{"_id":"5a71d5a14f1c1ba3268b79c5","slug":"complete-profile-of-under-19-player-ishan-porel","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेमीफाइनल में पाक को धूल चटाने वाला इशान, रोज 80 किलोमीटर का सफर तय कर आज बना सफल गेंदबाज","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
सेमीफाइनल में पाक को धूल चटाने वाला इशान, रोज 80 किलोमीटर का सफर तय कर आज बना सफल गेंदबाज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 31 Jan 2018 08:13 PM IST
विज्ञापन
ईशान पोरेल
अंडर 19 विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 203 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत की इस जीत में शुभमन गिल और इशान पोरेल ने अहम भूमिका निभाई। शुभमन गिल ने जहां तेज शतक लगाकर टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया। वहीं, तेज गेंदबाज इशान पोरेल ने पाक टीम के चार अहम खिलाड़ियों को शिकार बनाया।
विज्ञापन
क्रिकेट जगत में 18 साल के युवा तेज गेंदबाज इशान पोरेल की चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। पोरेल विजय हजारे ट्रॉफी में भी बंगाल की तरफ से खेल चुके हैं। पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले इशान का खेल से पुराना नाता है। दरअसल इशान के दादा, पिता और चाचा सभी कबड्डी के खिलाड़ी थे। ईशान के पिता चंद्रनाथ पोरेल ईस्टर्न रेलवे में नौकरी करते हैं और ये नौकरी भी उन्होंने स्पोर्ट्स कोटे के दम पर हासिल की थी।
विज्ञापन
अपने परिवार में क्रिकेट खेलने वाले इशान पहले और एकमात्र खिलाड़ी हैं। बचपन से स्विमिंग में दिलचस्पी रखने वाले इशान ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। पहले इशान एक बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन कोलकाता के क्रिकेट एकेडमी में जब इशान पहुंचे तो कोच ने उनका कद देखकर उन्हें गेंदबाज बनने की सलाह दी। गेंदबाजी की प्रैक्टिस करने के लिए इशान रोजना घर से दूर 40 किलोमीटर ट्रेन से जाते थे। इस तरह वह रोजाना 80 किलोमीटर का लंबा सफर सिर्फ गेंदबाज बनने के लिए तय किया करते थे।
विज्ञापन
अंडर 19 विश्वकप में भारत का सम्मान बढ़ाने वाला यह तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली और भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का फैन है। 15 साल की उम्र में इशान ने अंडर-19 बंगाल टीम के लिए खेलना शुरू कर दिया था। आईपीएल सीजन 11 की नीलामी में अंडर-19 के कई खिलाड़ियों को खरीदा गया है, लेकिन किसी भी फ्रैंचाइजी ने इस शानदार गेंदबाज को खरीदना जरूरी नहीं समझा।