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बायो बबल थकान: टीम इंडिया की बड़ी चुनौती, इस पर काबू नहीं पाया तो प्रदर्शन होगा प्रभावित
Tue, 19 Oct 2021 06:47 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 19 Oct 2021 06:47 AM IST
सार
गेल ने तो विश्व कप केलिए अपने को तरोताजा करने के लिए आईपीएल के बायो बबल से आजादी ले ली थी। विशेषज्ञों को टीम इंडिया के लिए यही चिंता सताए जा रही है। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद भारतीय क्रिकेटर आईपीएल के बबल में शामिल हुए और अब वे वहां से सीधे विश्व कप के बबल से जुड़ गए हैं।
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विराट कोहली
- फोटो : Twitter@imVkohli
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विस्तार
कप्तान विराट कोहली ने कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर कुर्सी पर रस्सी से बंधे हुए जीभ निकली हुई फोटो पोस्ट की थी। उन्होंने इसका कैप्शन भी दिया था कि बायो बबल में रहकर खेलने से कुछ इस तरह की हालत हो जाती है। चाहें क्रिस गेल हों या फिर न्यूजीलैंड की टीम सभी बायो बबल को लेकर चिंता जता चुके हैं।
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गेल ने तो विश्व कप केलिए अपने को तरोताजा करने के लिए आईपीएल के बायो बबल से आजादी ले ली थी। विशेषज्ञों को टीम इंडिया के लिए यही चिंता सताए जा रही है। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद भारतीय क्रिकेटर आईपीएल के बबल में शामिल हुए और अब वे वहां से सीधे विश्व कप के बबल से जुड़ गए हैं। बीसीसीआई के मेडिकल सलाहकार डॉ. अशोक आहुजा का मानना है कि अगर टीम इंडिया ने इस पर काबू नहीं पाया तो विश्व कप में उनका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
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क्रिकेटरों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालेगा बबल
डॉ. आहुजा साफ करते हैं कि बायो बबल थकान अब आम हो रही है। फिर भारतीय क्रिकेटरों का बबल बहुत लंबा हो गया है। न्यूजीलैंड के क्रिकेटर भी कह चुके हैं कि बायो बबल के कारण उनका प्रदर्शन विश्व कप में प्रभावित हो सकता है। भारतीय क्रिकेटरों के लिए यह बायो बबल बड़े मनोवैज्ञानिक दबाव का कारण होगा। क्रिकेटरों के लिए दिमाग और शरीर की मांसपेशियों के बीच समन्वय बनाए रखना कठिन होगा। बबल में रोजाना एक ही तरह के आदमियों, जगह को देखकर कोई भी परेशान हो जाएगा। यहां मनोचिकित्सक की जरूरत होगी। बीसीसीआई ने इसके लिए व्यवस्था भी की है। बावजूद इसके यह बायो बबल प्रदर्शन पर जरूर असर डाल सकता है। बबल में अकेलेपन, बेचैने से मानसिक स्थिति खराब होती है, जिससे मानसिक थकान के मामले बढ़ सकते हैं।
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काफी कड़ा होगा विश्व कप का बायो बबल
आईसीसी ने विश्व कप के लिए इंग्लैंड की कंपनी वीएचपी से बायो बबल तैयार करवाया है। हर तीसरे दिन क्रिकेटर का आरटीपीसीआर टेस्ट होगा। लक्षण पाए जाने पर सात दिन के एकांतवास में भेजने जाने की व्यवस्था है। आईसीसी ने चार सदस्यी मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जिसमें बीसीसीआई के मेडिकल ऑफिसर अभिजीत साल्वी भी शामिल हैं। आईसीसी ने दर्शकों को अनुमति प्रदान की है ,जिससे यह बबल और भी चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि आईसीसी ने क्रिकेटरों के साथ किसी भी प्रशंसक के सेल्फी लेने पर रोक लगाई है। साथ ही क्रिकेटरों को अकेलापन महसूस नहीं हो इसके लिए उन्होंने पत्नी, गर्लफ्रेंड और परिवार के सदस्यों को बबल में रहने की अनुमति प्रदान की है।