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'कोहली की सफलता का श्रेय बल्ले की रफ्तार में बदलाव को दिया जाए'
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:22 PM IST
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पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में विराट कोहली की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए उनकी सफलता का श्रेय बल्ले की रफ्तार में बदलाव को दिया। चार साल पहले इंग्लैंड दौरे पर नाकाम रहे कोहली ने पहले टेस्ट में शतक जमाया हालांकि भारत को हार से नहीं बचा सके।
गावस्कर ने कहा, ‘यह जबर्दस्त था। उसने बल्ले की रफ्तार में कुछ बदलाव किया है। 2014 में वह ऑफ स्टम्प से बाहर जाती गेंदें नहीं खेल पा रहा था। अब वह गेंद के आने का इंतजार करता है।’ उन्होंने कहा, ‘उसने जो बदलाव किया है, मानसिक रूप से खुद को ढाला है, वह असाधारण है। यही वजह है कि वह रन बना सका है। यह मामूली सा तकनीकी बदलाव है कि वह शरीर के पास नहीं खेल रहा।’
गावस्कर ने कहा कि इंग्लैंड में फुटवर्क और संयम की काफी जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘वहां फुटवर्क और संयम काफी अहम है क्योंकि गेंद उछलकर आती है। हम उसकी अपेक्षा नहीं कर रहे थे क्योंकि जून जुलाई में वैसे वहां मौसम भारत जैसा ही होता है। उपमहाद्वीप के खिलाड़ियों के लिये यह आसान नहीं होता और यही वजह है कि मैं कहता रहता हूं कि हमें लाल गेंद का क्रिकेट अधिक खेलना चाहिए।’
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गावस्कर ने कहा, ‘यह जबर्दस्त था। उसने बल्ले की रफ्तार में कुछ बदलाव किया है। 2014 में वह ऑफ स्टम्प से बाहर जाती गेंदें नहीं खेल पा रहा था। अब वह गेंद के आने का इंतजार करता है।’ उन्होंने कहा, ‘उसने जो बदलाव किया है, मानसिक रूप से खुद को ढाला है, वह असाधारण है। यही वजह है कि वह रन बना सका है। यह मामूली सा तकनीकी बदलाव है कि वह शरीर के पास नहीं खेल रहा।’
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गावस्कर ने कहा कि इंग्लैंड में फुटवर्क और संयम की काफी जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘वहां फुटवर्क और संयम काफी अहम है क्योंकि गेंद उछलकर आती है। हम उसकी अपेक्षा नहीं कर रहे थे क्योंकि जून जुलाई में वैसे वहां मौसम भारत जैसा ही होता है। उपमहाद्वीप के खिलाड़ियों के लिये यह आसान नहीं होता और यही वजह है कि मैं कहता रहता हूं कि हमें लाल गेंद का क्रिकेट अधिक खेलना चाहिए।’
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