AUSvIND: एडिलेड टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने डुबाई लुटिया, 36 रन पूरी टीम ढेर, मिली करारी हार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेला गया पहला डे-नाइट टेस्ट मैच तीन दिन के अंदर ही समाप्त हो गया। भारतीय बल्लेबाजों की कमजोर बल्लेबाजी की वजह से टीम को शर्मसार करने वाली हार मिली। दूसरी पारी में बढ़त के बावजूद टीम के बल्लेबाज उसका फायदा नहीं उठा पाए और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए। ऑस्ट्रेलिया ने यहां तीसरे दिन भारत के 90 रनों के लक्ष्य को दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 1-0 की बढ़त बना ली।
विराट का रनआउट टीम पर पड़ा भारी
इससे पहले शुक्रवार को शुरू हुए पहले टेस्ट मैच में विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके दोनों सलामी बल्लेबाज 32 रन के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बाद पुजारा और कप्तान कोहली ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम के स्कोर को 100 के पार ले गए। इससे पहले कि पुजारा अपना अर्धशतक पूरा कर पाते उन्हें लियोन ने 43 रन के स्कोर पर आउट कर दिया। इसके बाद कोहली और रहाणे ने पारी को आगे बढ़ाया और 88 रनों अहम साझेदारी की। इस समय तक भारतीय टीम अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी और कोहली अपने शतक की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन तभी रहाणे के एक मुश्किल रन लेने के फैसले में विराट को 74 रन पर अपना विकेट गंवाना पड़ा।
भारत ने पहली पारी में 56 रन पर गंवाए आखिरी छह विकेट
विराट के आउट होने पर भारत के स्कोर 188/4 हो गया, इस समय टीम को एक अच्छी साझेदारी की जरुरत थी लेकिन कुछ ही समय बाद उप-कप्तान रहाणे भी 42 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। विराट के आउट होने के बाद पूरी टीम बिखर गई और मात्र 56 रन जोड़कर 244 रन पर ऑलआउट हो गई।
कप्तान टिम पेन ने ऑस्ट्रेलिया को संभाला
भारतीय टीम के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और उसने भी अपने पहले दो विकेट 29 रन पर गंवा दिए। दोनों ही खिलाड़ियों को बुमराह ने पवेलियन भेजा। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ भी कुछ कमाल नहीं कर पाए और एक रन बनाकर अश्विन का शिकार बने। स्मिथ के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम लड़खड़ा गई और देखते-देखते उसके 111 रन पर सात विकेट गिर गए। एक समय ऑस्ट्रेलियाई टीम पर 150 से कम के स्कोर पर आउट होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन मार्नस लाबुशेन (47) और कप्तान टीम पेन के नाबाद 73 रनों की बदौलत मेजबान टीम 191 रन तक पहुंच गई।
भारत को मिली 53 रन की बढ़त
ऑस्ट्रेलिया के 191 रन पर ढेर होने की वजह से दूसरे दिन की समाप्ति से पहले भारतीय टीम के पास 53 रनों की बढ़त थी और फिर भारतीय टीम ने उसमें नौ रन और जोड़े जिसके बाद उसके पास 62 रनों की बढ़त हो गई थी, हालांकि पृथ्वी शॉ के रूप में उसका एक विकेट गिर चुका था और क्रीज पर मयंक अग्रवाल और नाइट वॉचमैन की भूमिका में उतरे बुमराह क्रीज पर मौजूद थे।
भारतीय बल्लेबाजों ने टेके घुटने
तीसरे दिन की शुरुआत में भारत अच्छी स्थिति में था और उसके बल्लेबाजों से उम्मीद की जा रही थी कि वह यहां पर एक अच्छा स्कोर बनाकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा लक्ष्य देते। लेकिन दिन के दूसरे ही ओवर में कमिंस ने बुमराह को आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया। इस वक्त भारत के दो विकेट पर 15 रन हो गए थे और उसके पास कुल 68 रनों की बढ़त हो गई थी। तब मैदान पर मयंक अग्रवाल और चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर मौजूद थे। हालांकि इसके बाद पुजारा शून्य पर आउट हुए और फिर देखते-देखते अग्रवाल, रहाणे, विराट कोहली समेत पूरी टीम इंडिया एक के बाद एक पवेलियन लौट गई और पूरी टीम 36 रन के अपने न्यूनतम स्कोर पर सिमट गई। भारत की तरफ से कोई भी बल्लेबाज दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच पाया जबकि ऑस्ट्रेलिया की तरफ से हेजलवुड ने आठ रन देकर पांच और कमिंस ने 21 रन देकर चार विकेट चटकाए।
बर्न्स की अर्धशतकीय पारी
वहीं भारत के 90 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तेजी से रन बटोरना शुरू किया और 21 ओवर के खेल में ही दो विकेट खोकर जीत अपने नाम कर ली। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से जो बर्न्स ने 51 रनों की नाबाद पारी खेली तो अश्विन ने एक विकेट अपने नाम किया।