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Ramakant Desai: पाकिस्तानी दिग्गज को बकरा बनाकर रखता था यह भारतीय गेंदबाज, छोटे कद के बावजूद बाउंसर थी खासियत
Mon, 20 Jun 2022 01:12 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 20 Jun 2022 01:12 PM IST
सार
पांच फीच चार इंच के रमाकांत देसाई ने नौ पारियों में चार बार पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद को आउट किया था। उनकी तेज बाउंसर गेंदों के सामने बड़े से बड़ा बल्लेबाज भी परेशान हो जाता था।
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रमाकांत देसाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
20 जून का दिन भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बहुत खास है। इस दिन राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी, लेकिन इसी दिन एक खास तेज गेंदबाज का जन्म हुआ था, जो अपनी तेज बाउंसर गेंदों के लिए जाना जाता था। आज के समय में भारत के पास कई विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज हैं, जो दुनिया की किसी भी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। 1960-70 के दशक में भारत के पास ज्यादा तेज गति के गेंदबाज नहीं थे। ऐसे में रमाकांत देसाई ने अपनी अलग छाप छोड़ी थी।
रमाकांत का जन्म 20 जून 1939 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। पहले ही मैच में रमाकांत ने 49 ओवर की गेंदबाजी की थी और 169 रन देकर चार विकेट लिए थे।
इंग्लैंड दौरे में किया था कमाल
रमाकांत की लंबाई पांच फीट चार इंच थी, लेकिन उनकी बाउंसर गेंद बहुत ही खतरनाक थी। उस समय बल्लेबाजों के पास आज की तरह मजबूत हेलमेट भी नहीं होते थे। इस वजह से बल्लेबाज उनसे डरते थे और उन्हें टिनी देसाई भी कहा जाता था। इंग्लैड दौरे पर देसाई ने कमाल की गेंदबाजी की थी। उछाल भरी पिचें भी उनकी मदद कर रही थीं और लॉर्ड्स में उन्होंने 89 रन देकर पांच विकेट लिए थे। इसके बाद विजडन पत्रिका में उनकी आउट स्विंग और बाउंसर गेंद की तारीफ की गई थी।
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रमाकांत का जन्म 20 जून 1939 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। पहले ही मैच में रमाकांत ने 49 ओवर की गेंदबाजी की थी और 169 रन देकर चार विकेट लिए थे।
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इंग्लैंड दौरे में किया था कमाल
रमाकांत की लंबाई पांच फीट चार इंच थी, लेकिन उनकी बाउंसर गेंद बहुत ही खतरनाक थी। उस समय बल्लेबाजों के पास आज की तरह मजबूत हेलमेट भी नहीं होते थे। इस वजह से बल्लेबाज उनसे डरते थे और उन्हें टिनी देसाई भी कहा जाता था। इंग्लैड दौरे पर देसाई ने कमाल की गेंदबाजी की थी। उछाल भरी पिचें भी उनकी मदद कर रही थीं और लॉर्ड्स में उन्होंने 89 रन देकर पांच विकेट लिए थे। इसके बाद विजडन पत्रिका में उनकी आउट स्विंग और बाउंसर गेंद की तारीफ की गई थी।
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हनीफ मोहम्मद को किया था परेशान
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960-61 में हुई सीरीज में रमाकांत ने हनीफ मोहम्मद को खासा परेशान किया था। उन्होंने नौ पारियों में चार बार हनीफ का शिकार किया था। उनकी बाउंसर गेंदों पर हनीफ जमकर परेशान हुए थे। इसके भारतीय टीम के खिलाड़ी उन्हें रमाकांत का बकरा कहकर चिढ़ाते थे। रमाकांत ने 1960 में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 85 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने पीसी जोशी के साथ 149 रन की साझेदारी की थी, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। उन्होंने 28 टेस्ट में कुल 74 विकेट चटकाए, जिसमें दो पांच विकेट हॉल भी शामिल हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960-61 में हुई सीरीज में रमाकांत ने हनीफ मोहम्मद को खासा परेशान किया था। उन्होंने नौ पारियों में चार बार हनीफ का शिकार किया था। उनकी बाउंसर गेंदों पर हनीफ जमकर परेशान हुए थे। इसके भारतीय टीम के खिलाड़ी उन्हें रमाकांत का बकरा कहकर चिढ़ाते थे। रमाकांत ने 1960 में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 85 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने पीसी जोशी के साथ 149 रन की साझेदारी की थी, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। उन्होंने 28 टेस्ट में कुल 74 विकेट चटकाए, जिसमें दो पांच विकेट हॉल भी शामिल हैं।