कोरोना: वेदा कृष्णमूर्ति के बुरे वक्त में BCCI ने नहीं दिया साथ, ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की पूर्व कप्तान ने सुनाई खरी खोटी
ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान ने कहा कि कोरोना में मां-बहन को खोने वालीं क्रिकेटर वेदा को बीसीसीआई ने टीम से भी बाहर कर दिया।
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ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान लिसा स्टालेकर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने परिवार के दो सदस्यों के निधन के बाद भी वेदा कृष्णमूर्ति से ना तो कोई संपर्क किया ना यह बताना सही समझा कि आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए इस शोकाकुल खिलाड़ी के नाम पर विचार नहीं किया जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में मध्यक्रम की इस बल्लेबाज की बहन वत्सला का कोरोना वायरस संक्रमण के कारण निधन हो गया था। इससे दो सप्ताह पहले उनकी मां की भी कोविड से मौत हुई। अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट और एकदिवसीय महिला टीम में वेदा को जगह नहीं दी गई है।
बीसीसीआई के रवैये से नाखुश हैं स्टालेकर
आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल स्टालेकर इस मामले से निपटने के तरीके पर बीसीसीआई के रवैये से खुश नहीं हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में 1000 रन और 100 विकेट चटकाने वाली पहली महिला खिलाड़ी स्टालेकर ने ट्विटर पर लिखा, आगामी श्रृंखला के लिए वेदा का चयन नहीं करना उनके दृष्टिकोण से उचित हो सकता है, मुझे सबसे ज्यादा निराशा इस बात की है कि एक अनुबंधित खिलाड़ी के रूप में उनसे बीसीसीआई ने कोई संपर्क नहीं किया।
वेदा ने दो सप्ताह के अंदर मां और बहन को खोया
बीसीसीआई ने यह भी पता नहीं किया कि वह मौजूदा स्थिति का सामना कैसे कर रही हैं। एक अच्छे संघ को खिलाड़ियों का बेहतर तरीके से ध्यान रखना चाहिए। उसे सिर्फ किसी भी कीमत पर मैच करने पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यह काफी निराशाजनक है। बंगलूरू की 28 साल की वेदा ने दो सप्ताह के अंदर मां और बहन को खोने के बाद भावुक श्रद्धांजलि दी थी। भारत के लिए 48 एकदिवसीय और 76 टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाली वेदा सोशल मीडिया के जरिये कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की मदद कर रही हैं।