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सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को लगाई फटकार, फैसला रखा सुरक्षित

Tue, 18 Oct 2016 12:53 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Oct 2016 12:53 AM IST
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BCCI said lodha committee recomndations might invoke an action of suspension from ICC
Supreme Court hearing on Saturday - फोटो : Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लोढ़ा कमेटी मामले पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई की फटकार लगाई है और कमेटी की अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित फैसले को सुरक्षित रखा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कुछ और वक्त मांगा है। इससे पहले बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर कर लोढ़ा कमेटी को अब तक नहीं लागू करने पर अपनी स्थित स्पष्ट की। सुप्रीम कोर्ट ने ठाकुर को हलफनामा देकर यह स्पष्ट करने को कहा था कि उन्होंने आईसीसी को यह कहने के लिए लिखा कि लोढ़ा समिति के सुझाव सरकारी दखल के समकक्ष है। आईसीसी के सीईओ डेव रिचर्डसन ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में ऐसा दावा किया था। 
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हलफनामा दायर करते हुए शशांक मनोहर के संदर्भ में ठाकुर ने कहा कि जब वह बीसीसीआई के अध्यक्ष थे तब उनका मानना था कि यदि बीसीसीआई लोढ़ा समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप सीएजी के सदस्य को शीर्ष समिति  में सीएजी के सदस्य को शामिल करती है तो यह  सरकारी हस्तक्षेप होगा। ऐसा करने पर आईसीसी बीसीसीआई की सदस्यता रद्द कर सकता है। इसलिए उन्होंने उनसे अनुरोध किया था कि वह वर्तमान में आईसीसी अध्यक्ष हैं इसलिए  उन्होंने उनसे इस संबंध  पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।
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अनुराग ठाकुर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे की अहम बातें

हमने लोढा पैनल की सिफारिशों का कभी विरोध नहीं किया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी से ये कहने के लिए नहीं कहा था कि ये सिफारिशें सरकारी दखल के समान हैं।

बतौर अध्यक्ष कुछ भी गलत नहीं किया।

आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर का कहना था कि लोढा कमेटी की सिफारिशें लागू करने से बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखलअंदाज़ी बढ़ जाएगी।

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शशांक मनोहर का ये भी मानना था कि सिफारिशें लागू करने से बीसीसीआई को आईसीसी का निलंबन भी झेलना पड़ सकता है।

सिफारिशों पर राज्य क्रिकेट संघों की राय लेनी होगी। बगैर उनकी रजामंदी के सिफारिशों को लागू नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल जुलाई में लोढा कमेटी की सिफारिशों पर अपनी मुहर लगाई थी। लेकिन बीसीसीआई 'एक राज्य एक वोट', उम्र और शीर्ष पदाधिकारियों का कार्यकाल तय करने समेत कई सिफारिशों का विरोध कर रहा है।

 
बोर्ड ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लेकर शनिवार को एक विशेष मीटिंग बुलाई थी और इस बैठक में बीसीसीआई ने लोढ़ा कमेटी के कुछ सुधारों पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया।बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने मीटिंग के बाद कहा था, हमारा मानना है कि इसके कुछ प्रावधानों पर अमल व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। बोर्ड के पूर्णकालिक सदस्यों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बीसीसीआई ने साफ तौर पर कहा कि ‘एक राज्य, एक वोट’, ‘एक व्यक्ति एक पद’ और ‘ब्रेक की अवधि’ विवादित मसले बने हुए हैं।
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