B'day special: जब कपिल ने एक लड़की को ट्रेन में किया था प्रपोज, जाने उनकी कुछ रोचक बातें
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1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया के कप्तान और विश्व क्रिकेट के सर्वकालिक महान ऑलराउंडर में से एक कपिल देव आज अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। कपिल देव को वास्तव में टीम इंडिया के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक माना जाता है। उन्होंने टीम इंडिया को पहला वर्ल्ड कप जिताया था।
- कपिल देव के वर्ल्ड कप जीतने की कहानी भी कुछ अजीबोगरीब है। कैसे कपिल ने वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीम के मुंह से जीत छीन ली थी। टीम इंडिया ने फाइनल मैच में सिर्फ 183 रन बनाए थे, जो वेस्टइंडीज के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के आगे कुछ नहीं था। टीम इंडिया की ओर से कोई भी बल्लेबाज 40 का स्कोर पार नहीं कर सका था और वेस्टइंडीज टीम को लगा उनकी जीत सुनिश्चित है। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। उस समय लाला अमरनाथ और मदन लाल की शानदार गेंदबाजी से 140 पर ही विपक्षी टीम को समेट दिया और टीम इंडिया विश्व विजेता बना।
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- कपिल का ये भी किस्सा काफी मशहूर है। एक समय की बात है जब कपिल ट्रेन में सफर कर रहे थे, तब ट्रेन में एक खूबसूरत लड़की गुजरी, तब कपिल ने एक लड़की से कहा, 'क्या तुम इस जगह की तस्वीर लेना चाहोगी, जो हम अपने बच्चों को दिखा सकें। दरअसल उस लड़की का नाम रोमी था। रोमी को यह बात समझने में थोड़ी देर लगी कि कपिल उनके सामने शादी का प्रस्ताव रख रहे हैं, लेकिन उन्होंने हां कर दी। कपिल ने ट्रेन में यात्रा के दौरान रोमी के सामने अपना प्रस्ताव अपने ही स्टाईल में रखा।
-अपने 16 साल के करियर में कपिल देव ने 134 टेस्ट मैचों में 434 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने 8 सेंचुरी के साथ 5248 रन बनाए। कपिल टीम इंडिया के सबसे सफल ऑलराउंडर माने जाते हैं। उनकी ही कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 का वर्ल्ड कप खिताब जीता था।
- कपिल देव अपने समय के बेहतरीन ऑलराउंडर थे। उनके आंकड़े लाजवाब हैं। कपिल देव ने अपने करियर में 5248 रन बनाने के साथ 434 विकेट लिए हैं जो आज भी रिकॉर्ड है। वह अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 5000 रन और 400 विकेट के आंकड़े को पार किया है। क्रिकेट से संन्यास लिए उनका लगभग दो दशक बीत चुका।
-कपिल ने 225 वनडे मैचों में 23.79 की औसत से 3783 रन और 27.45 की औसत से 253 विकेट झटके हैं। उनके नाम पर कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं और क्रिकेट से जुड़े कई किस्से भी हैं। कपिल के रूप में टीम इंडिया को पहला ऐसा तेज गेंदबाज मिला था, जिसने विरोधी बल्लेबाजों के मन में खौफ भरना शुरू किया था।
-कपिल देव गेंदबाजी करते हुए कई बार 140-145 की गति को पार कर जाते थे लेकिन उन्होंने सही लाइन और लेंथ के लिए गति को धीरे धीरे कम किया।
- साल 1993-94 में ग्रीन पार्क स्टेडियम में कपिल देव रिचर्ड हेडली के 431 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए थे।
दरअसल, 90 के दशक में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कपिल देव का अंदाज ही कुछ अलग था। वो अपने समय के सबसे माहिर खिलाड़ी माने जाते थे। वो काफी साहसी, गंभीर और दूसरों को आगे की राह दिखाने के बारे अक्सर सोचते थे।