आईपीएल के बीच में ही किंग्स इलेवन पंजाब ने बदल दिया कप्तान
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टीम की आईपीएल-9 में भी बेहद खराब प्रदर्शन को देखते हुए किंग्स इलेवन पंजाब ने टूर्नामेंट के बीच में ही अपना कप्तान बदल दिया है। अब टीम की कमान मुरली विजय को सौंपी गई है।
पिछले सत्रों में खराब प्रदर्शन के बाद पंजाब टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि इस बार टीम अच्छा खेल दिखाएगी, लेकिन टीम उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे सकी। अब तक खेले 6 मैचों में उसे 5 में हार मिली है और अंक तालिका में वह सबसे नीचे बनी हुई है।
पंजाब ने अपने कप्तान डेविड मिलर को कप्तानी के पद से हटा दिया और उनकी जगह बल्लेबाज मुरली विजय को कप्तान बनाया। हालांकि अफ्रीकी बल्लेबाज मिलर टीम में बतौर खिलाड़ी बने रहेंगे। कप्तानी में नाकाम रहे मिलर ने बल्ले से ठीक-ठाक खेल दिखाया और 6 मैचों में 129 के स्ट्राइक रेट से 76 रन बनाए हैं।
राजकोट में गुजरात लायंस के खिलाफ मैच से पहले पंजाब टीम प्रबंधन ने यह फैसला लेते हुए कहा, "डेविड मिलर टीम का हिस्सा बने रहेंगे क्योंकि वह टीम के लिए बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं।"
मिलर को फरवरी में जॉर्ज बैली की जगह टीम का कप्तान बनाया गया था तो सभी को इस फैसले पर आश्चर्य हुआ क्योंकि उन्हें दक्षिण अफ्रीका में घरेलू टी-20 क्रिकेट लीग में कप्तानी का खास अनुभव नहीं था। उन्होंने 2015-16 में अफ्रीका टी-20 कप में क्वाजुलू नटाल के लिए 3 मैचों में कप्तानी की थी। इसके अलावा उन्होंने 2007-08 में अंडर-19 में एक बार टीम की अगुवाई की थी।
तो मुरली विजय के पास भी नहीं है कप्तानी का अनुभव
विस्फोटक बल्लेबाज मिलर 2011 में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम से जुड़े थे और उस समय उनकी इस टीम में एंट्री इंग्लैंड के ऑलराउंडर दमित्री मास्करेनहैस की जगह पर हुई थी। मिलर उन 4 खिलाड़ियों में एक हैं जिन्हें उनकी फ्रेंचाइजी ने 2016 की नीलामी से पहले अपनी टीम में बनाए रखा था और उन्हें रिलीज नहीं किया था।
मिलर की जगह बल्लेबाज मुरली विजय को कप्तान बनाया गया है, लेकिन उनके पास भी कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं है। उन्होंने अपनी घरेलू टीम तमिलनाडु के लिए 2009 से 2011 के बीच कुल 13 मैचों (तीनों प्रारुप) में कप्तानी की जिसमें 7 टी-20 मैच भी शामिल हैं। हालांकि इस बार विजय का प्रदर्शन बहुत खास नहीं रहा है। उन्होंने 6 मैचों में 113.50 की औसत से 143 रन बनाए हैं।