल रही मुंबई की क्रिकेट टीम रेगे के सम्मान में तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरी। एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने एक बयान में कहा, 'मिलिंद रेगे सर के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। मुंबई क्रिकेट के दिग्गज। एक खिलाड़ी, चयनकर्ता और मार्गदर्शक (मेंटर) के रूप में उनका योगदान अमूल्य था।'
उन्होंने कहा, 'उनके मार्गदर्शन ने क्रिकेटरों की पीढ़ियों को आकार दिया और उनकी विरासत को हमेशा संजोया जाएगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना।'