{"_id":"590022a74f1c1b9928c0d834","slug":"former-cricketer-amol-jickhar-allegedly-commits-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंखे पर लटकी मिली भारतीय क्रिकेटर की लाश, आत्महत्या का शक","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
पंखे पर लटकी मिली भारतीय क्रिकेटर की लाश, आत्महत्या का शक
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 26 Apr 2017 02:42 PM IST
विज्ञापन
क्रिकेट
- फोटो : Pintrest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदर्भ के लिए 6 रणजी मैच खेल चुके पूर्व क्रिकेटर अमोल जिच्खर की लाश नागपुर के लिए सिविल लाइंस में स्थित उनके घर में मिला। प्राप्त खबरों के अनुसार 38 वर्षीय क्रिकेटर ने आर्थिक तंग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहा कहना है कि पहली नजर में मालूम होता है कि इस खिलाड़ी ने पंखे से लटक कर आत्महत्या की है। परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा है।
बता दें कि जिच्खर ने 1998 से 2002 के बीच घरेलु क्रिकेट खेला था। विदर्भ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज अंडर-19 क्रिकेट से उभरे। 6 रणजी मैचों में 55 की औसत से 7 विकेट चटकाने वाले अमोल ने अपने बल्ले से 101 रन भी बनाए हैं। इसके अलावा उन्होंने 8 लिस्ट-ए मैच खेले है, जिसमें उन्होंने 32.75 की औसत से 8 विकेट लिए।
नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में यह खबर आग की तरह फैसी। बताया जा रहा है कि शहर में अमोल रेस्त्रां मालिक थे और हाल ही में उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक नया रेस्त्रां खोला था। घाटे में चल रहे बिजनेस का दबाव झेलने में नाकान रहने के बाद उन्होंने अपने जीवन को खत्म करने का फैसला किया। इस घटना के दौरान उनके माता-पिता पुणे में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि जिच्खर ने 1998 से 2002 के बीच घरेलु क्रिकेट खेला था। विदर्भ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज अंडर-19 क्रिकेट से उभरे। 6 रणजी मैचों में 55 की औसत से 7 विकेट चटकाने वाले अमोल ने अपने बल्ले से 101 रन भी बनाए हैं। इसके अलावा उन्होंने 8 लिस्ट-ए मैच खेले है, जिसमें उन्होंने 32.75 की औसत से 8 विकेट लिए।
विज्ञापन
नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में यह खबर आग की तरह फैसी। बताया जा रहा है कि शहर में अमोल रेस्त्रां मालिक थे और हाल ही में उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक नया रेस्त्रां खोला था। घाटे में चल रहे बिजनेस का दबाव झेलने में नाकान रहने के बाद उन्होंने अपने जीवन को खत्म करने का फैसला किया। इस घटना के दौरान उनके माता-पिता पुणे में थे।
विज्ञापन