सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को लगाई फटकार, फैसला रखा सुरक्षित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हलफनामा दायर करते हुए शशांक मनोहर के संदर्भ में ठाकुर ने कहा कि जब वह बीसीसीआई के अध्यक्ष थे तब उनका मानना था कि यदि बीसीसीआई लोढ़ा समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप सीएजी के सदस्य को शीर्ष समिति में सीएजी के सदस्य को शामिल करती है तो यह सरकारी हस्तक्षेप होगा। ऐसा करने पर आईसीसी बीसीसीआई की सदस्यता रद्द कर सकता है। इसलिए उन्होंने उनसे अनुरोध किया था कि वह वर्तमान में आईसीसी अध्यक्ष हैं इसलिए उन्होंने उनसे इस संबंध पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।
अनुराग ठाकुर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे की अहम बातें
हमने लोढा पैनल की सिफारिशों का कभी विरोध नहीं किया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी से ये कहने के लिए नहीं कहा था कि ये सिफारिशें सरकारी दखल के समान हैं।
बतौर अध्यक्ष कुछ भी गलत नहीं किया।
आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर का कहना था कि लोढा कमेटी की सिफारिशें लागू करने से बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखलअंदाज़ी बढ़ जाएगी।
शशांक मनोहर का ये भी मानना था कि सिफारिशें लागू करने से बीसीसीआई को आईसीसी का निलंबन भी झेलना पड़ सकता है।
सिफारिशों पर राज्य क्रिकेट संघों की राय लेनी होगी। बगैर उनकी रजामंदी के सिफारिशों को लागू नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल जुलाई में लोढा कमेटी की सिफारिशों पर अपनी मुहर लगाई थी। लेकिन बीसीसीआई 'एक राज्य एक वोट', उम्र और शीर्ष पदाधिकारियों का कार्यकाल तय करने समेत कई सिफारिशों का विरोध कर रहा है।
Lodha Panel recommendation matter: BCCI chief Anurag Thakur files affidavit in Supreme Court
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
Pointed out to Chairman Shashank Manohar that when he was BCCI Pres he had taken a view that the recommendations..(ctd): Anurag Thakur
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
....of Justice Lodha committee appointing the nominee of CAG on apex council would amount to governmental interference..(ctd): Anurag Thakur
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
...& might invoke an action of suspension from ICC; therefore requested him that being the ICC Chairman can a letter be issued.(ctd): Thakur
— ANI (@ANI_news) October 17, 2016
बोर्ड ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लेकर शनिवार को एक विशेष मीटिंग बुलाई थी और इस बैठक में बीसीसीआई ने लोढ़ा कमेटी के कुछ सुधारों पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया।बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने मीटिंग के बाद कहा था, हमारा मानना है कि इसके कुछ प्रावधानों पर अमल व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। बोर्ड के पूर्णकालिक सदस्यों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बीसीसीआई ने साफ तौर पर कहा कि ‘एक राज्य, एक वोट’, ‘एक व्यक्ति एक पद’ और ‘ब्रेक की अवधि’ विवादित मसले बने हुए हैं।